Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
Tips To prevent Kidney Failure: किडनी हमारे शरीर को टॉक्सिंस और खतरनाक केमिकल्स से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने का काम करती हैं। रक्त में मिले टॉक्सिंस को छानकर किडनी ही उन्हें शरीर से बाहर निकालती है और ब्लैडर (bladder ) की मदद से इन चीजों को शरीर से बाहर निकालने का काम करती है। इन सबके साथ-साथ किडनी शरीर का पीएच बैलेंस सही करता है, नमक और पोटैशियम का स्तर (potassium levels in the body) भी संतुलित करने का काम किडनी का ही है। वहीं ब्लड प्रेशर लेवल मेंटेन करने वाले हार्मोन्स का निर्माण भी किडनी द्वारा ही किया जाता है। साथ ही लाल रक्त कणिकाओं या रेड ब्लड सेल्स के उत्पादन में भी किडनी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इन सबसे यह समझा जा सकता है कि किडनी का सही तरीके से काम करना कितना महत्वपूर्ण है। ( Importance Of Kidney Function)
जब किन्ही कारणों से किडनी सही तरीके से काम नहीं करती (Kidney Failure) तो डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है। डायलासिस एक महंगी और थकाऊ प्रक्रिया होने के साथ-साथ मरीजों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। इसीलिए, मरीजों को इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि उन्हें कम से कम अस्पताल जाने की जरूरत पड़े लेकिन, डायलासिस ( dialysis ) करने के लिए बार-बार मरीजों को अस्पताल जाना पड़ता ही है। ऐसे में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए उसके बारे में यहां पढ़ें विस्तार से। ( Tips to reduce the frequency of hospital visits)
बार-बार बीमार पड़ने या अस्पताल में भर्ती होने से बचने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है सभी डायलासिस सेशन समय पर अंटेंड करें। किसी भी अपॉइंटमेंट को कैंसल करने से बचें। क्योंकि, अगर आप डायलसिस नहीं कराते तो शरीर में टॉक्सिंस जमा होने लगते हैं और इससे गम्भीर हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। (Tips To prevent Kidney Failure)
डायलसिस के दौरान मरीजों को इंफेक्शन्स होने का रिस्क भी अधिक होता है। ऐसे में बैक्टेरिया, फुंगी और वायरस से बचने और शरीर को उसने सुरक्षित रखने के लिए अपने हाथों और शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखें। नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें।
कई स्टडीज में यह पाया गया है कि,क्रोनिक किडनी डिजिज (chronic kidney disease) में मरीजों के शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल कम होने के कारण उनकी मृत्यु का रिस्क बढ़ सकता है। इसीलिए, डायलसिस के मरीजों को अपना हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने के लिए अधिक उपाय करने चाहिए और शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल की नियमित जांच भी करनी चाहिए।