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Kidney Damage Symptoms in Hindi: किडनी हमारे शरीर का एक अहम अंग है। किडनी का मुख्य काम रक्त साफ करना होता है। यह शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती हैं। किडनी का काम शरीर में नमक, पानी और मिनरल्स यानी खनिज का संतुलन बनाए रखना भी है। यह शरीर में रेड बल्ड सेल्स का उत्पादन करती हैं। यानी यह शरीर के कई जरूरी कार्य करती हैं। इसलिए किडनी का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी होता है। जब किडनी ठीक से काम करती हैं, जो शरीर को सही तरीके से काम करने में मदद मिलती है। इस स्थिति में शरीर के अन्य अंगों को भी सामान्य तरीके से काम करने में मदद मिलती है। लेकिन, जब किडनी ठीक से काम नहीं करती हैं, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने शुरू हो जाती हैं। अगर किडनी की किसी बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह पूरी तरह से खराब हो सकती हैं। यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है। इसलिए किडनी खराबी के लक्षणों पर गौर जरूर करें। अगर किडनी खराब होने का कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। आइए, मोरिंगो एशिया हॉस्पिटल, नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट मेडिसिन के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. श्रीराम काबरा से जानते हैं किडनी खराब होने के लक्षण (Kidney Kharab Hone ke Lakshan)-
किडनी खराब होने पर पेशाब में बदलाव नजर आ सकता है। इस स्थिति में बार-बार पेशाब आता है। कई बार पेशाब में झाग या खून भी आ सकता है। इसलिए अगर आपको पेशाब में बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। किडनी खराब होने पर पेशाब में प्रोटीन निकल सकता है। इसकी वजह से पेशाब में झाग दिखाई देता है।
चेहरे, आंखों के नीचे, हाथ-पैरों और टखनों में सूजन होना भी किडनी खराबी का संकेत होते हैं। अगर ये संकेत दिखे तो तुरंत डॉक्टर से मिले। खासकर, अगर सुबह उठने के बाद आपको चेहरे पर सूजन दिखाई दे तो एक बार डॉक्टर से जरूर मिले। शरीर की सूजन किडनी खराबी की ओर इशारा कर करता है।
किडनी खराब होने पर भूख भी प्रभावित होती है। किडनी की खराबी में भूख कम लगती है। व्यक्ति को उल्टी और मतली जैसा अनुभव हो सकता है। किडनी खराब होने पर अक्सर व्यक्ति की भूख कम हो जाती है। अगर आपको लंबे समय से भूख नहीं लग रही है, तो किडनी चेकअप जरूर कराएं। इससे किडनी की सेहत का हाल पता चलेगा।
किडनी खराब होने पर थकान और कमजोरी जैसे लक्षणों का भी अनुभव हो सकता है। अगर आपको बिना काम किए भी अक्सर ही थकावट बनी रहती है, तो एक बार किडनी की जांच जरूर करवाएं। थकान और कमजोरी होने पर आपको डॉक्टर से भी जरूर मिलना चाहिए। हालांकि, थकान और कमजोरी महसूस होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
जब किडनी खराब होती है, तो इससे शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। यह तरल पदार्थ फेफड़ों तक पहुंचता है और फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसकी वजह से व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। अक्सर लोगों को लगता है कि सांस में तकलीफ हृदय रोगों का संकेत होता है। लेकिन, कुछ मामलों में यह किडनी खराबी का संकेत भी हो सकता है। अगर आपको सांस लेने में मुश्किल हो तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
डायबिटीज रोगियों में किडनी खराब होने का जोखिम ज्यादा बना रहता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसकी वजह से किडनी को फिल्टर करने में मुश्किल होती है। इससे किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
हाई बीपी भी किडनी खराबी के जोखिम को बढ़ाता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, उनमें किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा रहता है। हाई बीपी का किडनी पर सीधा असर पड़ता है।
किडनी से जुड़ी समस्याओं के कारण भी, किडनी खराब हो सकती है। अगर किडनी स्टोर और किडनी इंफेक्शनका समय पर इलाज न किया जाए तो किडनी खराब हो सकती हैं।
जो लोग पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं, उनमें किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा रहता है। शरीर में पानी की कमी से किडनी पर दबाव पड़ता है। इसकी वजह से किडनी का कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आपको रोजाना 8-10 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। इसस किडनी हेल्थ में सुधार होगा और शरीर में जमे अपशिष्ट पदार्थ निकल जाते हैं।
कुछ खास प्रकार की दवाइयों को लंबे समय तक खाने से किडनी की सेहत खराब हो सकती है। दवाइयां खाने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। अगर आप किसी दवा का लंबे समय से सेवन कर रहे हैं तो एक बार किडनी की जांच जरूर करवाएं।
कुछ जेनेटिक बीमारियों के कारण भी किडनी खराब हो सकती हैं। इसलिए अगर आपके परिवार में किसी को किडनी से जुड़ा रोग है, तो किडनी की रेगुलर चेकअप जरूर कराएं।
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें किडनी खराब होने का जोखिम ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे किडनी खराब हो सकती हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
ज्यादा नमक खाने से किडनी को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
किडनी रोगियों को दूध का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।
किडनी पेशेंट को ज्यादा नमक और मसालेदार खाना खाने से परहेज करना चाहिए।
किडनी खराब होने पर आपको लो पोटैशियम और फॉस्फोरस वाले फूड्स का सेवन करना चाहिए।