किडनी स्टोन का बन जाएगा चूरा, दर्द भी होगा दूर, रोजाना खाएं घर के ये कुछ हेल्दी फूड
Diet For Kidney Stone: आजकल के व्यस्त जीवनशैली में हम कई प्रकार के फ़ूड आइटम्स का सेवन करते हैं। जिसका सीधा हमारी किडनी की सेहत पर भी पड़ता है....
गुर्दे में कैल्शियम, ऑक्सलेट और फास्फोरस से बनी ठोस संरचना को गुर्दे की पथरी या किडनी स्टोन कहा जाता है। ये सभी पदार्थ पेशाब के माध्यम से किडनी से मूत्राशय और उसके बाद शरीर से बाहर जाते हैं। लेकिन जब ये किडनी में जमा हो जाते हैं, तो ठोस संरचना के रूप में विकसित हो जाते हैं, जिन्हें पथरी कहा जाता है। गुर्दे की पथरी या तो गुर्दे में ही रहती है या फिर पेशाब के माध्यम से मूत्राशय तक पहुंच जाती है। किडनी स्टोन कई अलग-अलग प्रकार की होती है, जिसमें छोटी आमतौर पर मूत्राशय तक आ जाती है जबकि बड़ी गुर्दे में ही रहती है। हालांकि, कुछ छोटी पथरी तो पेशाब के माध्यम से मूत्राशय से होते हुए शरीर से बाहर भी निकल जाती हैं और उनका आकार छोटा होने के कारण व्यक्ति को किसी प्रकार का दर्द या तकलीफ भी महसूस नहीं होती है।
हालांकि, जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, तो वे पेशाब के दौरान निकलते समय किसी हिस्से में फंस जाती हैं। ऐसे में कई समस्याएं हो जाती हैं और साथ ही सामान्य रूप से पेशाब का बहाव भी नहीं बन जाता है। कई बार पेशाब का बहाव रुक जाने के कारण गंभीर दर्द होता है और पेशाब के साथ खून भी आने लगता है। इसके अलावा किडनी स्टोन से पीठ में दर्द, जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। मूत्र पथ में बार-बार संक्रमण होना और परिवार में पहले किसी को किडनी स्टोन होना आदि कई कारक हैं, जो इस रोग के होने का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा कम पानी पीना और कुछ निश्चित प्रकार की दवाएं भी गुर्दे में पथरी होने का कारण बन सकती हैं।
किडनी स्टोन के प्रमुख रूप से चार प्रकार हैं, जो निम्न हैं -
यूरिक एसिड स्टोन - गुर्दे की पथरी का हर प्रकार आमतौर पर अधिक प्रोटीन वाली डाइट लेने, कुअवशोषण, डायबिटीज, लंबे समय से डायरिया और मेटाबोलिक सिंड्रोम आदि के कारण होता है।
कैल्शियम स्टोन - यह गुर्दे की पथरी का सबसे आम प्रकार है, जो कैल्शियम ऑक्सलेट से गुर्दे में विकसित हो जाता है।
सिस्टीन स्टोन - किडनी स्टोन का यह प्रकार सिस्टीन्यूरिया (Cystinuria) नामक रोग से संबंधित है, जिसमें गुर्दे अधिक मात्रा में अमीनो एसिड निकालने लगते हैं।
स्ट्रूवाइट स्टोन - गुर्दे की पथरी का यह प्रकार आमतौर पर गुर्दे में संक्रमण के कारण होता है। स्ट्रूवाइट स्टोन आमतौर पर आकार में बड़े होते हैं और जल्दी बढ़ते हैं।
किडनी स्टोन से आमतौर पर तब तक कोई लक्षण पैदा नहीं होता है, जब तक ये गुर्दे में इधर-उधर हिलने न लग जाए। इसके अलावा अगर किडनी स्टोन पेशाब के माध्यम से मूत्रवाहिनी से मूत्राशय तक जाती है, तो भी इससे लक्षण विकसित होने लगते हैं। वहीं अगर स्टोन का आकार काफी छोटा है, तो इससे किसी प्रकार के लक्षण भी पैदा नहीं होते हैं। हालांकि, अगर गुर्दे की पथरी का आकार बड़ा है, तो इससे निम्न लक्षण देखने को मिल सकते हैं -
