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Sardi ki Dhundh ke Nuksan: सर्दियों के मौसम में अक्सर प्रदूषण ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान होने लगता है। लेकिन जरूरी नहीं है कि सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाला प्रदूषण किसी देश के सभी हिस्सों में ही बढ़ जाए। खासतौर पर कुछ ग्रामीण व हरियाली वाले क्षेत्र ऐसे भी होते हैं जहां सर्दियों में भी प्रदूषण नहीं बढ़ता है या फिर बहुत ही कम स्तर पर बढ़ पाता है। यह सच है कि ऐसे क्षेत्रों में रहना जहां प्रदूषण नहीं होता या न के बराबर होता है, आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद रहता है। लेकिन जैसा कि आपको पता है कि सर्दियों में होने वाली धुंध सिर्फ प्रदूषण के कारण ही नहीं होती है, बल्कि जिन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नहीं होता है वहां पर भी धुंध जमा होती है। इसके बाद सवाल आता है कि क्या सर्दियों में कम पॉल्यूशन वाले क्षेत्रों में बनने वाली धुंध भी आपके श्वसन मार्गों और फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। इस बारे में हमें एक्सपर्ट्स से बात करनी चाहिए ताकि किसी भी ऐसी धुंध वाली जगह पर जाने से पहले आपको यह जानकारी हो कि आपके फेफड़े व अन्य श्वसन तंत्र के अंग सुरक्षित हैं।
डॉ. आयुष के अनुसार अगर किसी क्षेत्र में प्रदूषण नहीं है, लेकिन सर्दियों के कारण धुंध बहुत ज्यादा हो गई है तो वह भी आपके फेफड़ों के लिए फायदेमंद नहीं होती है। सर्दियों की हवा वैसे तो सूखी होती है, लेकिन ज्यादा धुंध होने के कारण हवा बहुत ठंडी होने के साथ-साथ जरूरत से ज्यादा नमीयुक्त भी हो जाती है। इस स्थिति के कारण धुंध वाली इस हवा में ऑक्सीजन कम हो जाता है, जिससे फेफड़े व अन्य श्वसन तंत्र प्रभावित हो जाते हैं।
जरूरत से ज्यादा नम और ठंडी हवा सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि पूरे शारीरिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित कर सकती है। ज्यादा ठंडी हवा शरीर के तापमान को लगातार कम करती है। जरूरत से ज्यादा नमीयुक्त हवा फेफड़ों में ज्यादा नमी पैदा करती है, जिससे बैक्टीरिया व अन्य रोगाणु होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ज्यादा नमी और ठंडी हवा में अक्सर ऑक्सीजन भी कम होती है, जिसका सीधा असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है।
धुंध वाली जगहों पर जाते समय भी आपको उसी तरह से सावधानी बरतनी चाहिए, जिस तरह आप प्रदूषण वाली जगहों पर बरत रहे होते हैं। इसलिए जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें और बाहर निकलते समय मास्क या मुंह पर कपड़े का इस्तेमाल करें। यदि आपके पास विकल्प है तो बाइक या साइकिल से जाने की बजाय कार या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
सर्दियों में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं और यह भी आपके बीमार होने का एक कारण बन सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और ठंडे पानी की बजाय गुनगुने पानी का सेवन करें। खाने में पर्याप्त मात्रा में फल व सब्जियां लें और जितना हो सके बाहर की चीजों का सेवन न करें जो आपको बीमार बना सकते हैं।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।