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Written By: Anshumala | Updated : August 13, 2021 4:02 PM IST
Image credits by: 'खतरों के खिलाड़ी 11' के कंटेस्टेंट एक्टर अभिनव शुक्ला इस डिसऑर्डर से हैं ग्रस्त, सोशल मीडिया पर किया खुलासा....
Abhinav Shukla Dyslexia Problem : एक्ट्रेस रुबीना डिलैक (Rubina Dilaik) के पति और खतरों के खिलाड़ी 11 के कंटेस्टेंट (khatron ke khiladi 11) एक्टर अभिनव शुक्ला (Abhinav Shukla) को जब शो में नंबर याद रखते हुए एक टास्क करने को दिया गया तो उन्हें नंबर याद रखने में काफी दिक्कत हुई, जिसकी वजह से वे टास्क हार गए। जानते हैं ऐसा अभिनव के साथ क्यों हुआ? दरअसल, वे एक डिसऑर्डर से ग्रस्त हैं, जिसे डिस्लेक्सिया कहते हैं। इस बारे में खुद अभिनव ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर खुलासा किया। उन्होंने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि उन्हें बॉर्डरलाइन डिस्लेक्सिया (Dyslexia) की समस्या है। डिस्लेक्सिया के कारण (Dyslexia Causes) उन्हें कोई भी नंबर, आंकड़े, अक्षर, शब्द, तारीख, नाम को याद रखने में परेशानी होती है।
अभिनव (Abhinav Shukla) ने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है, मुझे बॉर्डरलाइन डिस्लेक्सिया (Borderline Dyslexia)है, जो अब सबके सामने है। ये ना तो मेरी और ना ही किसी और की गलती है। इस सच्चाई को स्वीकार करने में मुझे दो दशक लग गए। अब नंबर्स और फिगर्स मुझे शर्मिंदा नहीं करते। मैं डिफरेंटली एबल्ड हूं।
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अभिनव शुक्ला ने लिखा, नंबर्स, अक्षर, शब्द ये सभी में उलझाते हैं। मुझे तारीख, नाम को याद रखने में काफी परेशानी होती है। लेकिन, मैं कुछ मामलों में बेहद ही असाधारण या बेहतर हूं। यदि आप मुझे अपनी कार की डिक्की में एक्स्ट्रा सामान डालने को बोलेंगे, तो मैं वो भी रख दूंगा। मैं कुछ चीजों में अच्छा हूं, तो कुछ चीजों में बुरा। मैं जिन चीजों में बुरा हूं, उसे बेहतर बनाने की लगातार कोशिश कर रहा हूं।
डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिसमें अक्षर, शब्द, तारीख आदि को सीखने, पढ़ने, याद करने में व्यक्ति को समस्या आती है। इसे रीडिंग डिसेबिलिटी भी कहते हैं। इसमें व्यक्ति को स्पीच साउंड की पहचान करने और अक्षरों और शब्दों (डिकोडिंग) से वे कैसे संबंधित हैं, इसे सीखने में आने वाली समस्याओं के कारण पढ़ने में कठिनाई होती है। डिस्लेक्सिया मस्तिष्क के उन क्षेत्रों को प्रभावित करता है, जो भाषा को संसाधित (Process) करते हैं।
डिस्लेक्सिया की समस्या बच्चों में होती है, तो इसका पता तभी चल पाता है, जब वे स्कूल जाने लगते हैं या फिर पढ़ना शुरू करते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह लर्निंग डिसऑर्डर 3 से 15 वर्ष के बच्चों को अधिक होती है। बच्चों में डिस्लेक्सिया के लक्षण इस प्रकार नजर आ सकते हैं-
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