
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : July 3, 2025 1:59 PM IST
Medically Verified By: Shruti Bhardwaj
Heart and Other Health Problems Caused by Overeating of Salt: उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन आज के समय की एक आम लेकिन खामोश बीमारी बन गई है। यह रोग धीरे-धीरे शरीर के अंगों पर असर डालता है, विशेष रूप से दिल, किडनी और मस्तिष्क पर। आमतौर पर इसकी पहचान तब होती है जब यह किसी गंभीर रूप में सामने आता है, जैसे स्ट्रोक या हार्ट अटैक। ऐसे में सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होता; खानपान और जीवनशैली में बदलाव भी अत्यंत आवश्यक है।
श्रुति के भारद्वाज, चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, ज़ाइडस हॉस्पिटल्स, ठलतेज, अहमदाबाद काफी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उनके अनुसार हाइपरटेंशन के मरीजों को सबसे पहले अपने आहार में नमक की मात्रा कम करनी चाहिए। अतिरिक्त नमक शरीर में पानी को रोकता है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है। दिनभर में 5 ग्राम से अधिक नमक न लें और प्रोसेस्ड फूड, अचार, पापड़, नमकीन, और डिब्बाबंद खाने से परहेज करें, क्योंकि इनमें छुपे हुए नमक की मात्रा काफी अधिक होती है। यह ध्यान रखें कि सेंधा नमक, काला नमक या समुद्री नमक सभी में सोडियम की मात्रा लगभग समान होती है, इसलिए 'स्वस्थ विकल्प' समझकर इनका अधिक सेवन भी नुकसानदायक हो सकता है।
साफ-सुथरे, घर के बने, कम नमक और कम तेल वाले भोजन को प्राथमिकता दें। साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, रागी, जौ और दलिया फाइबर से भरपूर होते हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। फल और सब्जियों का भरपूर सेवन करें, खासकर पोटेशियम युक्त चीजें जैसे केला, पालक, चुकंदर, संतरा और टमाटर, क्योंकि ये सोडियम के प्रभाव को संतुलित करते हैं और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं।
इसके अलावा, डेयरी उत्पादों में कम फैट वाला दूध और दही शामिल करें। बादाम, अखरोट और फ्लैक्स सीड्स जैसे हेल्दी फैट्स भी सीमित मात्रा में फायदेमंद हैं। लाल मांस, तला-भुना खाना, मिठाइयां और जंक फूड से पूरी तरह परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर दोनों को बढ़ा सकते हैं और साथ ही में हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ सकता है।
कैफीन और शराब के सेवन को सीमित करना भी आवश्यक है। नियमित रूप से पानी पिएं, लेकिन साथ ही एक बार में बहुत अधिक पानी न लें, यह विशेष रूप से उन मरीजों के लिए ज़रूरी है जिनकी किडनी प्रभावित है। डॉक्टर की सलाह से उचित मात्रा में व्यायाम, योग और ध्यान को भी दिनचर्या में शामिल करें। जीवनशैली में यह छोटा सा परिवर्तन, आपके रक्तचाप को नियंत्रित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
उच्च रक्तचाप को दवाओं से नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन खानपान में सावधानी और नियमित जीवनशैली से इसे लंबे समय तक काबू में रखा जा सकता है। जब आहार संतुलित होगा, तो दिल भी सुकून में रहेगा। याद रखें, स्वास्थ्यवर्धक भोजन ही सबसे बेहतर दवा है।
ज्यादा नमक खाने से स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियां होने का खतरा बढ़ सकता है।
डबल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम से ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।