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Asperger Syndrome: कंगना रनौत पर लगा था इस बीमारी से पीड़ित होने का आरोप, लोगों से मिल-जुल कर रहना हो जाता है नामुमकिन

पढ़ें एस्पर्जर सिंड्रोम (Asperger syndrome) क्या है। साथ ही जानें इसके कारण और लक्षण, इसके इलाज और बचाव के उपायों के बारे में।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 23, 2025 9:37 AM IST

Asperger Syndrome Symptoms And Causes: बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के बारे में कभी यह बयान दिए जा रहे थे कि वह कम्युनिकेशन और बिहेयवियर से जुड़े एक सिंड्रोम (Kangana Ranaut affected Asperger Syndrome) से पीड़ित हैं। इस समस्या को एस्पर्जर सिंड्रोम ( Asperger Syndrome disease) कहा जाता है। इस बीमारी का पता 1944 में चला था और इस बीमारी को डॉ. हंस एस्पर्जर भी कहा जाता है। इस लेख में पढ़ें क्या होता है एस्पर्जर सिंड्रोम, इसके कारण और लक्षण क्या हैं और साथ ही जानें इसके इलाज और बचाव के उपायों के बारे में। (Asperger Syndrome Kangana Ranaut)

एस्पर्जर सिंड्रोम क्या है? ( What Is Asperger syndrome )

साल 201o में रिलीज हुई फिल्म माई नेम इज खान में शाहरूख खान(Shah Rukh Khan' s character in My Name Is Khan) के किरदार को एस्पर्जर सिंड्रोम (Asperger syndrome) से पीड़ित दिखाया गया था।लोगों के व्यवहार और बातचीत से जुड़ी आदतों से जुड़ी हुई समस्या है एस्पर्जर सिंड्रोम। बहुत से लोग इसे ऑटिज्म (Autism) मान लेते हैं लेकिन, यह बीमारी ऑटिज्म (Asperger syndrome) से काफी अलग है। हालांकि, दोनों ही बीमारियों के कई लक्षण एक जैसे होते हैं लेकिन, इन दोनों ही स्थितियों में काफी अंतर भी है।

एस्पर्जर सिंड्रोम आमतौर पर बच्चों में देखा जाता है। इस सिंड्रोम से पीड़ित बच्चे अन्य लोगों से मिलना-जुलना कम पसंद (Asperger Syndrome symptoms) करते हैं। इसी तरह उन्हें अन्य लोगों से बात करने में भी दिक्कत होती है। एस्पर्जर सिंड्रोम में बच्चे एक ही काम को बार-बार करना चाहते हैं या एक ही बात दोहराना चाहते हैं।

एस्पर्जर सिंड्रोम के लक्षण क्या है? ( Symptoms Of Asperger syndrome )

पीडियाट्रिशियन और नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. वृषाली बीचकर ( By Dr Vrushali Bichkar, Consultant Paediatrician and Neonatologist, Motherhood Hospital, Lullanagar, Pune) बताती हैं कि एस्पर्जर सिंड्रोम ऑटिज्म का एक कम गम्भीर या माइल्ड प्रकार है। ऐसे लोगों को बातचीत करने या दूसरों के साथ मिलने-जुलने में दिक्कत होती है। इनमें सेंसरी इश्यूज भी होते हैं और इनका आईक्यू लेवल औसत या औसत से अधिक होता है।

ASD वाले बच्चे एकतरफा कम्युनिकेशन करते हैं और वे केवल अपनी बात बोलना पसंद करते हैं या देर तक बोलते रहते हैं। बच्चे आई कॉन्टैक्ट नहीं करते और इनके चेहरे पर भी हाव-भाव कम ही दिखायी देते हैं। वहीं, ऐसे लोग दूसरों की भावनाओं को भी नहीं समझ पाते।

एस्पर्जर सिंड्रोम के कारण क्या है? (Causes Of Asperger syndrome )

एक्सपर्ट्स के अनुसार, एस्पर्जर सिंड्रोम के सही कारणों (reasons of Asperger syndrome)  का पता नहीं चल सका है लेकिन, अधिकांश मामलों में यह जेनेटिक या अनुवांशिक कारणों से होता है। (Asperger Syndrome)

एस्पर्जर सिंड्रोम के लक्षण क्या है? (Symptoms Of Asperger syndrome )

  • एक ही बात को दोहराते रहना
  • अपनी सभी फीलिंग्स को दिखा ना पाना
  • रोबोट की तरह की भाषा में बात करना (Asperger Syndrome signs)
  • अन्य लोगों के हाव-भाव या व्यवहार को समझ ना पाना
  • आई कॉन्टैक्ट ना करनाया अन्य लोगों से बात करते समय नजरे झुकाकर रखना
  • सोशल होने से बचना
  • साधारण तरीके से ना चलना, चलते समय हाथों का ना हिलना भी एस्पर्जर सिंड्रोम का लक्षण माना जाता है।
  • किसी भी तरह के बदलाव के साथ एडजस्ट ना कर पाना

एस्पर्जर सिंड्रोम का इलाज क्या है? (Treatment Of Asperger syndrome )

  1. सिंड्रोम वाले लोगों को किसी चुनौतिपूर्ण वाली स्थिति को हैंडल करने में दिक्कत आती है। इसी तरह इन लोगों का व्यवहार तब बदल जाता है जब इनकी ज़िंदगी में कोई समस्या आती है। ऐसे में आसपास के लोगों को कोशिश करनी चाहिए कि वह सिंड्रोम वाले व्यक्ति को ट्रिगर ना करे।
  2. एस्पर्जर सिंड्रोम वाले लोग बहुत टैलेंटेड माने जाते हैं और कला, एकेडमिक्स या साइंस जैसी फील्ड में ये एक्सपर्ट होते हैं। इसीलिए, उन्हें ऐसे कामों में बिजी रखें जिनमें उनकी रूचि हो।
  3. इस सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को थेरेपिस्ट और डॉक्टर की मदद लेने की जरूरत पड़ सकती है।
  4. सिंड्रोम से पीड़ित लोगों और विशेषकर बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं।