गलत पोस्चर से कूबड़ (Hunchback) क्यों होता है? डॉक्टरों ने दी इसके 5 लक्षणों की जानकारी

Kyphosis What It Is Causes Symptoms and Treatment: गलत पोस्चर में बैठने के कारण इन दिनों लोगों में कूबड़ की समस्या तेजी से बढ़ रही है। आइए डॉ. आशीष से जानते हैं कूबड़ से जुड़ी सभी जानकारियां।

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Written By: Ashu Kumar Das | Published : April 23, 2026 7:03 PM IST

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Medically Verified By: Dr Ashis Acharya

Kyphosis What It Is Causes Symptoms and Treatment : आज के समय में मोबाइल और डेस्क जॉब के कारण लोगों का बैठने का पोस्चर खराब हो रहा है। गलत पोस्चर में बैठने के कारण लोगों झुकी हुई पीठ यानि की कूबड़ की समस्या हो रही है। नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के सीनियर ऑर्थोपेडिक और स्पोर्ट्स मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. आशीष आचार्य का कहना है कि कूबड़ की समस्या को मेडिकल की भाषा में Kyphosis कहा जाता है। कूबड़ मुख्य रूप से रीढ़ की हड्डी में हल्का कर्व होता है, लेकिन जब यह कर्व ज्यादा बढ़ जाता है, तो व्यक्ति झुका हुआ दिखने लगता है।कूबड़ की समस्या सिर्फ शरीर की बनावट पर असर नहीं डालती है। यह धीरे- धीरे रीढ़ की हड्डी, फिर मांसपेशियों और इसके बाद पूरे शरीर के संतुलन को प्रभावित करती है। कूबड़ की समस्या सिर्फ बुजुर्ग नहीं बल्कि बच्चों और युवाओं को भी हो सकती है।

गलत पोस्चर से कूबड़ कैसे बनता है?

डॉ. आशीष बताते हैं कि आज के दौर में गलत पोस्चर में बैठकर काम करने से कूबड़ बनना सबसे आम समस्या है। जब आप लंबे समय तक झुककर मोबाइल देखते हैं, खड़े रहते हैं या लैपटॉप की स्क्रीन पर काम करते हैं, तो इससे रीढ़ की हड्डी पर लगातार दबाव बनता है। इससे रीढ़ की हड्डी झुकने लगती है। आइए जानते हैं किसी व्यक्ति का कूबड़ कैसे बनता है।

  1. दिन का एक लंबा समय मोबाइल और लैपटॉप देखते समय आगे की ओर झककर बैठना।
  2. काम करते समय कंधों और सिर का आगे की ओर झुकना इससे पीठ की मांसपेशियां कमजोर और छाती की मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं। जो आगे चलकर कूबड़ का रूप ले लेती है।

कुछ लोगों में उम्र के साथ हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। इससे भी रीढ़ की हड्डी झुकने लगती है और कूबड़ की समस्या होने लगती है।

कूबड़ से बचने के लिए बैठने का पोस्चर ठीत करना जरूरी है।

कूबड़ के लक्षण क्या हैं?

कूबड़ के सामान्य लक्षणों में सामान्य लक्षणों में शामिल हैः

  1. पीठ का आगे की ओर झुकना
  2. गर्दन और कंधों में दर्द रहना
  3. शारीरिक थकान और कमजोरी
  4. सांस लेने में दिक्कत (गंभीर मामलों में)

क्या कूबड़ का इलाज हो सकता है?

हां, डॉ. आशीष का कहना है किसी भी व्यक्ति में कूबड़ का इलाज पूरी तरह से संभव है। कूबड़ का इलाज मुख्य रूप से इसकी गंभीरता और कारण पर निर्भर करता है।

  1. फिजियोथेरेपी (Physiotherapy)- कूबड़ अगर शुरुआती स्टेज में है तो फिजियोथेरेपी के जरिए इसे ठीक किया जा सकता है। फिजियोथेरेपी में स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग जैसी विभिन्न प्रकार की एक्सरसाइज करने से पोस्चर को सुधारने में मदद मिल सकती है।
  2. बैक ब्रेस- बच्चों और युवाओं में कूबड़ को सही करने के लिए डॉक्टर बैक ब्रेस का इस्तेमाल करते हैं। इस तकनीक से रीढ़ की हड्डी को सही पोजीशन में लेकर आने में मदद मिलती है।
  3. दवाएं- कूबड़ की परेशानी में कई बार लोगों को कमर में दर्द और सूजन की समस्या देखी जाती है। ऐसे में डॉक्टर दर्द को कम करने के लिए दवाओं का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं।

इसके अलावा कूबड़ अगर गंभीर स्थिति में पहुंच गया है तो इसे ठीक करने के लिए डॉक्टर सर्जरी की सलाह भी दे सकते हैं।

डॉक्टर कहते हैं कि रोजाना की गलत पोस्चर एक छोटी आदत को सुधारने से कूबड़ की समस्या से बचाव किया जा सकता है। वर्किंग प्रोफेशनल इस बात पर ध्यान दें तो कूबड़ जैसी गंभीर समस्या से बच सकते हैं।

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