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Herbal Supplements That are Harmful For Liver: आजकल लोग सेहत सुधारने और बीमारियों से बचने के लिए हर्बल सप्लीमेंट्स का सेवन करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि हल्दी, ग्रीन टी और अन्य हर्बल सप्लीमेंट्स को हम सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित मान लेते हैं, जो कुछ मामलों में लिवर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। आपको बता दें कि जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इनका सेवन दवाईयों के साथ करना लिवर की सेहत पर बुरा असर डाल सकता हैं। इसलिए नेचुरल होने के बावजूद हर्बल सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल सोच-समझकर और डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। साथ ही, अगर आपको पहले से लिवर की समस्या है या आप कोई दवाई ले रहे हैं, तो हर्बल सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से जानकारी देंगे कि क्या हर्बल सप्लीमेंट्स भी लिवर के लिए हानिकारक हो सकते हैं या नहीं और कौन से 5 सप्लीमेंट्स हैं। तो आइए, जानते हैं -
ग्रीन टी का सामान्य सेवन करना फायदेमंद है, लेकिन इसके कॉन्सन्ट्रेटेड एक्सट्रैक्ट में मौजूद कैटेचिन्स लिवर कोशिकाओं पर असर डाल सकते हैं। यह लिवर में सूजन, लिवर एंजाइम्स बढ़ने और यहां तक कि लिवर फेलियर का कारण बन सकते हैं। खासतौर पर वजन घटाने वाले सप्लीमेंट्स में यह अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो लिवर रोग का खतरा पैदा कर सकता है।
आपको बता दें कि तनावऔर चिंता कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह हर्बल सप्लीमेंट लिवर पर सीधा असर डाल सकता है। इसमें मौजूद पाइपर मेथिस्टिकम यौगिक लिवर की कार्यक्षमता को बिगाड़ सकते हैं और लंबे समय तक सेवन करने से हेपेटाइटिस, सिरोसिस या लिवर फेलियर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में खासतौर पर जो लोग बहुत ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करते हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
कॉम्फ्रे के पत्ते और जड़ में पाए जाने वाले पायरोलिजिडीन एल्कलॉइड्स लिवर की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे हेपेटिक वेन ऑक्लूजन डिजीज हो सकती है, जिसमें लिवर में ब्लड सर्कुलेशन का प्रवाह रुक जाता है और सूजन व दर्द शुरू हो जाता है। अगर आप कॉम्फ्रे या किसी ऐसी ही तरह के प्लांट के रस का सेवन कर रहे हैं, तो एक बार इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
अगर आप हल्दी का रोजमर्रा के खाने जैसे- सब्जी, दूध, चाय आदि में मसाले की तरह इस्तेमाल करते हैं तो यह सामान्य मात्रा में सुरक्षित मानी जाती है। लेकिन जब इसे कर्क्यूमिन कैप्सूल या हाई-डोज एक्सट्रैक्ट के रूप में लिया जाता है, तो यह एक हर्बल सप्लीमेंट माना जाता है। आपको बता दें कि बहुत अधिक मात्रा में या लंबे समय तक लेने पर कुछ लोगों में यह लिवर एंजाइम बढ़ा सकती है।
अश्वगंधा का इस्तेमाल आयुर्वेद में पाउडर, चूर्ण या अर्क के रूप में होता है। लेकिन, जब इसे कैप्सूल, टेबलेट के साथ लिया जाता है, तो यह भी एक हर्बल सप्लीमेंट माना जाता है। इसलिए सामान्य मात्रा में ही इसका सेवन करना सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, वैसे तो अश्वगंधा को स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन इसका ज्यादा मात्रा में सेवन कई बार आपकी हेल्थ को नुकसान भी पहुंचा सकता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
लिवर को हेल्दी रखने के लिए आपको रोज सुबह गुनगुना पानी जरूर पीना चाहिए। साथ ही, नींबू पानी और ग्रीन टी का भी सेवन करें। एलोवेरा जेल और आंवला जूस भी लिवर के लिए फायदेमंद होता है।
थकान, कमजोरी, अचानक वजन कम होना, पेट में दर्द, उल्टी, मतली, आंखों का पीला पड़ना, पेशाब का रंग गहरा आना आदि लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण होते हैं।
लिवर खराब होने पर आपको पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द हो सकता है। यह दर्द कंधे और पीठ तक भी पहुंच सकता है।