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आयरन आपके शरीर के लिए किसी 'शील्ड' का काम करता है। शरीर को काम करने की ताकत आयरन से मिलती है। यह आपकी बॉडी के लिए बेहद जरूरी तत्व है। आयरन हीमोग्लोबिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है। हीमोग्लोबिन ही लंग्स से शरीर के बाकी हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। आयरन की कमी से ये पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाता है। इतना ही नहीं आयरन आपकी इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है, जिससे शरीर को कई इंफेक्शन्स से लड़ने में मदद मिलती है। यह ब्रेन और नर्वस सिस्टम के डेवलपमेंट के लिए भी जरूरी है। जब शरीर में आयरन की कमी होती है तो यह अपने आप इसके संकेत देता है। आयरन की कमी से थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ सहित कई हेल्थ इश्यूज हो सकते हैं। आयरन की कमी के कारण हार्ट फेल तक हो सकता है।
शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया की शिकायत बढ़ सकती है। जब रेड ब्लड सेल्स में हीमोग्लोबिन बनाने के लिए पर्याप्त आयरन नहीं होता है तो आप एनीमिया के शिकार हो जाते हैं। ऐसे में आयरन की कमी के इन संकेतों पर जरूर गौर करना चाहिए।
1. थकान: यह आयरन की कमी का सबसे आम लक्षण है। जब आपके शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती है तो आप थकान महसूस करने करते हैं। आपको कमजोरी और चक्कर आने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
2. सांस लेने में तकलीफ: आयरन कम होने से हीमोग्लोबिन भी कम हो जाता है। ऐसे में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। खासकर एक्सरसाइज, वॉकिंग, रनिंग के दौरान यह परेशानी बढ़ जाती है।
3. सिरदर्द: आयरन आपकी फिजिकल हेल्थ के साथ ही मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है। आयरन की कमी से सिरदर्द हो सकता है। साथ ही चक्कर भी आ सकते हैं। कई बार आयरन डेफिशियेंसी के कारण लोगों का फोकस और याददाश्त भी प्रभावित होती है। दरअसल, आयरन की कमी से आपके ब्रेन को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, जिसके कारण ये परेशानियां होती हैं।
4. हाथ-पैर ठंडे पड़ना: अगर आपके हाथ-पैर अक्सर ठंडे रहते हैं तो ये आयरन की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, आयरन की कमी से शरीर के अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। ऐसे में हाथ और पैर ठंडे महसूस होते हैं।
5. अनिद्रा: शरीर और दिमाग को रिलैक्स रखने के लिए सेरोटोनिन और डोपामाइन दोनों ही हार्मोन जरूरी होते हैं। लेकिन जब शरीर में आयरन का लेवल बहुत कम हो जाता है तो इन हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ जाता है। जिसका सीधा असर आपकी नींद पर पड़ता है। इस स्थिति में आप रिलैक्स होकर सो नहीं पाते या फिर अनिद्रा के शिकार रहते हैं।