
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : January 15, 2026 12:31 PM IST
आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में लाखों लोग इस हार्मोनल डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं, खासकर महिलाएं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है- अगर मेरी मां को थायराइड है, तो क्या मुझे भी थायराइड हो सकता है? क्या थायराइड जेनेटिक बीमारी है?
दिल्ली के जनरल फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र कुमार का कहना है कि इस सवाल का सीधा सा जवाब है हां, थायराइड खासकर ऑटोइम्यून थायराइड डिजीज का जेनेटिक कनेक्शन होता है, लेकिन यह 100 फीसदी जेनेटिक नहीं होती है। अगर आपकी मां को थायराइड है, तो आपको रिस्क ज्यादा हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपको थायराइडहो ही जाए। एक रिसर्च के अनुसार, अगर मां या पिता को थायराइड है, तो बच्चे में थायराइड होने का खतरा 2 से 5 गुना बढ़ सकता है। वहीं, अगर परिवार में एक से ज्यादा सदस्य (मां, मौसी, नानी) को थायराइड है, तो थायराइड होने का रिस्क कई गुणा तक बढ़ जाता है।
जेनेटिक्स के कारण थायराइड कई प्रकार के प्रभावित होता है। इसमें शामिल है :
डॉक्टर बताते हैं कि ये कहना बिल्कुल गलत होगा कि थायराइड के लिए सिर्फ जेनेटिक्स ही जिम्मेदार होते हैं। किसी व्यक्ति जैसी बीमारी होगी या नहीं, ये मल्टी फैक्टर पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में थायराइड को जेनेटिक्स से जुड़ा हुआ पाया गया है। तो कुछ मामलों में थायराइड लाइफस्टाइल, खानपान और ऑटो इम्यून से जुड़ा हुआ पाया गया है। जेनेटिक्स के कारण होने वाले थायराइड के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखे जाते हैं। इसके अलावा थायराइड जैसी बीमारी होने के कारण में शामिल है :
नहीं, बिल्कुल भी नहीं थायराइड को पूरी तरह से रोकना बिल्कुल भी संभव नहीं है। जेनेटिक रिस्क के कारण होने वाले थायराइड को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन डिले या कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।
बैलेंस्ड डाइट लें- आपको फैमिली हिस्ट्री के कारण थायराइड हुआ है तो खाने में आयोडीन युक्त नमक की मात्रा को सीमित करें। इसके अलावा सेलेनियम (ब्राजील नट्स, अंडा), जिंक (बीज, नट्स) व आयरन युक्त आहार को खाने में ज्यादा शामिल करें।
तनाव कम करें- ऑफिस और घर के काम के चक्कर में तनाव ज्यादा है तो इसे कम करने के लिए योग, मेडिटेशन जैसी चीजों को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं। सुबह या शाम के समय 15 मिनट मेडिटेशन करने से मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।
हाइपोथायराइड : अधिकतर मामलों में लाइफटाइम मैनेजमेंट तक रहता है।
हाइपरथायराइड : कुछ मामलों में इलाज से कंट्रोल किया जा सकता है।
ऑटोइम्यून थायराइड : ऑटोइम्यून थायराइड को दवा और खानपान के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक करना नामुमकिन है।
डॉक्टर के साथ हुई बातचीत के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि अगर आपकी मां को थायराइड है, तो आपको डरने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। थायराइड का जेनेटिक कनेक्शन जरूर है, लेकिन सही लाइफस्टाइल, खानपान, योग और एक्सरसाइज के जरिए इस बीमारी को कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।