
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : September 23, 2020 8:22 PM IST
Kidney Damage and Covid-19: कोविड-19 संक्रमण का असर शरीर के दूसरों अंगों पर पड़ता है। डायजेस्टिव सिस्टम से लेकर लीवर तक कोरोना संक्रमण अपना असर छोड़ता है। इसके साथ ही यह किडनी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार कोविड-19 इंफेक्शन से पीड़ित ऐसे लोग जिन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा, उनमें किडनी डैमेज़ होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। किडनी डैमेज़ से जुड़ा यह चौंकाने वाला तथ्य एक स्टडी में सामने आया है। (Kidney Damage and Covid-19)
इस स्टडी के परिणाम जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (Journal Of The American Society Of Nephrology) में प्रकाशित हुए हैं। जिनके अऩुसार, कोविड-19 मरीज़ों के शरीर में सोल्यूबल यूरोकैकेन रिसेप्टर का लेवल बढ़ जाता है। यह एक विशेष प्रकार का प्रोटीन है , जो एंटीबॉडी़ज़ पैदा करता है और यह किडनी डैमेज होने का कारण बनता है। (Kidney Damage and Covid-19)
इस रिसर्च का आयोजन अमेरिका में मिशिगन यूनिवर्सिटी में किया गया। रिसर्च के लेखक जोचन रेसर ने कहा, "यह रिसेप्टर एक ऐसा कारक है, जो हजारों मरीज़ों के किडनी डैमेज की वजह बनता है। एचआईवी और सार्स-कोव-2 (कोविड-19 की वजह बनने वाला वायरस) जैसे आरएनए वायरस के चलते रक्त में इस रिसेप्टर का लेवल बढ़ने लगता है। अगर, यह प्रक्रिया हाइपरइन्फ्लेमेटरी हो जाती है, तो किडनी की सेल्स को बहुत अधिक नुकसान पहुंच सकता है।"
रिसर्च के दौरान 352 कोविड-19 मरीज़ों और इस रिसर्च में हिस्सा लेने वाले लोगों के शरीर में इस रिसेप्टर के लेवल की जांच की गयी। इन सभी लोगों को कोविड-19 संक्रमण होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से लगभग 25 प्रतिशत लोगों में किडनी तेज़ी से ख़राब हो गयी। इस स्थिति में रिसेप्टर के हाई लेवल वाले मरीज़ों में डायलिसिस की आवश्यकता 20 गुना बढ़ गयी थी। इस स्टडी के परिणामों के आधार पर,
रिसर्सर्च ने कहा कि, "निश्चित रूप से अस्पताल में भर्ती ऐसे मरीजों में रिसेप्टर का स्तर एक बहुत बड़ा खतरा है और इसका सीधा असर मरीज़ों की किडनी पर पड़ता है। जिससे, किडनी डैमेज होने का डर बढ़ जाता है।।"