गुर्दे में यूरिक एसिड, कैल्शियम या ऑक्सलेट अधिक मात्रा में जमा होना ही गुर्दे की पथरी का सबसे प्रमुख कारण माना जाता है। दरअसल, जब किडनी में इनका स्तर बढ़ जाता है, तो गुर्दे इन्हें पूरी तरह से पतला (Dilute) करने असफल हो जाते हैं और इस कारण से धीरे-धीरे पथरी बनने लगती है।
किडनी स्टोन के डायग्नोसिस के लिए आमतौर पर अल्ट्रासाउंड स्कैन का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें गुर्दे, मूत्रवाहिनियों और मूत्राशय का अल्ट्रासाउंड किया जाता है, जिसकी मदद से पथरी का पता लगाया जाता है। इसके साथ-साथ एक्स रे भी किया जा सकता है, जिससे स्थिति का निदान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि अगर पथरी का आकार छोटा है, व्यक्ति मोटापे से ग्रसित है या फिर पेट में असाधारण रूप से गैस बनी हुई है, तो स्थिति का निदान करने के लिए सीटी स्कैन किया जा सकता है।
इसके अलावा मरीज का यूरिन टेस्ट भी किया जा सकता है, जिसकी मदद से स्टोन का कारण बनने वाले पदार्थों का पता लगाया जाता है। वहीं ब्लड टेस्ट की मदद से भी कैल्शियम और यूरिक एसिड के उच्च स्तर का पता लगाया जा सकता है।
निम्न सामान्य तरीकों से किडनी स्टोन होने से बचाव किया जा सकता है -
किडनी स्टोन का इलाज उसके आकार के अनुसार ही किया जाता है। अगर गुर्दे की पथरी का आकार छोटा है, तो मरीज को अधिक से अधिक मात्रा में पानी व अन्य तरल पेय पदार्थ पीने को दिए जाते हैं और साथ ही दर्द रोकने के लिए दवाएं दी जाती हैं। तरल पदार्थों की मदद से पेशाब के दौरान पथरी को बाहर निकालने में मदद मिलती है और इस दौरान हो रहे दर्द को नियंत्रित करने में दवाएं मदद करती हैं।
हालांकि, अगर पथरी का आकार बड़ा है, तो वह पेशाब की मदद से अपने आप बाहर नहीं निकल पाती है और इस कारण से कई बार वह गुर्दे, मूत्रवाहिनी या मूत्राशय में फंस जाती है। ऐसी स्थितियों का इलाज करने के लिए अलग-अलग उपचार तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है जिनमे प्रमुख रूप से साउंड वेव, परक्यूटीनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (PNCL) और यूटेरोस्कोपिक रिमूवल शामिल हैं।
अगर गुर्दे की पथरी का समय रहते इलाज न किया जाए तो यह गुर्दे को क्षतिग्रस्त कर सकती है और कुछ मामलों में किडनी फेल भी हो सकती है। ऐसी स्थितियों में मरीज को लगातार डायलिसिस पर रहना पड़ सकता है। हालांकि, समय पर देखभाल करने और इलाज शुरू करने से पथरी के कारण गुर्दे में हुई क्षति को ठीक किया जा सकता है।
गुर्दे की पथरी के कारण कई बार कोई लक्षण नहीं होता है या बहुत ही कम लक्षण होते हैं, जिस कारण से अक्सर यह नजरअंदाज हो जाती है। जब तक व्यक्ति डॉक्टर से संपर्क करता है, जब तक गुर्दा बुरी तरह से प्रभावित हो चुका होता है और उसमें स्थायी क्षति भी हो जाती है।
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किडनी स्टोन या गुर्दे की पथरी को पूरी तरह से खत्म करना आसान है। जाने-माने आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर तन्मय गोस्वामी ने खीरे के बीजों द्वारा किडनी स्टोन से निजात पाने के उपाय बताएं हैं।
आज हम आपको ऐसे फूड्स के बारे में बताएंगे जिनको खाने से मुख्य रूप से पथरी होने की संभावना बढ़ती है।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए पानी पीना जरूरी होता है, लेकिन कितना पानी पीना चाहिए ये जानना जरूरी होता है.
