अंधेपन का कारण बन सकता है मोतियाबिंद, इन 5 संकेतों से जानिए आपको मोतियाबिंद है या नहीं
आमतौर पर मोतियाबिंद बढ़ती हुई उम्र की वजह से होता है। जिससे नजरें कमजोर हो सकती हैं। हमारी आंखों के अंदर एक नेचुरल लेंस मौजूद होता है। जब यह लेंस धूमिल होने लगता है, तब मोतियाबिंद विकसित होता है।
अगर किसी को मोतियाबिंद हो जाए तो, उस व्यक्ति का साफ देख पाना मुश्किल हो सकता है। समय के साथ मोतियाबिंद अंधेपन का कारण बन सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह समस्या अक्सर बढ़ती हुई उम्र के लोगों को ज्यादा परेशान करती है। लेकिन कभी कभी यह कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल सकती है। सामान्य तौर पर आंख में रोशनी लेंस के जरिये अंदर जाती है। यह जानकारी हमारे लिए रेटिना से दिमाग तक जाती है, ताकि हमें इस बात का पता चल सके कि, हम क्या देख रहे हैं। आईरिस के पीछे मौजूद लेंस प्रोटीन से बना होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे यह प्रोटीन बदलने लगता है और देखने की क्षमता कम होती चली जाती है। मोतियाबिंद की शुरुआत में देखने से जुड़ी समस्या की शिकायत कम होती है। अगर आपको कुछ परेशानी हो रही है, तो उसका इलाज चश्मा पहनकर भी किया जा सकता है। मोतियाबिंद के बढ़ने की वजह से लोगों को रात में गाड़ी चलाते वक्त साफ देखने में समस्या महसूस हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए, इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना जरूरी है।
मोतियाबिंद के लक्षण - (Symptoms of Cataract In Hindi)
धुंधला दिखना
किसी भी दूरी पर धुंधली नजर मोतियाबिंद का सबसे आम लक्षण है। जैसे-जैसे मोतियाबिंद की स्थिति बिगड़ती है, उतनी ही कम रोशनी रेटिना तक पहुंचती है। मोतियाबिंद वाले लोगों को रात में देखने और गाड़ी चलाने में खास तौर पर समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
ज्यादा रोशनी
मोतियाबिंद के शुरुआती लक्षणों की बात करें, तो आपको तेज धूप में देखने में परेशानी हो सकती है। घर के अंदर की रौशनी भी आपको काफी तेज लग सकती है। इतना ही नहीं स्ट्रीट लाइट और हेड लाइट्स की तेज रोशनी की वजह से आपको रात में ड्राइविंग करने में समस्या हो सकती है।
दोहरी दृष्टि
जब भी आप एक आंख से देखते हैं, तो कभी कभी मोतियाबिंद दोहरी दृष्टि का कारण बन सकता है। मोतियाबिंद होने पर आपकी सिर्फ एक आंख खुली होने पर भी छवियां दोहरी नजर आ सकती हैं।
चश्मे और लेंस के नंबर में बदलाव
चश्मे या कांटेक्ट लेंस के नंबर में बार बार बदलाव के कारण के पीछे मोतियाबिंद हो सकता है। ऐसा इसलिए भी है, क्योंकि मोतियाबिंद लगातार बढ़ता जाता है।
रंगों में बदलाव
मोतियाबिंद की वजह से आपकी रंगों की दृष्टि बदल सकती है। जिससे कुछ रंग फीके दिखाई देते हैं। आपकी नजरें धीरे-धीरे भूरी या पीली हो सकती हैं। आपको पहले यह बदलाव खास नहीं लगेंगे, लेकिन जैसे जैसे समय गुजरेगा, वैसे वैसे आपके लिए नीले और बैंगनी रंग के बीच अंतर करना कठिन हो जाएगा।
शुरुआती दौर में मोतियाबिंद नजरे कमजोर करने का कारण नहीं बनता। हालांकि घर के अंदर की रौशनी या चश्मे बदलने से इन समस्याओं को ठीक किया जा सकता है। लेकिन यह समस्या तब बढ़ना शुरू होती है, जब मोतियाबिंद बढ़ता है। मोतियाबिंद की वजह से आंखों के अंदर मौजूद लेंस प्रोटीन बदलता है। अगर इसकी बिगड़ती हुई स्थिति से बचना चाहते हैं, तो इसके शुरूआती लक्षणों को पहचानकर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।