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महिलाओं में पीसीओडी और मोटापे में क्या संबंध है, इसका उपचार कैसे करते हैं?

PCOD and Obesity: पीसीओडी एक हार्मोनल असंतुलन की ऐसी स्थिति है जिसमे मोटापा कम करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।

महिलाओं में पीसीओडी और मोटापे में क्या संबंध है, इसका उपचार कैसे करते हैं?
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Chanchal Sharma

Written by Atul Modi |Updated : July 24, 2024 10:39 AM IST

वजन बढ़ना आजकल एक सामान्य सी बात हो गयी है, जिससे लगभग हर महिला अपनी पूरी जिंदगी में कभी ना कभी जरूर परेशान होती है। अगर आपका वजन खाने पीने की गलत आदतों या जीवनशैली में बदलाव के कारण बढ़ रहा है तो उसे कम करना आसान होता है। लेकिन अगर आपका वजन हार्मोनल असंतुलन के कारण बढ़ा है तो उसे कम करना मुश्किल होता है। पीसीओडी ऐसी ही एक हार्मोनल समस्या है जिसकी वजह से महिलाओं का वजन बढ़ने लगता है और फिर इससे ग्रसित महिला को मोटापा कम करने के लिए लगातार संघर्षरत रहना पड़ता है।

महिलाओं में पीसीओडी और मोटापे का सम्बन्ध

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा इस सम्बन्ध में बताते हुए कहती हैं कि, पीसीओडी के ग्रसित महिलाओं में पुरुष हॉर्मोन एंड्रोजन की अधिकता होती है, जो उनकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। ऐसी महिलाओं की सवेंदनशीलता इन्सुलिन के प्रति कम होती है। पीसीओडी से पीड़ित महिला के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन नामक स्त्री हॉर्मोन की कमी हो जाती है। महिलाओं का मेटाबोलिज्म स्लो हो जाता है और किसी भी खाने को पचाने में सामान्य से अधिक समय लगता है। ऐसे में महिलाएं थकान महसुस करती हैं और वजन भी बढ़ने लगता है। पीसीओडी वाली महिलाएं एक्सरसाइज करने में या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी में थकान महसूस करती हैं। इनके लिए वजन कम करना किसी चुनौती से कम नहीं होता। पीसीओडी एक हार्मोनल असंतुलन की ऐसी स्थिति है जिसमे मोटापा कम करने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से सामान्य महिलाओं की तुलना में अधिक एक्सरसाइज करनी चाहिए।

पीसीओडी के कारण बढ़ने वाले मोटापे को महिलाएं कैसे कम कर सकती हैं?

पीसीओडी से पीड़ित महिलाएं अगर अपने जीवनशैली, खानपान और एक्सरसाइज का ध्यान रखें तो वजन कम करके मोटापे की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं।

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एडेड शुगर से परहेज करें : जिन महिलाओं को पीसीओडी की समस्या है उनको यह सलाह दी जाती है कि वो ऐसे खाद्य पदार्थों से परहेज करें जिसमे कैलोरी ज्यादा होती है और आर्टिफीसियल मिठास होती है क्यूंकि इस एडेड शुगर से आपका वजन तेजी से बढ़ सकता है और उसे कम करने में आपको परेशानी हो सकती है।

कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करें : पीसीओडी से प्रभावित महिलाओं के हार्मोन्स इन्सुलिन के इफेक्ट्स को नोटिस करना बंद कर देते हैं। इसलिए महिलाओं को यह सुझाव दिया जाता है कि वो अपने आहार में कार्बोहाईड्रेट को कम करें क्यूंकि इससे आपका वजन बढ़ सकता है।

प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं : अगर आपने नोटिस किया हो तो अक्सर लोग जो डाइट पर ध्यान देते हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं वो अपने आहार में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा लेते हैं। कभी सोचा है वो ऐसा क्यों करते हैं? दरअसल प्रोटीन कैलोरी बर्न करने में मदद करता है और भूख भी कम लगती है। आप प्रोटीन के लिए अंडे, दूध, स्प्राउट्स, सोयाबीन, नट्स आदि को अपने आहार में शामिल कर सकती हैं।

फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करें : पीसीओडी से ग्रसित महिलाओं को अपने भोजन में भरपूर मात्रा में फाइबर को शामिल करें। फाइबर युक्त भोजन से आपका ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है और पेट भी भरा भरा रहता है जिससे आपका कैलोरी इनटेक कम होता है और वजन नियंत्रित करने से सहायता मिलती है। इसके लिए आप आने आहार में ओट्स, दालें, सीड्स, ताजे फल, दलिया, साबुत अनाज आदि शामिल कर सकती हैं।

प्रोसेस्ड और फ़ास्ट फ़ूड से परहेज करें: पीसीओडी के कारण जिन महिलाओं को मोटापे का सामना करना पड़ता है, उन्हें हमेशा पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए और बाहर के अनहाइजेनिक, प्रोसेस्ड फ़ूड आइटम्स से परहेज करना चाहिए क्यूंकि ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से आपका वजन बढ़ सकता है।

नियमित एक्सरसाइज करें : पीसीओडी वाली महिलाओं को नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। उन्हें रोजाना लगभग 5 किमी तक घूमना चाहिए और इसके अलावे कुछ ब्रीथिंग एक्सरसाइज तथा स्ट्रेचिंग जरूर जरूर करनी चाहिए। इससे आपका वजन कम करने में मदद मिलेगी।

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योग करें : पीसीओडी से प्रभावित महिलाएं मोटापा कम करने के लिए कुछ ख़ास योगासन कर सकती हैं जैसे- त्रिकोणासन, मंडूकासन, भुजंगासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, आदि।

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