डायबिटीज रोगियों में क्यों बढ़ता है किडनी रोग का जोखिम? जानें Healthy Kidney के लिए क्या करें?

डायबिटीज रोगियों में किडनी से जुड़े रोगों का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसलिए हाई ब्लड शुगर की वजह से किडनी रोगों का खतरा क्यों बढ़ता है? और किडनी को कैसे हेल्दी रखना चाहिए, आइए जानते हैं-

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Written By: Anju Rawat | Published : June 3, 2026 11:25 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Monika Sharma

Diabetes and Kidney Disease: डायबिटीज आजकल की एक बेहद आम समस्या बन गई है। कई लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी को खराब लाइफस्टाइल से जोड़ा जाता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। लेकिन, यह बीमारी यही तक सीमित नहीं है। डायबिटीज किडनी को भी बुरी तरह से प्रभावित कर देता है। डायबिटीज रोगियों में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा रहता है। जब डायबिटीज की वजह से किडनी को नुकसान पहुंचता है, तो इसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है। आइए, आकाश हेल्थकेयर की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोनिका शर्मा से जानते हैं कि डायबिटीज रोगियों में किडनी की बीमारी का खतरा ज्यादा क्यों रहता है?

डायबिटीज से किडनी पर असर क्यों पड़ता है?

  • लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़े रहने से किडनी की छोटी-छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने लगता है। इससे किडनी के फिल्टर करने का काम प्रभावित होता है।
  • डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ रहता है, तो किडनी के फिल्टर करने की क्षमता कमजोर हो जाती है।
  • डायबिटीज रोगियों में बीपी भी बढ़ा हुआ देखने को मिलता है। इससे किडनी डैमेज का खतरा काफी ज्यादा हो सकता है। इसलिए ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखना जरूरी है।
  • डायबिटीज रोगियों में इंफ्लेमेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस देखने को मिलता है। ये किडनी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और इससे किडनी से जुड़े रोग हो सकते हैं।

किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत क्या होते हैं?

जब किडनी खराब होती है, तो डायबिटीज रोगियों को कुछ लक्षण महसूस हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर वे नजरअंदाज कर देते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • पेशाब में झाग नजर आना
  • बार-बार पेशाब आना
  • भूख कम लगना
  • पैरों और टखनों में सूजन दिखाई देना
  • थकान और कमजोरी महसूस होना

किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

अगर आपको डायबिटीज है, तो किडनी को हेल्दी रखने के लिए कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखें।

  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए नियमित तौर पर दवा जरूर लें।
  • हेल्दी डाइट लें। कम नमक और कम शुगर वाली चजों का सेवन करें।
  • प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड्स का सेवन करने से बचें। फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर डाइट लें।
  • किडनी को हेल्दी बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।
  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखें। इससे किडनी डैमेज के खतरे को कम किया जा सकता है।
  • किडनी की नियमित रूप से जांच करें। आप यूरिन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट और HbA1c टेस्ट करवा सकते हैं।

क्या कहती है रिपोर्ट?

CDC के अनुसार, डायबिटीज रोगियों में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी ज्यादा रहता है। इसलिए डायबिटीज रोगियों को समय-समय पर किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए। इससे किडनी फेलियर या किडनी डैमेज से बचा जा सकता है। डायबिटीज रोगियों में क्रोनिक किडनी डिजीज बेहद आम है। डायबिटीज से पीड़ित 3 में 1 व्यक्ति को किडनी रोग विकसित हो सकता है। टाइप 1 और टाइप 2 दोनों प्रकार के डायबिटीज, किडनी की बीमारी का कारण बन सकते हैं।

Disclaimer: डायबिटीज आजकल की एक बेहद आम बीमारी बन गई है। डायबिटीज रोगियों में किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज है, तो किडनी की जांच भी जरूर कराएं। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने की कोशिश करें।

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