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क्या डायबिटीज होने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है? जानिये एक्सपर्ट की राय

डायबिटीज के मरीजों की कीमोथेरेपी करवाना बहुत ही खतरनाक है और इससे उन्हें नर्व डैमेज जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती हैं।

अपने देश में डायबिटीज और कैंसर से पीड़ित मरीजों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। हालांकि डायबिटीज को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है लेकिन कैंसर अभी भी लाइलाज ही है। डायबिटीज के मरीजों में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें आगे चलकर उन्हें कैंसर की समस्या होने लगती है। भारत में इस तरह के मामलों की संख्या काफी ज्यादा है और इसलिए अपने देश को डायबिटीज कैपिटल का दर्जा मिला हुआ है। इस आर्टिकल में हम आपको डायबिटीज से होने वाले कैंसर के खतरे और उपाय के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

डायबिटीज और कैंसर का संबंध : भुवनेश्वर स्थित एसयूएम हॉस्पिटल के मेडिकल ओंकोलोजिस्ट डॉ. सौरव मिश्र बताते हैं कि ऐसे कई मामले सामने आये हैं जिनमें डायबिटीज के मरीजों में कैंसर का  खतरा ज्यादा पाया गया है लेकिन अभी तक इसके स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। कई शोधों में अभी तक इस बात की पुष्टि हुई है कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में कुछ ऐसे लक्षण पाए जाते हैं जो कैंसर को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा डायबिटीज से होने वाली कुछ समस्याएं जैसे कि मोटापा, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, हाई ब्लड प्रेशर के कारण भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

क्या डायबिटीज होने से कैंसर होना तय है? : यह बात गलत है कि हर डायबिटीज के मरीज को कैंसर का खतरा रहता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है बल्कि सच यह है कि डायबिटीज के कारण कुछ समस्याएं ऐसी होने लगती हैं जो कैंसर को बढ़ावा देती हैं। उदाहरण के लिए डॉ. मिश्रा बताते हैं कि डायबिटीज के मरीजों में होने वाला कुशिंग सिंड्रोम यह दर्शाता है कि उनकी फेफड़ों की कोशिकाओं में छोटा-सा कैंसर पनप रहा है।

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कैंसर और डायबिटीज के लिए क्या चीजें जिम्मेदार हैं : ऐसी कई चीजे हैं जिसकी वजह से डायबिटीज के मरीजों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। आइये जानते हैं उनमें से कुछ प्रमुख कारक-

बढ़ती उम्र : उम्र के बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज का खतरा भी बढ़ने लगता है। उसी तरह लगभग 78% कैंसर के मरीजों की औसत उम्र भी 55 साल से ज्यादा होती है।

सेक्स : अगर हम कैंसर के खतरे की बात करें तो यह तय है कि पुरुषों में कैंसर का खतरा महिलाओं कि तुलना में ज्यादा होता है। वहीँ पुरुषों में डायबिटीज का खतरा भी महिलाओं की तुलना में ज्यादा होता है।

मोटापा : जिन लोगों का बीएमआई इंडेक्स ज्यादा होता है उनमें कैंसर और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

फिजिकल एक्टिविटी : जो लोग रोजाना बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करते हैं और जिनकी  फिजिकल एक्टिविटी एकदम कम होती है। उनमें कैंसर और डायबिटीज दोनों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

स्मोकिंग : फेफड़ों का कैंसर होने का सबसे मुख्य कारण है धूम्रपान करना। जो लोग बहुत अधिक मात्रा में सिगरेट पीते हैं उनमें कैंसर हना लगभग तय है। आपको बता दें कि कैंसर के अलावा सिगरेट पीने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

कैंसर और डायबिटीज का साथ में इलाज : डॉ मिश्र कहते हैं कि जब कैंसर का इलाज करवाया जाता है तो वह डायबिटीज के ट्रीटमेंट को प्रभावित करता है। कैंसर के उपचार के लिए कीमोथेरेपी की जाती है इससे शरीर में टॉक्सिक की मात्रा बढ़ सकती है और किडनी फेल हो सकती है। डॉ. बताते हैं कि डायबिटीज के मरीजों की कीमोथेरेपी करवाना बहुत ही खतरनाक है और इससे उन्हें नर्व डैमेज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

डायबिटीज और कैंसर को ठीक करने के लिए कौन सा इलाज कराएं: जो लोग डायबिटीज और कैंसर दोनों से पीड़ित हैं उनके लिए इसका इलाज करवाना काफी मुश्किल हो जाता है। डॉ. मिश्र कहते हैं कि पहले एक बीमारी को पूरी तरह ठीक करना फिर दूसरे पर ध्यान देना बहुत ही गलत तरीका है। इसकी बजाय डायबिटीज को कंट्रोल करते रहना चाहिए और उसी समय कैंसर का भी इलाज साथ में होना चाहिए। इसलिए यह ज़रूरी है कि आप साथ में दोनों का इलाज कराएं और दोनों डॉक्टरों के संपर्क में रहें।

लाइफस्टाइल में बदलाव : डायबिटीज के मरीजों को अपना वजन पर नियंत्रण ज़रूर रखना चाहिए। इसके अलावा उन्हें रोजाना एक्सरसाइज करना चाहिए और डायट में फाइबर को अधिक से अधिक शामिल करना चाहिए। इस दौरान सिगरेट और शराब से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।

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अनुवादक: Anoop Singh

चित्र स्रोत: Shutterstock

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