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पिछले कुछ दिनों की ख़बरों पर अगर ध्यान दें तो पता चलेगा कि अपने देश में स्वाइन फ्लू का कहर फिर से दोहरा रहा है। इस बीमारी का खौफ पूरे देश में रहता है। एच1 एन1 नामक वायरस से फैलने वाली यह बीमारी इतनी घातक है कि अगर मरीज कुछ दिनों तक इलाज ना करवाए और लापरवाही बरते तो उसकी जान भी जा सकती है।
इस वायरस का प्रभाव अगल अलग उम्र के लोगों पर अलग तरह से पड़ता है। मेट्रोपोलिस हेल्थ केयर के ग्रुप प्रेसिडेंट डॉ. निलेश शाह इस आर्टिकल में बता रहे हैं कि किन लोगों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ता है और इसके मुख्य लक्षण क्या हैं।
बच्चे : पांच साल से छोटी उम्र वाले बच्चे इस वायरस के चपेट में बहुत जल्दी आते हैं। खासतौर पर अगर अगर बच्चे की उम्र 2 साल या उससे कम है और उसके मोहल्ले में या आस पास कोई स्वाइन फ्लू से संक्रमित है तो उसके इस वायरस से संक्रमित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
सीनियर सिटीजन : अगर आपकी उम्र 65 साल या उससे अधिक है तो जान लें कि आप इस वायरस की चपेट में बहुत जल्दी आ सकते हैं। इसलिए जितना हो सके खुद का बचाव करें और कोई भी लक्षण दिखे तो नजदीकी डॉक्टर से अपना चेकअप करवाएं।
गर्भवती महिलायें: आपको बता दें कि गर्भवती महिलाएं या फिर ऐसी महिलायें जिन्होंने एक या दो हफ्ते पहले ही बच्चे को जन्म दिया हो उनमें स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा जिन महिलाओं का गर्भपात हो गया है उनमें भी इस वायरस से संक्रमित होने की संभावना ज्यादा रहती है।
रोग ग्रस्त लोग: जो लोग पहले से ही अस्थमा, डायबिटीज, दिल से जुडी बीमारियां, किडनी या लीवर डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते हैं उनमें भी स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसलिए अगर आप इन बीमारियों से पीड़ित हैं तो कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत जाकर डॉक्टर से अपना चेकअप करवाएं।
इम्मुनोकोम्प्रोमाइज्ड मरीज (Immunocompromised patients) : अगर आप एचआईवी से पीड़ित हैं या फिर आपकी इम्युनिटी पॉवर कमजोर है तो भी आप इस बीमारी की चपेट में जल्दी आ सकते हैं।
इसलिए ऊपर बताये हुए किसी भी आयु वर्ग में आप आते हैं और आपको स्वाइन फ्लू से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे अनदेखा न करें। ऐसी अवस्था में कभी भी खुद से इलाज करने की कोशिश न करें। जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर के पास जायें और रोकथाम के सही तरीके अपनाएं।
(मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर देश का एक सुप्रसिद्ध पैथोलोजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर है और देश भर में इसके करीब 150 लैब्स और 1500 हेल्थ सेंटर हैं। )
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अनुवादक: Anoop Singh
चित्र स्रोत: Shutterstock