
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : September 9, 2021 12:24 PM IST
Image credits by: सिंड्रोम की स्थिति में एक साथ कई तरह की बीमारियों के लक्षण और संकेत दिखने लगते हैं.
जब भी कोई व्यक्ति किसी शारीरिक या मानसिक स्वास्थ्य में असामान्यता के चलते डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर जांच के बाद या तो किसी बीमारी को कारण बताते हैं या फिर डिसऑर्डर या सिंड्रोम को वजह मानते हैं। डॉक्टर चाहे इन तीनों में से किसी भी शब्द का इस्तेमाल करें, किसी आम व्यक्ति के लिए ये तीनों शब्द एक समान हैं। जबकि मेडिकल में इन सभी टर्म का अपना-अपना मतलब है और तीनों ही एक दूसरे से एकदम अलग हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं बीमारी, डिसऑर्डर और सिंड्रोम (Difference Between Disease, Disorder Or Syndrome) में क्या अंतर है।
यह वो स्थिति होती है जब किसी व्यक्ति के शरीर का कोई अंग प्रभावित होकर क्षतिग्रस्त होने लगता है और डॉक्टर इलाज की मदद से इसे सही करने का प्रयास करते हैं। इस स्थिति में शरीर कुछ लक्षण और साइन दिखाता है जिन्हें समझकर डॉक्टर इलाज करते हैं। इस प्रकार या तो पूरी बीमारी या उसका एक हिस्सा शरीर को इस तरह प्रभावित करता है कि वह अंग सामान्य रूप से कार्य करने में असमर्थ हो जाता है। उदाहरण के लिए समझिए कि किसी व्यक्ति को एडीज नामक संक्रमित मच्छर ने काट दिया है तो उसे डेंगू हो जाएगा। जैसे ही शरीर डेंगू की चपेट में आएगा, इसके लक्षण जैसे कि बुखार, उल्टियां होना, प्लेटलेट्स का तेजी से कम होना, कमजोरी और सिर में दर्द आदि दिखने लगते हैं। बीमारी के अन्य उदाहरण, कैंसर, डायबिटीज, निमोनिया, चिकनपॉक्स और टायफाइड आदि हैं।
डिसऑर्डर उस स्थिति को कहते हैं जब किसी व्यक्ति के शारीरिक या मानसिक स्वासथ्य के कार्यों में गड़बड़ी होने लगती है। दूसरे शब्दों में, जब माइंड, बॉडी सा सोल के सामान्य कामकाज में असामान्यता या हानि होने लगती हैं। जैसे कि जब कोई व्यक्ति इटिंग डिसऑर्डर का शिकार होता है तो उसके खाने का तरीका पूरी तरह से बदल जाता है। जिसके चलते या तो वो व्यक्ति पहले की तुलना में ज्यादा खाने लगेगा या फिर बहुत कम खाएगा। बीमारी की तरह डिसऑर्डर का कोई सटीक कारण नहीं होता है। डिसऑर्डर की स्थिति में डॉक्टर मरीज की पर्सनल मेडिकल हिस्ट्री चेक करते हैं। डिसऑर्डर के अन्य उदाहरण हैं- बाइपोलर डिसऑर्डर, स्लिप डिसऑर्डर (इनसोमनिया और हाइपरसोमिया) और सिजोफ्रेनिया।
सिंड्रोम की स्थिति में एक साथ कई तरह की बीमारियों के लक्षण और संकेत दिखने लगते हैं। ये लक्षण एक दूसरे से मिलते हुए भी हो सकते हैं और अलग भी हो सकते हैं। कई बार सिंड्रोम का कोई विशेष कारण पता नहीं चल पाता है। सिंड्रोम के उदाहण में डाउन सिंड्रोम, कैपग्रस सिंड्रोम, कार्पल टनल सिंड्रोम, पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम और वेबर सिंड्रोम।
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