डायबिटीज में आंखों की देखभाल कैसे करें? जानिए कैसे बढ़ेगी रोशनी
Eye care in Diabetes And Obesity : डायबिटीज और मोटापा की वजह से आंखों में डायबीटिक रेटिनोपैथी, ग्लूकोमा जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि उचित देखभाल से इन समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है। आईए जानते हैं।
Eye care in Diabetes And Obesity : कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो अगर एक बार हो जाएं तो उन्हें कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है, इनमें डायबिटीज और मोटापा भी शामिल है। इन बीमारियों में शरीर के विभिन्न अंगों पर भी काफी प्रभाव पड़ता है। डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित लोगों में डायबिटीज रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद और ग्लूकोमा जैसे आंखों से संबंधित गम्भीर समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि आंखों की उचित देखभाल और नियमित निगरानी से इन समस्याओं को कंट्रोल किया जा सकता है। आज के इस लेख में हम जानेंगे कि डायबिटीज और मोटापा से ग्रसित व्यक्तियों को आंखों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करना चाहिए।
आंखों की नियमित जांच - Regular Eye Checkup
डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से आखों की जांच करवानी चाहिए। अगर डायबिटीज अनियंत्रित हो जाता है, तो डायबिटिक रेटिनोपैथी का कारण बन सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें रेटिना की ब्लड वेन्स क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। मोटापा से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है, जिससे ग्लूकोमा और आंखों से संबंधित अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि डायबिटीज के रोगियों को साल में कम-से-कम एक बार आंखों की जांच करवानी चाहिए। क्योंकि समस्याओं का जल्दी पता लगने से, उसे कंट्रोल करना आसान होता है।
ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करें - Control Blood Sugar Level
आंखों की समस्याओं को रोकने के लिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखें। ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होने से रेटिना में ब्लड वेन्स को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे डायबिटिक रेटिनोपैथी हो सकती है। हाई ब्लड शुगर के कारण आंखों की लेंस में भी सूज आ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप दृष्टि धुंधली हो सकती है। डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार, दवा और नियमित रूप से एक्सरसाइज कर सकते हैं।
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें - Control Blood Pressure and Cholesterol
डायबिटीज और मोटापा दोनों से ही हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल का जोखिम बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर आपकी आंखों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर आंखों में ब्लड वेन्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जबकि हाई कोलेस्ट्रॉल रेटिना में जमा होने वाले अपशिष्ट पदार्थों को बढ़ाने में मदद कर सकती है, जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। दवाओं और जीवन शैली में बदलाव के माध्यम से हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल किया जा सकता है।
स्वस्थ आहार अपनाएं - Healthy Diet
एक संतुलित आहार आंखों को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर ऐसे लोगों के लिए जो डायबिटीज और मोटापे के शिकार हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे पत्तेदार हरी सब्जियां, फल और मेवे खाने से आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से बचाने में मदद मिल सकती है। सैल्मन जैसी मछलियों में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं और ड्राई आई सिंड्रोम के जोखिम को कम कर सकते हैं।
नियमित एक्सरसाइज - Regular Exercise
नियमित एक्सरसाइज करने से डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड शुगर लेवल और आंखों से संबंधित जोखिम को कंट्रोल किया जा सकता है। एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा जैसी बीमारियों के विकास की संभावना को कम करने में भी मदद करता है। आप अपने एक्सरसाइज में वॉकिंग, स्विमिंग और योग को शामिल कर सकते हैं।
धूम्रपान छोड़ें - Quit Smoking
धूम्रपान से मोतियाबिंद और डायबिटिक रेटिनोपैथी सहित कई नेत्र रोगों का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान से ब्लड वेन्स संकुचित होती है, जिसकी वजह से आंखों में ब्लड ब्लड सप्लाई कम हो जाती है, इससे दृष्टि से संबंधित समस्याएं और भी बढ़ सकती हैं। धूम्रपान को छोड़कर आप आंखों से संबंधित कई बीमारियों के जोखिम से बच सकते हैं।