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Medically Verified By: Shruti Bhardwaj
Diet tips to keep kidney healthy: किडनी हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी अंग है, इस बारे में आप भी अच्छे से जान चुके होंगे। किसी भी बीमारी का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर अक्सर फंक्शन टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आपकी किडनी ठीक है या नहीं। अगर किडनी के प्रमुख कार्यों की बात करें तो यह हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों को छानने और तरल संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को सही बनाए रखने के लिए संतुलित आहार अपनाना जरूरी है, जिससे किडनी के सामान्य रूप से कार्य में सहायता मिलती है और किसी भी बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। हाल के शोध बताते हैं कि सही आहार किडनी स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे आहार से जुड़े कुछ जरूरी बदलाव जो आपकी किडनी को हेल्दी बनाए रखने में मदद करेंगे।
वनस्पति पर आधारित आहार यानी वेजिटेरियन फूड्स का सेवन करना किडनी के स्वास्थ्यको लिए अच्छा है, जो क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होता है। ऐसे आहार किडनी के मरीजों में मृत्यु दर को कम करने में सहायक होते हैं, जबकि नोन वेज फूड्स से प्राप्त प्रोटीन और वसा से भरपूर भोजन किडनी की कार्यक्षमता को तेजी से खराब कर सकता है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और दालों को अपने आहार में शामिल करने से आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और किडनी पर दबाव कम पड़ता है।
सिर्फ मसल के लिए ही नहीं बल्कि किडनी हेल्थ के लिए भी प्रोटीन का होना आवश्यक है, लेकिन अधिक मात्रा में और विशेष रूप से मांसाहारी स्रोतों से प्राप्त प्रोटीन किडनी के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। इसका सेवन करने से किडनी पर अधिक प्रभाव पड़ता है। पौधों से प्राप्त प्रोटीन, जैसे कि बीन्स और नट्स, किडनी के लिए अधिक अनुकूल होते हैं और इनके सही कार्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
सोडियम का ज्यादा सेवन किडनी को सीधे प्रभावित करता है और इसलिए अपने गुर्दों को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना सही नहीं रहता है। अपने शरीर में सोडियम लेवल को नियंत्रित रखने के लिए डाइट में ताजे फल और सब्जियों के शामिल करें। प्रोसेस्ड फूड से बचें और खाद्य पदार्थों के लेबल पढ़ें ताकि कम सोडियम वाले विकल्पों का चयन किया जा सके।
जैसे-जैसे किडनी की कार्यक्षमता घटती है, शरीर में पोटेशियम और फास्फोरस का स्तर असंतुलित हो सकता है। अत्यधिक पोटेशियम से हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जबकि ज्यादा फास्फोरस हड्डियों और हृदय स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। केले, संतरे और आलू जैसे उच्च पोटेशियम होता है और इसलिए इन खाद्य पदार्थों का सेवन नियंत्रित करें, साथ ही डेयरी उत्पाद व कुछ मांसाहारी खाद्य पदार्थों में मौजूद फास्फोरस की मात्रा पर ध्यान दें।
शरीर में पानी की कमी होना किडनी के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक बन सकता है। शरीर को विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने के लिए भी पर्याप्त पानी की जरूर होती है और पानी की कमी होने से विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो न सिर्फ किडनी को डैमेज करते हैं, बल्कि शरीर को अन्य नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। साथ ही पानी की कमी किडनी में पथरी बनने का कारण भी बन सकती है। पानी सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन क्रोनिक किडनी डिजीज के कुछ चरणों में तरल पदार्थ के सेवन को संतुलित रखना जरूरी होता है।
बाहर तैयार किया गया खाना यानी प्रोसेस्ड फूड्स और जिसमें रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल किया गया है ऐसे खाद्य पदार्थ दोनों ही किडनी के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। क्योंकि इनमें सोडियम, फास्फोरस, एडिटिव्स और अनहेल्दी वसा पाई जाती है, जो किडनी की काम करने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है। संपूर्ण, प्राकृतिक और बिना प्रोसेस किए गए खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना किडनी स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पौधों पर आधारित आहार, संतुलित प्रोटीन सेवन (CKD के चरण और अन्य मापदंडों के अनुसार) और सोडियम, पोटैशियम व फॉस्फोरस के स्तर को नियंत्रित करना आवश्यक है। पर्याप्त पानी पीना और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचना भी किडनी के कार्य में सहायक होता है। किडनी की देखभाल का पहला कदम सही आहार से शुरू होता है इसलिए सही विकल्प अभी से चुनें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।