
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 9, 2025 11:23 AM IST
Kya Uric Acid Me Dudh pi Sakte Hain: आज की गलत जीवनशैली, असंतुलित आहार और कम शारीरिक गतिविधि के कारण यूरिक एसिड बढ़ने के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। जंक फूड, रेड मीट, शराब और शक्कर युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन इस समस्या को और बढ़ा देता है। असल में यूरिक एसिड एक प्रकार का अपशिष्ट पदार्थ होता है, जो शरीर में प्यूरिन नामक तत्व के टूटने से बनता है। सामान्य मात्रा में यह यूरिन के माध्यम से बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह जोड़ों में जमा होकर गठिया (गाउट) जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। ऐसे में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। हालांकि कई लोग यह सवाल करते हैं कि क्या दूध पीने से यूरिक एसिड बढ़ता है?
दूध और डेयरी उत्पादों को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं, लेकिन वैज्ञानिक शोधों और पोषण विशेषज्ञों की मानें तो दूध यूरिक एसिड बढ़ने कारण नहीं बता है बल्कि इसे नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। दूध में मौजूद प्रोटीन – खासकर 'केसीन' और 'व्हे प्रोटीन' – शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मदद करते हैं।
- लो प्यूरीन फूड: दूध और इसके उत्पाद जैसे दही, छाछ और पनीर में प्यूरिन की मात्रा बहुत कम होती है। इसलिए इनका सेवन यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने में मदद करता है और गाउट होने का खतरा भी काफी हद तक कम कर सकता है।
- यूरिक एसिड का उत्सर्जन: दूध में मौजूद पोषक तत्व शरीर की किडनी को सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखते हैं। इससे फिल्ट्रेशन प्रक्रिया बेहतर होती है, जिससे अतिरिक्त यूरिक एसिड मूत्र के माध्यम से आसानी से बाहर निकल जाता है और शरीर संतुलित रहता है।
- कैल्शियम और विटामिन डी: दूध में कैल्शियम और विटामिन D होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। ये पोषक तत्व बढ़े हुए यूरिक एसिड से होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जिससे राहत मिलती है।
दूध पीना यूरिक एसिड के मरीजों के लिए न केवल सुरक्षित है, बल्कि लाभदायक भी है। नियमित, सीमित और सही तरीके से दूध का सेवन यूरिक एसिड को संतुलित रखने में मदद करता है। बढ़े हुए यूरिक एसिड वाले लोग फुल फैट दूध की बजाय टोन या स्किम्ड मिल्क का सेवन करें। दिन में एक से दो गिलास दूध पर्याप्त होता है। गर्म दूध में हल्दी या गोंद कतीरा मिलाकर भी पी सकते हैं, जो पाचन में सहायक होता है और सूजन को कम करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।