वैष्णोंं देवी यात्रा के लिए ये इमरजेंसी किट जरूर साथ रखें, न थकान होगी न पैरों में सूजन आएगी

गर्मियों में बहुत सारे लोग माता वैष्णों देवी के दर्शन पर निकलते हैं। क्योंकि गर्मियों में हीटस्ट्रोक का खतरा रहता है इसलिए साथ में इमरजेंसी किट जरूर रखें। आर्टिकल में इमरजेंसी किट के बारे में विस्तार से बताया है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 30, 2026 4:06 PM IST

वैष्णों देवी की यात्रा हिंदू धर्म में एक प्रमुख धार्मिक तीर्थयात्रा है। बच्चे से लेकर युवा और बुजुर्ग तक हर किसी के अंदर माता के दर्शन करने की श्रद्धा रहती है। क्योंकि गर्मियों में बच्चों की स्कूल की छुट्टियां पड़ती हैं ऐसे में अक्सर पेरेंट्स इस समय बच्चों समेत माता वैष्णों देवी के दिव्य दर्शन पर निकलते हैं। लेकिन अगर आप अप्रेल मई जून जैसे तेज गर्मी वाले महीनों में यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो आपको साथ में इमरजेंसी किट जरूर रखनी चाहिए। जो लोग छोटे बच्चे, बुजुर्ग या शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के साथ इतनी लंबी चढ़ाई वाली यात्रा का प्लान कर रहे हैं तो उन्हें उन बारीक चीजों के बारे में जरूर गौर करना चाहिए जो उनकी हेल्थ को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।

क्या है वैष्णों देवी यात्रा इमरजेंसी किट

वैसे तो आज के समय में सुविधाएं बढ़ चुकी हैं और यह जरूरी नहीं रह गया है कि यात्री केवल पैदल ही चढ़ाई करें। अगर आपकी फिजिकल कंडीशन ठीक नहीं है तो जम्मू के कटरा से माता वैष्णों की चढ़ाई के लिए टट्टू (घोड़े), पालकी, या हेलीकॉप्टर सेवाएं भी उपलब्ध हैं। हालांकि ज्यादातर लोग आज भी पैदल चढ़ाई चढ़ना ही पसंद करते हैं। क्योंकि अभी गर्मी अपने पीक पर है और मई जैसे महीने में लंबे समय तक धूप में चलने से लू लगना बहुत कॉमन है। इसलिए आपको अपने साथ नीचे बताई गई हेल्थ किट जरूर रखनी चाहिए।

उम्र (Age)किट में क्या रखेंक्यों जरूरी है?
बच्चे (0-12 वर्ष)बुखार की सिरप, इलेक्ट्रोल, बैंड-एड, नेब्युलाइजरपहाड़ों पर तापमान बदलने से बुखार का डर रहता है। खेल-कूद में चोट या डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए।
युवा (13-45 वर्ष)सिरदर्द और बुखार की दवा, पेनकिलर, Antacids इलेक्ट्रोल, सनस्क्रीनलंबी चढ़ाई से सिरदर्द और थकान हो सकती है। शरीर में मिनरल्स की कमी न हो, इसलिए इलेक्ट्रोल जरूरी है।
बुजुर्ग (45+ वर्ष)पेन स्प्रे, इनहेलर, मालिश का तेल, लौंग, घुटने के कैपघुटनों के दर्द के लिए स्प्रे और तेल, सांस लेने में दिक्कत होने पर इनहेलर और दांत दर्द या गले की खराश में लौंग काम आती है।

वैष्णोंं देवी यात्रा पर खानपान कैसा होना चाहिए?

  1. हल्की चीजें खाएं जो पचाने में आसान हो।
  2. सफर के दौरान चाय-कॉफी जैसी चीजें बहुत कम पिएं या अवॉइड करें।
  3. पानी पीते रहें ताकि बॉडी हाइड्रेट रहे।
  4. तला-भुना और बहुत मसाले वाली चीजें नहीं खानी चाहिए इससे एसिडिटी और हार्टबर्न का रिस्क रहता है।
  5. अगर संभव हो तो फ्रूट-चाट, जूस और नारियल पानी जैसी चीजें लेते रहें।

थकान, चिड़चिड़ापन और पैरों की सूजन से कैसे बचें?

  1. चलते-चलते थकान और चिड़चिड़ापन हो सकता है इसलिए यात्रा के दौरान माता के दिव्य दर्शन के बारे में सोचें। यह भी सोच सकते हैं कि वैष्णों देवी माता के दरबार में कुछ तो अलौकिक है जो लोग मीलों पैदल चलकर आ रहे हैं।
  2. आप हैडफोन या कोई छोटा स्पीकर साथ रख सकते हैं ताकि बोरियत होने पर माता के भजन लगाकर यात्रा का आनंद लिया जा सके। इससे आपको पता भी नहीं चलेगा आप कब हो गई है।
  3. धूप और भीड़ से बचने के लिए सुबह की जगह रात में यात्रा करें। रात में मौसम ठंडा रहता है और शरीर कम थकता है।
  4. कम्फरटेबल जूतों के साथ यात्रा करें। फैशन और दिखावे के चक्कर में फैंसी चप्पल या नए जूत न ले जाएं। इससे पैरों में छाले पड़ सकते हैं।
  5. चढ़ते वक्त सांस लेने में दिक्कत होना कॉमन है इसलिए नाक से गहरी सांस लें और मुंह से छोड़ें। अगर चक्कर आए, तो तुरंत किनारे बैठकर अपनी गर्दन को झुका लें।
  6. पैरों में सूजन आए तो गर्म पट्टी बांधें। यह 'कंप्रेशन' का काम करती है और मांसपेशियों को सहारा देती है। पट्टी को ज्यादा टाइट न बांधें इससे खून का दौरा रुक सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। इन्हें अपनाने से पहले कृपया किसी एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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