
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : September 14, 2020 11:11 AM IST
क्या डायबिटीज और मुंह की बदबू के बीच कोई रिश्ता है? जानिए क्या कहते हैं डॉक्टर्स
मुंह से बदबू आने के कई कारण हो सकते हैं। अक्सर जब मुंह की सफाई सही से नहीं होती या पेट साफ नहीं होता तो मुंह से दुर्गंध आती है। या फिर लहसुन और प्याज जैसी चीजों का सेवन भी मुंह से बदबू आने का कारण बनता है। लेकिन अगर आपका पेट भी साफ रहता है और आप ओरल हाइजीन भी मेनटेन रखते हैं, इसके बावजूद मुंह से बदबू आती तो आपको बता दें कि कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी मुंह की बदबू का कारण बन सकती हैं। जिनमें सबसे पहला नाम डायबिटीज है। जी हां, डायबिटीज के मरीजों में मुंह से बदबू आना आम बात है। डायबिटीज के अलावा किडनी की समस्या, अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस और फेफड़ों का कैंसर भी मुंह से दुर्गंध आने का कारण बन सकता है। लेकिन यहां हमारा सवाल है कि डायबिटीज मरीजों को क्यों होती है मुंह से बदबू की समस्या और इससे कैसे निपटा जाए? तो आइए जानते हैं-
डॉक्टर्स कहते हैं कि, डायबिटीज के मरीजों के ब्लड में केटोन्स की उच्च मात्रा मुंह की बदबू का कारण बनती है। मधुमेह के रोगियों में या तो शरीर इंसुलिन प्रतिरोधी हो जाता है या पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर पाता है। इसके कारण, हमारे कोशिकाओं को हमारे शरीर को ईंधन देने के लिए आवश्यक ग्लूकोज नहीं मिलता है। इसकी भरपाई करने के लिए
, हम शरीर के विभिन्न कार्यों को करने के लिए ऊर्जा का उत्पादन करने के लिए फैट बर्न करना शुरू करते हैं। जब कोशिकाओं में जमा फैट ग्लूकोज बनाने के बजाय बर्न होने लगता है तो यह केटोन्स का उत्पादन करता है, जो ब्लड और पेशाब में निर्माण शुरू करते हैं। शरीर में मौजूद केटोन्स का उच्च स्तर मुंह की बदबू का कारण बनता है।
शरीर में केटोन्स का हाई लेवल सिर्फ मुंह की बदबू ही नहीं बल्कि और भी कई रोगों का कारण बनता है, जिसे डायबिटिक केटोएसिडोसिस (DKA) कहा जाता है। यह स्थिति अक्सर टाइप 1 मधुमेह पीड़ितों में देखी जाती है। जब ब्लड में कीटोन्स की मात्रा बढ़ जाती है तो शरीर में निम्न लक्षण दिखने लगते हैं:
सांसों से मीठी और फ्रूटी गंध आना
लगातार पेशाब आना
पेट में दर्द
उल्टी या मतली की समस्या
उच्च रक्त शर्करा का स्तर
सांस की कमी होना
दिन में कम से कम 2 बार अपने दांत साफ करें
ब्रश करते वक्त जीभ साफ करना और फ्लॉस करना न भूलें
खुद को ज्यादा से ज्यादा हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए पानी पीते रहें
अपने ब्लड शुगर के स्तर पर नज़र रखें या नियमित जांच कराते रहें
लार को उत्तेजित करने के लिए चीनी मुक्त टकसाल या गोंद का उपयोग करें।
अपने डेंटिस्ट के पास नियमित रूप से जाएं