
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Symptom of Low Blood Pressure levels: शरीर में ब्लड सर्कुलेशन के साथ-साथ ब्लड प्रेशर का सही लेवल होना भी स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन अनियमित ब्लड प्रेशर लेवल्स आज के दौर में लोगों को होनेवाली स्वास्थ्य समस्याओं में से एक प्रमुख समस्या है। कोरोना महामारी (Corona Pandemic) ने हमें यह सिखा दिया है कि हमें सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने स्वास्थ्य को देनी चाहिए। अगर आप किसी भी तरह का बदलाव या कोई लक्षण महसूस कर रहे हैं तो बिना झिझक के और देरी के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आपको पता ही होगा कि हमारे शरीर को चलाने में ब्लड यानि कि खून बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। यदि इसके फ्लो में जरा भी गड़बड़ हो तो कई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। जब धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है तो हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) की स्थिति हो जाती है और जब कम होता है तो ब्लड प्रेशर लो (Low Blood Pressure) हो जाता है। हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन (Hypertension) भी कहते हैं। यदि इसे समय रहते कंट्रोल न किया जाए तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक की संभावना रहती है। इसी तरह लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) को हाइपोटेंशन (Hypotension) कहते हैं। ब्लड प्रेशर का लो होना (bp low ke lakshan) भी शरीर के लिए सही नहीं है। इस स्थिति में भी कई बीमारियों का खतरा रहता है। आज हम आपको बता रहे हैं कि हाइपोटेंशन क्या होता है और इसके लक्षण (Hypotension Symptoms) क्या हैं
हाइपोटेंशन को लो ब्लड प्रेशर (Low blood pressure ) भी कहते हैं। जब बॉडी में ब्लड का फ्लो सामान्य से कम हो जाता है तो ये स्थिति लो ब्लड प्रेशर की होती है। लो ब्लड प्रेशर होने पर ब्रेन तक ऑक्सीजन और अन्य पोषक तत्व समय पर नहीं पहुंचते हैं। हाइपोटेंशन होने पर शरीर पहले कुछ लक्षण देता है। यदि समय पर इन्हें समझकर इलाज शुरू नहीं किया गया तो ये स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। एक सामान्य वयस्क व्यक्ति का नॉर्मल ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होता है। जब, ब्लड प्रेशर इससे कम हो जाता है तो इसे हाइपोटेंशन या लो ब्लड प्रशर कहा जाता है।
ब्लड प्रेशर का बहुत कम हो जाना या हाइपोटेंशन विभिन्न कारणों से हो सकता है, जिसमें निर्जलीकरण (Dehydration), लंबे समय तक बेड रेस्ट पर रहना, गर्भावस्था (pregnancy), डायबिटीज, दिल की समस्याएं, सीने में जलन, एसिडिटी, अत्यधिक गर्मी, वैरिकाज़ नसों का चौड़ा होना और कुछ तंत्रिका संबंधी विकार शामिल हैं। ये सभी कारण अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करती हैं।
हाइपोंटेंशन के लक्षणों (hypotension symptoms and signs) की बात करें तो, ये हर किसी में अलग हो सकते हैं। हालांकि कुछ लक्षण (bp low ke lakshan) इनमें सामन्य नजर आते हैं जैसे कि बेहोशी, डिहाइड्रेशन, बुखार, उल्टी, गंभीर दस्त। इसके अलावा रोजमर्रा के काम के दौरान एकाग्रता का अभाव महसूस करना, धुंधली दृष्टि, ठंडी, चिपचिपी और पीली त्वचा। साथ ही लंबे समय तक थकान महसूस करना भी हाइपोटेंशन के लक्षण (bp low ke lakshan) हैं। इसके अलावा भी शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं जैसे कि
लो ब्लड प्रेशर की समस्या को कभी भी नजरअंदाज ना करें। आपके शरीर में विभिन्न प्रकार के लक्षण और संकेत नजर आएं तो अपने डॉक्टर के पास जाएं और ब्लड प्रेशर चेक करवाएं। क्यों इसे नजरअंदाज करना जानलेवा भी हो सकता है।