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Written By: Editorial Team | Published : October 5, 2018 3:16 PM IST
काजल में मौजूद लेड बेहद खतरनाक पदार्थ है। © Shutterstock
भारतीय घरों में बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए काजल का टीका लगाया जाता है और आंखों में काजल लगाया जाता है, लेकिन आपको बता दें कि काजल को बच्चों की आंखों के लिए बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता है। आंखें इंसान के शरीर का सबसे संवेदनशील अंग हैं। उस पर बच्चों की आंखें तो और ज्यादा नाजुक होती हैं। इसके अलावा बच्चे काजल लगी आंखों का वैसा ख्याल नहीं रख सकते जैसा बड़े रख सकते हैं, इसलिए काजल को बच्चों की आंखों के लिहाज से असुरक्षित माना जाता है।
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बाजार का काजल है हानिकारक
अगर आप मार्केट से बच्चों के लिए काजल खरीदते हैं तो इसके भी कई नुकसान हैं। दरअसल, बाजार में बिकने वाले काजल में सीसे की मात्रा बहुत होती है, जो कि शिशुओं की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। चूंकि, आंख संवेदनशील अंग हैं और बेहद महत्वपूर्ण हैं इसलिए आंखों के मामले में थोड़ा भी खतरा मोल लेना सही नहीं है। घरों पर बने काजल के बारे में लोग मानते हैं कि इनसे आंखें साफ रहती हैं और काजल आंखों को शीतलता प्रदान करता है। मगर इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
लेड होता है खतरनाक
काजल में मौजूद लेड बेहद खतरनाक पदार्थ है। लंबे समय तक बच्चों की आंखों में इसके इस्तेमाल से शरीर में लेड इकट्ठा हो सकता है और ये शिशु के नर्वस सिस्टम को खराब कर सकता है। लेड की वजह से बच्चे का व्यवहार भी असामान्य हो सकता है। इसकी वजह से मसल्स की ग्रोथ रुक सकती है और किडनी भी खराब हो सकती है।
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हो सकता है इंफेक्शन
काजल में मुख्य रूप से एमॉर्फस, कार्बन, जिंकेट, मैग्नेटाइट और माइनिमम होता है। इसके लगातार प्रयोग से शरीर में लेड इकट्ठा हो सकता है जिससे शिशु के दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है और उसकी बोनमैरो भी खराब हो सकती है। इसकी वजह से शिशु की आंखों में इंफेक्शन हो सकता है और आंखों से पानी आने की समस्या भी हो सकती है। आंखों के बीच स्थित कॉर्निया धूल-मिट्टी और गंदगी को लेकर बेहद संवेदनशील होती है इसीलिए प्रकृति ने पलकों की व्यवस्था की है ताकि अनावश्यक धूल-मिट्टी और बारीक कण आंखों की कॉर्निया में प्रवेश न कर जाएं। आंखों में काजल लगाने से शिशु बार-बार अपनी आंखों को रगड़ता है जिससे काजल के कण कॉर्निया में पहुंच सकते हैं। इसके अलावा शिशु के हाथ में मौजूद वायरस भी शिशु की आंख रगड़ने पर उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए बच्चों की आंखों के लिए काजल को सुरक्षित नहीं माना जा सकता है।