
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : May 6, 2026 11:38 AM IST
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भारत में गलत खानपान, वायु प्रदूषण, बढ़ते प्लास्टिक के इस्तेमाल और विभिन्न कारणों से कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर पिछले 1 दशक में भारत में गले के कैंसर के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गले के कैंसर की जब बात आती है तो सबसे पहले दिमाग में तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट या गुटखे जैसे कारणों का ही ख्याल आता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में गले के कैंसर की पीछे के कारणों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) भी शामिल हुआ है। यह वायरस किसी धुएं या नशे से नहीं, बल्कि हमारे निजी रिश्तों और नजदीकियों के जरिए फैलता है- चाहे वो शारीरिक संबंध हों या त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन का संपर्क। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं क्लिनिकल हेड- ऑन्कोलॉजी नेटवर्क डॉ. हरित चतुर्वेदी का कहना है कि लंबे समय तक HPV को महिलाओं की बीमारी समझा गया, खासकर सर्वाइकल कैंसर से जोड़कर। लेकिन अब आंकड़े एक अलग सच्चाई बता रहे हैं। भारत में पुरुषों में HPV से जुड़े कैंसरों में गले का कैंसर खासकर ऑरोफेरिंजियल कैंसर सबसे आगे है।करीब 63% मामलों में यही कैंसर पाया जा रहा है। यह बदलाव अचानक नहीं हुआ, बल्कि धीरे-धीरे हमारी अनदेखी के बीच बढ़ता जा रहा है।
डॉ. हरित चतुर्वेदी के अनुसार, HPV की सबसे डरावनी बात यह है कि यह शरीर में 10 से 30 साल तक बिना कोई संकेत दिए छिपा रह सकता है। इसलिए यह संक्रमण देरी से सामान आता है और लंबे समय के बाद कैंसर के रूप में सामने आता है। आंकड़े बताते हैं कि 2030 तक भारत में मुंह और गले के कैंसर से मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
गले का कैंसर काफी घातक होता है।
गले का कैंसर गले, वोकल कॉर्ड (स्वरयंत्र) या टॉन्सिल्स के आसपास विकसित हो सकता है। गले के कैंसर के नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैं।
इस सवाल का जवाब देते हुए इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. गजल तनीसर कहती हैं- हां एचपीवी के कारण गले का कैंसर हो सकता है। अगर पुरुष समय पर लक्षणों पर ध्यान दें तो HPV के कारण होने वाले गले के कैंसर को रोका जा सकता है। केंद्र सरकार ने 2026 में 14 साल की लड़कियों के लिए मुफ्त HPV वैक्सीन की शुरुआत की यह एक सराहनीय कदम है।लेकिन अब सिर्फ महिलाओं को ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी एचपीवी वैक्सीन लगाने की जरूरत है। अगर आज हमने इसे समझ लिया, तो आने वाली पीढ़ियों को इससे बचाया जा सकता है।
Disclaimer: HPV के कारण गले के कैंसर होने की संभावना कई गुणा ज्यादा हो जाती है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता की बड़े पैमाने पर जरूरत है। HPV वैक्सीन के जरिए HPV वायरस से बचाव संभव है। आपकी सेहत के लिए एचपीवी वैक्सीन कितनी जरूरी है, इस विषय पर जानने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।