मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या 1000 के पार, डब्लूएचओ के इन 10 प्वाइंट्स से जानें असली खतरा हुआ अब शुरू

डब्लूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहा है कि दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहीं ये 10 बड़ी बातें।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : June 10, 2022 12:27 PM IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपॉक्स को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि जिन-जिन देशों में इस बीमारी के मामले सामने आए हैं वहां ये खतरा वास्तविक है और इसके मामलों की संख्या 1000 को पार कर चुकी है। जेनेवा में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान डब्लूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहा है कि दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 1000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

मंकीपॉक्स के मामले अफ्रीका के बाहर भी दर्ज किए जा रहे हैं। टेड्रोस ने कहा है हालांकि इस स्थिति को रोका जा सकता है और उन्होंने प्रभावित देशों से ये आग्रह किया कि वे सभी सामने आए मामलों की पहचान करने का पूरा प्रयास करें और इस बीमारी को फैलने से रोकनी की अपनी पूरी कोशिश करें। आइए जानते हैं मंकीपॉक्स वायरस से जुड़ी कुछ जरूरी बातें।

टेड्रोस अघानोम घेब्रेसियस ने कहीं ये 10 बड़ी बातें

1-डब्लूएचओ ने 29 देशों से अब तक एक हजार से ज्यादा मंकीपॉक्स के मामलेदर्ज किए हैं, जहां फिलहाल ये बीमारी फैल रही है। मंकीपॉक्स के ज्यादातर मामले और संदिग्ध सबसे ज्यादा यूरोप में ही सामने आए हैं।

2-अभी तक इस वायरल बीमारी से प्रभावित देशों में किसी के मरने की कोई खबर सामने नहीं आई है।

3-मंकीपॉक्स के सभी मामले सिर्फ पुरुषों में ही सामने नहीं आए हैं। कुछ देशों में समुदायिक स्तर पर इस बीमारी के फैलने की शुरुआत हुई है, जिसमें महिलाएं भी शिकार हुई हैं।

4-टेड्रोस का कहना है कि बहुत से ऐसे देश, जहां मंकीपॉक्स फैला हुआ है वहां अचानक से मामले सामने आ रहे हैं, जो ये दर्शाता है कि ये वायरस कभी भी फैल सकता है। लेकिन ये कितने दिनों में फैलेगा, हम नहीं जानते हैं।

5-हम जिस समाज में रह रहे हैं ये दुनिया के दुर्भाग्यशाली प्रतिबिंब को दर्शा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय सिर्फ मंकीपॉक्स पर ध्यान दे रहा है क्योंकि इसके मामले अधिक आय वाले देशों में ही सामने आ रहे हैं।

6-उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कुछ देशों में इस वायरस के समुदायिक स्तर पर फैलने के संकेत मिल रहे हैं, इसलिए जिन लोगों को मंकीपॉक्स है उन्हें अपने घर पर ही आइसोलेट हो जाना चाहिए।

7-ये बहुत ही ज्यादा चिंताजनक है कि मंकीपॉक्स उन देशों में फैल रहा है, जहां ये पहले कभी भी नहीं देखा गया।

8-डब्लूएचओ का कहना है कि मंकीपॉक्स वायरसअफ्रीका में दशकों से फैल रहा है और लोगों को मार रहा है।

9-फिलहाल इस बीमारी के लिए प्रयोग की जा रही वैक्सीन स्मॉलपॉक्स के लिए नामित है, जो कि 1980 के दशक में सबसे ज्यादा घातक बीमारी थी। हालांकि अध्ययन में ये साफ हो चुका है कि ये मंकीपॉक्स के खिलाफ भी सुरक्षा प्रदान करती है।

10- यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इस बीच कहा है कि मंकीपॉक्स के कुल मामलों की संख्या दुनियाभर में बढ़कर 1200 तक पहुंच गई है।

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