
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : April 12, 2021 2:10 PM IST
क्या 2021 से मास्क की तरह वैक्सीन पासपोर्ट भी होगा जरूरी? जानिए वैक्सीन पासपोर्ट से जुड़ी जरूरी बातें
यह सच है कि कोरोना वायरस ने लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है, लेकिन अब लोगों के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनिटाइजर का इस्तेमाल मानो अब न्यू नॉर्मल हो गया है। लेकिन इन तीनों चीजों के साथ 1 चीज और है जो साल 2021 में अनिवार्य हो सकती है और वो है वैक्सीन पासपोर्ट (Vaccine Passport)। जी हां, सही सुन रहे हैं आप वैक्सीन पासपोर्ट साल 2021 में अनिवार्य हो सकता है। क्या आपको नहीं पता कि वैक्सीन पासपोर्ट क्या होता है? घबराइए मत, आइए जानते हैं वैक्सीन पासपोर्ट के बारे में जरूरी बातें।
इसे आसान भाषा में कुछ इस तरह समझें कि वैक्सीन पासपोर्ट आरोगय सेतु की तरह एक मोबाइल एप होने वाला है जो इस बात का सबूत देगा कि आप कोरोना नेगेटिव हैं। यानि कि इससे यह पता पता चल सकेगा कि कोई व्यक्ति कोरोना निगेटिव (Corona Positive/Negative) है या नहीं। चाहे किसी इंसान को स्टेडियम जाना हो या किसी कॉन्सर्ट वेन्यू, ऑफिस, , सिनेमाघर या किसी दूसरे देश में भी, वैक्सीन पासपोर्ट एक एप की तरह काम करेगा। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि हो सकता है ये पासपोर्ट संक्रमण को रोकने में सहायता ना प्रदान करें, इसलिए हमेशा ही वायरस की दूसरी लहर की संभावना रहेगी।
1. अगर आप इस एप का इस्तेमाल करते हैं और चाहते हैं कि यह आपको सही जानकारी दे तो आपको इस एप में अपनी COVID-19 से संबंधित हर जानकारी को डालना होगा। यहां कि अगर आपने कोरोना के खिलाफ कोई वैक्सीन ली है या कोई टेस्ट कराया है तो उसकी जानकारी भी आपको वैक्सीन पासपोर्ट एप में मेंशन करनी होगी।
2. कई ऐसी टेक (Tech) कंपनिया हैं जो इस तरह के एप बना रही हैं। फिलहाल तो IBM नामक कंपनी ने डिजिटल हेल्थ पास नामक एप्लिकेशन विकसित की है। यह एप कंपनियों को लोगों की एंट्री करने की उनकी आवश्यकताओं के लिए स्कैन करने की अनुमति देता है, जिसमें कोरोना वायरस परीक्षण और तापमान जांच शामिल है।
3. WHO के अनुसार महामारी के इस बिंदु पर 'इम्युनिटी पासपोर्ट' या 'जोखिम-मुक्त प्रमाण पत्र' की सटीकता की गारंटी के लिए एंटीबॉडी-मध्यस्थता प्रतिरक्षा की प्रभावशीलता के बारे में फिलहाल सबूत नहीं हैं। यह भी कहा गया है कि इससे प्रमाणपत्रों की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।