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Written By: Editorial Team | Published : August 7, 2018 3:15 PM IST
Don't delay if your child is suffering from Kawasaki disease. A timely treatment can help him/her get back on track. © Shutterstock
कावासाकी एक गंभीर रोग है, जो ज्यादातर बच्चों में होता है। यह पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों में अधिक होता है। यह रोग क्यों होता है, इसके कारणों का पता ठीक से नहीं चल सका है। अभी भी इस बीमारी के बारे में मेडिकल साइंस में कोई पुख्ता जानकारी मौजूद नहीं है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि कावासाकी संक्रमण (जैसे-वायरस या जीवाणुओं के विष) के कारण होता है। इस बीमारी की पहचान पहली बार जापानी बच्चों में 1967 में की गई थी। शोध के अनुसार, कावासाकी संक्रमण के कारण हो सकता है। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि यह वंशानुगत कारकों से भी होता है।
कैसे होता है कावासाकी रोग
कावासाकी रोग हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली कोरोनरी धमनियों सहित पूरे शरीर में छोटे और मध्यम आकार की धमनियों की दीवारों में सूजन के कारण होता है। इसे ''म्यूकोक्यूटेनियस लिम्फ नोड सिंड्रोम'' भी कहते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस रोग के होने पर लिम्फ नोड्स, त्वचा, मुंह, नाक और गले के अंदर श्लेष्मा झिल्ली (Mucous membrane) प्रभावित होती है।
लक्षणों में
कावासाकी रोग में बच्चों के शरीर के विभिन्न हिस्सों में सूजन या छाले हो जाते हैं। लक्षणों में तेज बुखार, त्वचा छिलना, गर्दन में लिम्फ नोड्स में सूजन, लाल, सूखे व फटे होंठ, जीभ में सूजन, पैर के तलवों और हथेलियों में सूजन, आंखों का लाल होना, उल्टी, दस्त, जोड़ो में दर्द, लाल चकत्ते आदि शामिल हैं।
इस रोग के कारण
कई शोध से यह पता चला है कि यह बीमारी बैक्टीरिया, वायरस या अन्य पर्यावरणीय कारकों के कारण हो सकता है। अभी इन कारणों की भी पूर्णतया पुष्टि नहीं हो सकी है।
लाइलाज नहीं है
हालांकि घबराने की बात नहीं है, क्योंकि यह बीमारी लाइलाज नहीं है। इसका इलाज उपलब्ध है। यदि यह समस्या गंभीर न हुई हो, तो उपचार के बाद रोग से मुक्ति मिल जाती है। शुरुआती अवस्था में इसके लक्षणों को देखते हुए इसकी पहचान की जा सकती हैं। इलाद शुरू होने के दो से पांच दिनों के अंदर ही बच्चा ठीक होने लगता है। यदि कावासाकी बीमारी के लक्षण शुरू होने के एक से दो हफ्ते के भीतर इलाज शुरू कर दी जाए, तो दिल से संबंधित समस्याओं से बच्चे बचे रहते हैं।
खतरे क्या हैं
यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैलने वाला रोग नहीं है। कुछ जीन कावासाकी रोग के प्रति किसी बच्चे की संवेदनशीलता को बढ़ा सकते हैं। इस रोग से ग्रस्त औसतन पांच बच्चों में से हर एक बच्चे को हृदय समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन कुछ ही मामलों में कोई स्थायी क्षति होती है।
हृदय समस्याएं
हृदय की मांसपेशियों में सूजन, जिसे मायोकार्डिटिस कहते हैं, बच्चों को हो सकती है।
हार्ट वॉल्व से संबंधित समस्याएं।
असामान्य हृदय ताल।
रक्त वाहिकाओं की सूजन, आमतौर पर वे कोरोनरी धमनियां जो हृदय को रक्त की आपूर्ति करती हैं।
चित्रस्रोत-Shutterstock.
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