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Side Effects of Lack of Sleep | गहरी नींद के दौरान शरीर क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करता है, इम्यून सिस्टम मजबूत करता है और दिमाग की थकान दूर करता है। वहीं अगर पूरी नींद नहीं ले पा रहे हैं तो उससे डायबिटीज, मोटापा और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा को बढ़ जाता है। इसलिए अच्छी नींद हमारे शरीर और मन के लिए बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं कई अध्ययनों में यह भी पाया है कि अगर आप रात को ठीक से नींद नहीं ले पा रहे हैं, या फिर अपनी नींद के पैटर्न में कुछ गलतियां कर रहे हैं, तो इसके कारण जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं जिनके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती है। कई रिसर्च में पाया गया है कि नींद और दर्द के बीच एक गहरा संबंध है और नींद की कमी से दर्द बढ़ता है। इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर के रूमेटोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. संजीव इस बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी, जिसके बारे में आप इस लेख में जानेंगे।
डॉ. संजीव के अनुसार, नींद की कमी से शरीर में सूजन बढ़ाने वाले केमिकल्स, जैसे साइटोकिन्स अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इनके बढ़ने से सुबह होने वाली जोड़ों की अकड़न और दर्द ज्यादा महसूस होता है, जो कि दिनभर रहता है और एक चक्र की तरह बन जाता है और दर्द के कारण नींद नहीं आती और नींद की कमी से दर्द और बढ़ जाता है।
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कई रिसर्च में दावा किया जा चुका है कि अगर आप लगातार कुछ रातों को ठीक से सो नहीं पा रहे हैं या फिर आपको किसी कारण से आपकी नींद पूरी नहीं हो रही है तो ऐसे में दिमाग का वह हिस्सा प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाता है जो दर्द को नियंत्रित करता है। जिस कारण हल्का दर्द भी बहुत ज्यादा महसूस होता है। वहीं जो लोग नींद की समस्या या अनिद्रा से जूझते हैं, उन्हें दर्द अधिक बार और तीव्रता से महसूस होता है।
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जैसा कि आप जान चुके हैं कि रात को नींद के दौरान शरीर खुद की मरम्मत करता है जिसमें नए टिश्यू बनते हैं, जिससे शरीर को स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। लेकिन जब नींद पूरी नहीं हो पाती तो यह प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाती है। डॉ. संजीव बताते हैं, “जिन मरीजों की नींद अधूरी रहती है, उनके जोड़ों के कार्टिलेज की मरम्मत नहीं हो पाती, जिससे चलने-फिरने में दिक्कत बढ़ जाती है। इसके अलावा, नींद की कमी स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल को बढ़ा देती है, जो जोड़ों को और भी नुकसान पहुंचाता है।
याद रखें आपके लिए इस दर्द और नींद के चक्र को तोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि मरीज सामान्य और बेहतर जीवन जी सकें। इसके लिए आपको कुछ कास सलाह दी जाती हैं।
डॉ. संजीव के अनुसार, “अगर आर्थराइटिस के इलाज में नींद को भी प्राथमिकता दी जाए, तो मरीजों को काफी राहत मिल सकती है और वे अपने रोजमर्रा के जीवन में फर्क महसूस करते हैं।” नींद केवल आराम नहीं, बल्कि शरीर की रिकवरी का एक जरूरी हिस्सा है। आर्थराइटिस जैसी बीमारियों में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अच्छी नींद से जोड़ों की मरम्मत होती है, दर्द की तीव्रता घटती है और मानसिक रूप से भी व्यक्ति बेहतर महसूस करता है।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
अनिद्रा और नींद की कमी के कारण सिरदर्द, थकान, कब्ज और चिड़चिड़़ापन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
जिन लोगों को अक्सर जोड़ों का दर्द रहता है, उन्हें अपनी डाइट में ऐसा खाना शामिल करना चाहिए जिसमें ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है।
जोड़ों में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कमजोरी, शरीर का वजन ज्यादा होना, गठिया और हड्डियों की कमजोरी आदि।