सर्दियों में अचानक बढ़ने-घटने लगती है हार्ट रेट, जानिए उम्र के हिसाब से कितनी होनी चाहिए नार्मल हार्ट रेट

कुछ लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं होती है कि उनकी उम्र के हिसाब से उनकी हार्ट रेट कितनी होनी चाहिए। हार्ट रेट से मतलब है दिल के एक मिनट में धड़कने की संख्‍या, जो कि शरीर की ऑक्‍सीजन का अवशोषण करने और कार्बन डाइ ऑक्‍साइड का उत्‍सर्जन करने की आवश्‍यकता के मुताबिक अलग-अलग हो सकती है। यदि हार्ट रेट में थोड़ी सी भी गड़बड़ आ गई तो व्यक्ति की जान को नुकसान हो सकता है। इसलिए आज इस लेख में हम उम्र के हिसाब से हार्ट रेट बता रहे हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : October 15, 2020 11:13 AM IST

हृदय इंसान के शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। दिल पूरे शरीर में खून की सप्लाई कर बॉडी को एक्टिव रखता है। यदि हृदय को अपने कामकाज करने में जरा भी दिक्कत आए तो स्थिति जानलेवा हो सकती है। इतने महत्वपूर्ण अंग होने के बावजूद लोग अपने दिल के स्वास्थ्य को लेकर उतने गंभीर नहीं होते हैं जितना कि होना चाहिए। कई लोग तो ऐसे हैं जिन्हें यह पता ही नहीं होता है कि उनका दिल सही तरह से धड़क भी रहा या नहीं है। साथ ही कुछ लोगों को इस बात की जानकारी भी नहीं होती है कि उनकी उम्र के हिसाब से उनकी हार्ट रेट कितनी होनी चाहिए। हार्ट रेट से मतलब है दिल के एक मिनट में धड़कने की संख्‍या, जो कि शरीर की ऑक्‍सीजन का अवशोषण करने और कार्बन डाइ ऑक्‍साइड का उत्‍सर्जन करने की आवश्‍यकता के मुताबिक अलग-अलग हो सकती है। यदि हार्ट रेट में थोड़ी सी भी गड़बड़ आ गई तो व्यक्ति की जान को नुकसान हो सकता है। इसलिए आज इस लेख में हम उम्र के हिसाब से हार्ट रेट बता रहे हैं।

दिल की धड़कन के आसामान्य होने के लक्षण

सही नहीं है दिल की धड़कन का बढ़ना

जब कोई व्यक्ति ज्यादा मेहनत वाला या शारीरिक बल वाला काम करता है तो उसकी हार्ट रेट का बढ़ना सामान्य है। साथ ही जब कोई खुशी की या दुख की खबर सुनने को मिलती है तब भी अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाती है। लेकिन यदि रोजमर्रा के काम करते हुए भी आपको अपनी धड़कन बढ़ती हुई महसूस हो तो सावधान हो जाएं। दिल की धड़कन यानी हार्ट रेट (हृदय गति) का बढ़ना खतरनाक हो सकता है। ये दिल की कई गंभीर समस्याएं जैसे- हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, कार्डियक अरेस्ट, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर, आदि का कारण बन सकता है। नॉर्मल वस्था में आपका दिल 60 से 100 बार तक धड़कना चाहिए। वहीं डॉक्टर 120 से ज्यादा हार्ट रेट को स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हैं।

उम्र के हिसाब से इतनी होनी चाहिए आपकी हार्ट रेट

नवजात 0 से 1 महीने तक के ​शिशु तक : 70 to 190 bpm

1 महीने के शिशु से 11 महीने के शिशु तक : 80 to 160 pm

1 से 2 साल के बच्चे की : 80 to 130 bpm

3 से 4 साल के ​बच्चे की : 80 to 120 bpm

5 से 6 साल के बच्चे की : 75 to 115 bpm

7 से 9 साल के बच्चे की: 70 to 100 bpm

10 साल से बुजुर्गों तक : 60 to 100 bpm

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खानपान का रखें विशेष ध्‍यान

अगर आपका कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है या कभी हार्ट अटैक आया है, तो आपको अपना खानपान बहुत संतुलित रखना चाहिए। जो लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं, वो भी अगर अपने खानपान में हेल्दी चीजें शामिल करेंगे, तो हार्ट अटैक के खतरे को टाला जा सकता है। दिल के रोगों में बादाम, अखरोट, काजू, मछली, अंडा आदि का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा रंगीन फलों और सब्जियों का सेवन रोजाना करते रहें। ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे।

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