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कावड़ यात्रा में बारिश में पैदल चलने से बढ़ सकता है फंगल इंफेक्शन, बचाव के लिए जरूरी टिप्स

कावड़ यात्रा के दौरान पैदल चलने की वजह से पैरों में फंगल संक्रमण का खतरा काफी बढ़ सकता है। इसलिए अगर आप कावड़ यात्रा पर जा रहे हैं, तो इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान जरूर रखें। जानिए, डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से-

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Written By: Anju Rawat | Published : July 30, 2026 6:12 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Shrey Srivastava

Kanwar Yatra 2026: सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा के दौरान कई किलोमीटर तक पैदल चलते हैं और देश के कोने-कोने से हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख तक पहुंचते हैं। मानसून चल रहा है, तो इस दौरान बारिश, कीचड़ और लंबे समय तक गीले जूते-चप्पल पहनने से पैरों में फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। कांवड़ यात्रियों के लिए फंगल इंफेक्शन से बचना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर इन्हें समय पर इलाज न मिले तो इनके लिए चलना-फिरना तक मुश्किल हो सकता है।

दरअसल, इस मौसम में बढ़ती नमी की वजह से फंगस तेजी से पनपते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान कई घंटों तक पैदल चलने से पैरों में पसीना आता है और इस नमी में फंगस पनप सकते हैं। बारिश होने पर जूते या चप्पल भी गीले हो जाते हैं, जिससे पैरों की त्वचा पर लंबे समय तक नमी बनी रहती है। इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है और यात्रियों को दिक्कत हो सकती है। इसलिए कांवड़ यात्रियों को पैरों के फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आइए, शारदा अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव से जानते हैं-

फंगल इंफेक्शन के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

  • उंगलियों के बीच में तेज खुजली होना
  • त्वचा का लाल पड़ना या रैशेज नजर आना
  • त्वचा का छिलना या फटना
  • जलन या चुभन महसूस होना
  • पैरों से बदबू आना
  • छोटे-छोटे दाने या फफोले होना

इन लोगों में ज्यादा रहता है फंगल इंफेक्शन का खतरा!

वैसे तो फंगल इंफेक्शन किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा हो सकता है। इसलिए इन लोगों को कांवड़ यात्रा के दौरान ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

  • जो लोग लंबे समय तक गीले जूते या मौजे पहनकर रखते हैं, उनमें फंगल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है।
  • जिन लोगों को ज्यादा पसीना आता है, उनमें भी फंगल संक्रमण का जोखिम ज्यादा रहता है।
  • डायबिटीज और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फंगल इंफेक्शन का खतरा ज्यादा हो सकता है।

कांवड़ यात्रा में फंगल इंफेक्शन से कैसे बचें?

अगर आप कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं, तो फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए आपको कुछ चीजों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।

पैरों को हमेशा सूखा रखें

फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए आप नियमित रूप से पैरों को जरूर धोएं और उन्हें अच्छी तरह से सुखाएं। गीले जूते या मौजे तुरंत बदलें। यात्रा के दौरान अपने साथ 2-3 जोड़ी कॉटन के मोजे रखें ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। गीले और नमी वाले मौजे बिल्कुल न पहनें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल करें

अगर बारिश में भीगने से पैर गीले हो जाएं तो उन्हें अच्छी तरह सुखाएं और एंटीफंगल पाउडर लगा दें। अगर आपको पैरों पर ज्यादा पसीना आता है, तो भी एंटीफंगल पाउडर लगाएं। इससे फंगस की वृद्धि को रोकने और फंगल संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

तौलिया या एक कपड़ा साथ जरूर रखें

कांवड़ यात्रा के दौरान अपने साथ तौलिया और पैरों को पोछने के लिए अलग कपड़ा जरूर रखें। मोजे और जूते एक-दूसरे के साथ शेयर करने से बचें। इस दौरान पैरों की देखभाल करना बहुत जरूरी है।

हवादार जूते पहनें

कांवड़ यात्रा के दौरान हवादार और आरामदायक जूते चुनें, ताकि हवा का अच्छा संचार बना रहे। टाइट या पूरी तरह से बंद जूते पहनने से बचें। इससे आपको पैरों में दर्द हो सकता है, इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ सकता है।

यात्रा के दौरान अपने साथ जरूर रखें ये चीजें

  • मोजे
  • तौलिया
  • एंटीफंगल पाउडर
  • वाटरप्रूफ बैग
  • साफ पानी और साबुन
  • प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट

Disclaimer: अगर आप भी कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं, तो अपने साथ इन चीजों को जरूर रखें। इस दौरान बारिश में भीगने या गीली जमीन पर चलने से पैरों में फंगल संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए आपको एंटीफंगल पाउडर अपने साथ जरूर रखना चाहिए। अगर फंगल इंफेक्शन का कोई लक्षण (खुजली, लालिमा, त्वचा फटना या जलन) दिखाई दें, तो आप डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी स्टेरॉइड क्रीम लगाने से बचें।