
... Read More
Written By: Atul Modi | Updated : August 22, 2022 7:01 AM IST
कोरोना वायरस के बाद टोमेटो फ्लू (Tomato Flu) ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। एक्सपर्ट का मानना है कि टोमेटो फ्लू 5 साल से कम उम्र के बच्चों को चपेट में ले रहा है और अब तक की 82 मरीज टोमेटो फ्लू के मिल चुके हैं। टोमेटो फ्लू का सबसे पहला मामला केरल से आया था। इसके बाद टोमेटो फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है।
टोमेटो फ्लू के केस आने के बाद सभी लोगों के जहन में इसके बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है। दरअसल टोमेटो फ्लू को मेडिकल टर्म्स में टोमेटो फीवर या एक तरह की हैंड फुट एंड माउथ डिजीज है। इसके लक्षण आमतौर पर हाथ पैर और मुंह में देखने को मिलते हैं। हाथों में चकत्ते पड़ जाते हैं। लाल रंग के फफोले की तरह पड़े दानों की वजह से इसे टोमेटो फ्लू कहा जाता है।
एक्सपर्ट का मानना है कि टोमेटो फ्लू से जान को खतरा तो नहीं है लेकिन यह संक्रामक जरूर है। कुछ एक्सपर्ट बताते हैं कि डेंगू और चिकनगुनिया के साइड इफेक्ट्स होने से इस तरह के रोग हो जाते हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि बच्चो में रिस्क ज्यादा है इसलिए हाइजेनिक चीजों से बच्चों को बचाकर रखें।
टोमेटो फ्लू के लक्षण की बात करें तो ये मंकी पॉक्स और चिकनपाक्स की तरह ही होते हैं। लाल दाने होने की वजह से इसे टोमेटो फ्लू कहा जाता है। इस बीमारी में थकान, उल्टी आना, दस्त, बुखार, पानी की कमी होना, शरीर में दर्द होना और भी कई तरह के लक्षण इसमें देखने को मिलते हैं।
टोमेटो फ्लू का उपचार आप सामान्य तौर पर पेरासिटमाल लेकर भी कर सकते हैं। साथ ही तरल पदार्थों का सेवन करें। डॉक्टर्स से सलाह जरूर लें। लक्षण दिखने पर बच्चो को क्वारिंटिन जरूर कर लें।