गुर्दे का दर्द (Kidney Pain) हमेशा ही दर्दनाक होता है ऐसे में जब भी आप अपने किडनी में दर्द महसूस करें तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लें क्योंकि यह गंभीर बीमारियों के संकेत भी हो सकते हैं।
किडनी स्टोन और विटामिन सी के बीच में गहरा संबंध देखा गया है। दुनिया भर के वैज्ञानिक मानते हैं कि विटामिन सी की अधिक मात्रा किडनी स्टोन का कारण बन सकती है।
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किडनी स्टोन को बाहर निकालने के लिए कुलथी की दाल का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
कर्नाटक के हुबली में एक स्कूल शिक्षक बसवराज (उम्र 50) के पेट में अचानक दर्द हुआ तो स्क्रीनिंग में पता चला उसके गुर्दे में पथरी है। हॉस्पिटल में जब लेप्रोस्कोपी और एंडोस्कोपी किया गया, तो मरीज के गुर्दे से 156 पथरी निकाली गई।
गुर्दे में पथरी (Kidney Stone) की समस्या से देश में अधिकतर लोग ग्रस्त हैं। पथरी होने पर दर्द भी असहनीय होता है। दर्द से राहत पाने के लिए इन घरेलू नुस्खों (Home Remedies to get rid of kidney stone pain) को ट्राई कर सकते हैं।
अधिकांश लोग किडनी स्टोन की समस्या से परेशान रहते हैं और इससे बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपचार भी ढूंढते हैं मगर आप अपनी डाइट में थोड़ा बदलाव करके किडनी स्टोन से छुटकारा पा सकते हैं और भविष्य में होने वाली संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं।
भारत में गुर्दे की पथरी या किड़नी स्टोन की समस्या के आंकड़ो की बात करें तो कुल आबादी का लगभग 15 प्रतिशत लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। किडनी स्टोन की समस्या गंभीर इसलिए भी हो जाती है, क्योंकि अधिकांश लोगों को इस समस्या की सटीक जानकारी नही होती है।
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एनबीआरआई और आईआईटीआर ने एक मूत्र रोग विशेषज्ञ सलिल टंडन के साथ मिलकर किडनी की पथरी (Kidney stone) को खत्म करने के लिए एक हर्बल दवा विकसित की है। नई दवा का नाम यूआरओ-05 है, जो किडनी से पथरी को हटाने के लिए नॉन-इन्वेंसिव विकल्प प्रदान करती है।
किडनी स्टोन के लिए कारगर घरेलू उपचार
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किडनी की पथरी या किडनी स्टोन (Kidney Stones) की समस्या खान-पान की खराबी की वजह से होती है. अगर आपको किडनी स्टोन की परेशानी से बचना है तो इन हेल्दी जूस या ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं.
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किडनी हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर करने का काम करती है। फंक्शन ऑफ किडनी का मुख्य काम यही होता है कि वह शरीर से लवण और अपशिष्ट को जमा होने रोके और उनको फिल्टर करके पेशाब के रास्ते से बाहर करे। जब आप कम पानी पीते हैं तो ये विषाक्त पदार्थ शरीर में ही जमा होने लगते हैं।
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किडनी में पथरी और किडनी की बीमारी से बचने के लिए डेली डाइट में कुछ फूड शामिल करना चाहिए. अगर आप हेल्दी डाइट प्लान में इन फ्रूट और जूस को शामिल करते हैं तो किडनी की बीमारी से बच जाते हैं. क्रोनिक किडनी डिजीज (Chronic kidney disease) की परेशानी से भी आप इन फूड के सेवन से बच सकते हैं.
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