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Written By: Yogita Yadav | Published : October 26, 2018 1:09 PM IST
मधुमेह यानी डायबिटीज इन दिनों सबसे ज्यादा बढ़ती जा रही बीमारियों में से एक है। यह ऐसी समस्या है जो खराब लाइफस्टाइल के कारण जन्म लेती है और फिर जीवन भर परेशान करती है। डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन उत्पादित करना बंद कर देता है या कोशिकाएं इंसुलिन पर प्रतिक्रिया नहीं करतीं, जो अंततः कार्बोहाइड्रेट के असामान्य मेटाबॉलिज्म के कारण बनता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है। पर क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज का आयुर्वेदिक उपचार भी है। यह भी पढ़ें - गोजी बेरीज के गुण जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे, लद्दाख में मिलता है यह ‘सुपर फ्रूट’
विजयसार की लकड़ी के बर्तन
विजयसार को एंटी-हाइपरलिपडेमिक गुण के लिए जाता है। यह एक तरह की लकड़ी है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर के लिए जाना जाता है। इसके अलावा विजयसार लो डेन्सिटी लिपोप्रोटीन और सीरम ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने में भी सहायता करता है। त्योहारों में भी रहेंगे फिट, अगर अपनाएंगे ये टिप्स
यह ब्लड शुगर या रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह डायबिटीज के कुछ लक्षणों को कम करता है। जैसे कि बार-बार पेशाब आना और अंगों में अत्यधिक जलन को कम करता है। इसका कैप्सूल में भी प्रयोग किया जाता है।
आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार विजयसार की लकड़ी में औषधीय गुण होने के कारण इसमें पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते है। हल्की या गहरे लाल रंग की यह लकड़ी आपको किसी आयुर्वेदिक औषधि की दुकान से मिल जाएगी। साथ ही आप इस लकड़ी से बने गिलास लेकर इसमें पानी पी सकते है।
पनीर के फूल
पनीर के फूल सोलानसेआए परिवार में एक फूल है, जो मुख्य रूप से भारत में पाया जाता है और आयुर्वेद में विभिन्न दवाओं में उपयोग किया जाता है। यह अनिंद्रा, घबराहट, अस्थमा और डाइबिटीज से लड़ने में मददगार है। यह प्रभावी ढंग से मधुमेह को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। इंसुलिन के बेहतर उपयोग के लिए यह फूल पैनक्रिया के बीटा कोशिकाओं को ठीक करने के लिए जाना जाता है। यह भी पढें - जानें क्यों हो जाती है दिमाग में सूजन
सदाबहार
मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार में सदाबहार का बहुत ही बड़ा योगदान है। इसे पेरिविंकल भी कहा जाता है। भारत में आम तौर पर पाया जाने वाला पौधा है जो मूल रूप से मेडागास्कर का फूल है। इसकी चिकनी, चमकदार और गहरे हरे रंग की पत्तियों को टाइप -2 मधुमेह के लिए प्राकृतिक चिकित्सा के रूप में कार्य करने के लिए जाना जाता है।
इसमें पाए जाने वाले कंपाउंड शरीर को स्वस्थ रखने में मदद के लिए जाने जाते हैं। आप नेचुरल रूप से रक्त शर्करा या ब्लड शुगर के स्तर को प्रबंधित करने के लिए इसके कुछ ताजे पत्तियों को चबा सकते हैं।