
विद्या शर्मा
विद्या शर्मा को डिजिटल मीडिया में लगभग 3 साल का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता ... Read More
Written By: Vidya Sharma | Updated : November 26, 2025 2:15 PM IST
Obesity Kam Karne Ke Liye Best Tips: 26 नवंबर को एंटी ओबेसिटी डे के तौर पर मनाया जाता है, जो लोगों को बढ़ते मोटापे और उससे होने वाली बीमारियों से लड़ने के लिए जागरूक करता है। वजन को संभालना सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप क्या खाते हैं या कितनी कसरत करते हैं आदि-आदि। यह आपकी जीवनशैली में ऐसे बदलाव करने के बारे में है जो लंबे समय तक चलते हैं और आपकी पूरी सेहत को बेहतर बनाते हैं।
ऐसा जरूरी नहीं है कि आप दवाइयां खाकर ही अपने मोटापे को कम करें। आज हम आपको इस लेख में BLKमैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर दीप गोयल के बताए 10 ऐसे लाइफस्टाइल चेंजेस के बारे में बताने वाले हैं, जिन्हें आप अपनी लाइफस्टाइल में ऐड करके मोटापा कम कर सकते हैं। चाहे आपका लक्ष्य वजन कम करना हो, उसे बनाए रखना हो, या बस अपने शरीर में बेहतर महसूस करना हो, ये 10 आसान आदतें आपको स्वस्थ और संतुलित तरीके से वजन मैनेज करने में मदद कर सकती हैं।
डॉक्टर का कहना है कि आप खाने पर ध्यान दें और इस बात पर गौर करें कि आपको कब भूख लग रही है। हल्का (लीन) प्रोटीन चुनें और ज्यादा फाइबर वाली चीजें खाएं, जबकि मैदे (रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स) वाली चीजों को कम करें। इसके अलावा कम मात्रा में खाएं और अपनी ऊर्जा बनाए रखने और ज्यादा खाने से बचने के लिए बार-बार (जैसे दिन में 4-6 छोटे मील) खाने पर विचार करें।
रोजाना व्यायाम करना बहुत जरूरी है। आपको बहुत जोरदार कसरत करने की जरूरत नहीं है। रोजाना 45 मिनट के लिए तेज रफ्तार से सैर करने से भी वजन को बनाए रखने में काफी मदद मिल सकती है। लंबे समय के नतीजों के लिए कसरत की तीव्रता से ज्यादा कंसिस्टेंसी जरूरी है।
शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए रोज 2-3 लीटर पानी पिएं। पर्याप्त पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, पाचन को मदद मिलती है और यह असमय होने वाली क्रेविंग्स को भी कम कर सकता है। साथ ही आप हर्बल टी या फलों से स्वाद वाला पानी भी पी सकते हैं।
मार्केट में मिलने वाले स्वीट ड्रिंक्स, पैकेट वाले स्नैक्स और चिप्स, नमकीन जैसे प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम कर दें। क्योंकि डॉक्टर ने बताया कि इनमें अक्सर बहुत ज्यादा चीनी, अनहेल्दी फैट और नमक होता है जो वजन बढ़ाने और पेट फूलने में योगदान कर सकता है। इसलिए अपनी इस आदत को सुधारें।
डॉक्टर ने सलाह दी है कि हर रात 7-9 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें। सही आराम मिलने से भूख वाले हार्मोन्स जैसे ग्रेलिन और लेप्टिन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है, जिससे आपकी भूख को संभालना आसान हो जाता है। कम नींद से क्रेविंग बढ़ सकती हैं और आप इमोशनल ईटिंग कर सकते हैं।
आप क्या खा रहे हैं इससे आपकी सेहत पर बहुत ही ज्यादा असर पड़ता है। डॉक्टर ने बताया कि आप अपनी डाइट में प्रोटीन रिच फूड्स, हेल्दी फैट और फाइबर से भरी सब्जियां शामिल करें और मैदे वाले कार्ब्स को कम करें। ये फूड्स आपको ज्यादा देर तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे पूरे दिन अनहेल्दी स्नैक्स खाने की क्रेविंग कम होता है।
कुछ लोग सुबह के बाद दिन में और फिर सीधा रात को खाते हैं, ऐसे में वह भूख ज्यादा लगने की वजह से हद से ज्यादा खा लेते हैं। डॉक्टर ने बताया कि खाने के बीच लंबे गैप रखने के बजाय ऑफ छोटे-छोटे और बार-बार भोजन करने की कोशिश करें। यह आपके मेटाबॉलिज्म को एक्टिव रखने, ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करने और दिन में बाद में ज्यादा खाने से रोकने में मदद कर सकता है।
ज्यादा स्ट्रेस लेने से कॉर्टिसोल नाम का हार्मोन बढ़ जाता है, जो खासकर पेट के आस-पास चर्बी जमा करने में योगदान दे सकता है। तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेने के व्यायाम, योग, मेडिटेशन या कोई पसंदीदा शौक जैसी तकनीकों को अपनाएं। यह आपको एक्टिव रखेंगी।
किसी भी वेट मैनेजमेंट के लिए कंसीटेंसी बहुत जरूरी है। समय के साथ छोटे और हेल्दी बदलाव मिलकर बड़ा फर्क लाएंगे। परफेक्शन पर ध्यान देने की बजाय प्रगति पर ध्यान दें और याद रखें कि स्थायी आदतें ही लंबे समय तक चलने वाले परिणाम लाती हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
जी हां, मोटापा हार्ट डिजिज का एक रिस्क फैक्टर होता है।
मोटापा बढ़ने के पीछे आपकी लाइफस्टाइल, खान-पान की आदतें, कसरत ना करने की आदत, जंक फूड अधिक खाने की आदत, कुछ क्रोनिक बीमारियां और अनुवांशिकी जैसे कारण हो सकते हैं।
शरीर का वजन बढ़ने या मोटापे से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, फैटी लिवर डिजिज, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और हार्ट डिजिज जैसी बीमारियों का रिस्क बढ़ सकता है।
अत्यधिक अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स के कारण मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, फैटी लिवर और कैंसर जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है।