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बच्चों को भी हो सकती है अर्थराइटिस की समस्या, ये हैं लक्षण और बचाव के उपाय

Arthritis Symptoms In Kids: बच्चों को भी अर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय -

बच्चों को भी हो सकती है अर्थराइटिस की समस्या, ये हैं लक्षण और बचाव के उपाय

Written by priya mishra |Published : January 8, 2024 1:09 PM IST

Arthritis Symptoms In Kids: अर्थराइटिस यानी गठिया को आमतौर पर बुजुर्गों की बीमारी समझा जाता है। यह बीमारी ज्यादातर उम्रदराज लोगों में देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों को भी गठिया की समस्या हो सकती है? जी हां,  16 साल से कम उम्र के बच्चे भी अर्थराइटिस की समस्या का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को होने वाले अर्थराइटिस को जुवेनाइल इडियोपैथिक अर्थराइटिस कहते हैं। यह एक ऑटोइम्यून डिजीज है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से जोड़ों पर ही अटैक करने लगता है। इसके कारण हड्डियों और जोड़ों में दर्द और जकड़न की शिकायत रहती है। अगर समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता बच्चों में अर्थराइटिस के लक्षणों को पहचाने और इससे बचाव के लिए सही कदम उठाएं। आज इस लेख में हम आपको बच्चों में गठिया के लक्षण और बचाव के उपाय बताने जा रहे हैं।

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बच्चों में गठिया के लक्षण - Symptoms Of Juvenile Arthritis In Hindi

  • अगर बच्चा अक्सर सोकर उठने के बाद शरीर में दर्द और अकड़न महसूस करता है, तो यह अर्थराइटिस का संकेत हो सकता है।
  • अगर बच्चे को अक्सर हाथ, पैरों, टखनों, कंधों और कोहनी में दर्द रहता है, तो यह गठिया के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।
  • बच्चे के जोड़ों के आसपास सूजन भी गठिया की बीमारी का एक संकेत हो सकता है।
  • बच्चों की आंखों में सूजन या लालिमा भी अर्थराइटिस के लक्षणों में शामिल है।
  • अगर बच्चे का अचानक से शरीर का वजन कम होने लगे, तो यह भी जुवेनाइल अर्थराइटिस का लक्षण हो सकता है।
  • अगर बच्चा अक्सर थका हुआ और सुस्त महसूस करता है, तो इसे नजरंदाज न करें।
  • तेज बुखार होना या पूरे शरीर पर रैशेज होना भी जुवेनाइल अर्थराइटिस के लक्षणों में शामिल है।

बच्चों में गठिया के बचाव के उपाय - Juvenile Arthritis Prevention Tips In Hindi

अगर आपको अपने बच्चे में अर्थराइटिस के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को अर्थराइटिस से बचाने के लिए उनके खानपान और लाइफस्टाइल का खास ध्यान रखें। अपने बच्चों की डाइट में हरी सब्जियां, विटामिन-सी और विटामिन-डी से भरपूर फूड्स, ड्राई फ्रूट्स दूध पनीर और अंडे जैसी चीजों को शामिल करें। साथ ही, उन्हें प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने को न दें। अर्थराइटिस से बचाव के लिए बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें। सही खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि की मदद से आप अपने बच्चे को जुवेनाइल अर्थराइटिस से बचा सकते हैं।