मेरी मॉम को थायराइड है, तो क्या ये मुझे भी हो सकता है? क्या जेनेटिक्स का थायराइड से कनेक्शन

Thyroid and Genetic ke beech kya connection hai: जिन लोगों की फैमिली में मां या पिता में से किसी एक को थायराइड होता है, वो अक्सर ये सवाल पूछते हैं कि क्या उन्हें भी ये बीमारी हो सकती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब डॉ. सुरेंद्र कुमार से।

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Written By: Ashu Kumar Das | Updated : January 15, 2026 12:31 PM IST

आज के समय में थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में लाखों लोग इस हार्मोनल डिसऑर्डर से जूझ रहे हैं, खासकर महिलाएं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है- अगर मेरी मां को थायराइड है, तो क्या मुझे भी थायराइड हो सकता है? क्या थायराइड जेनेटिक बीमारी है?

क्या थायराइड जेनेटिक बीमारी है?

दिल्ली के जनरल फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र कुमार  का कहना है कि इस सवाल का सीधा सा जवाब है हां, थायराइड खासकर ऑटोइम्यून थायराइड डिजीज का जेनेटिक कनेक्शन होता है, लेकिन यह 100 फीसदी जेनेटिक नहीं होती है। अगर आपकी मां को थायराइड है, तो आपको रिस्क ज्यादा हो सकता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि आपको थायराइडहो ही जाए। एक रिसर्च के अनुसार, अगर मां या पिता को थायराइड है, तो बच्चे में थायराइड होने का खतरा 2 से 5 गुना बढ़ सकता है। वहीं, अगर परिवार में एक से ज्यादा सदस्य (मां, मौसी, नानी) को थायराइड है, तो थायराइड होने का रिस्क कई गुणा तक बढ़ जाता है।

जेनेटिक्स थायराइड को कैसे प्रभावित करता है?

जेनेटिक्स के कारण थायराइड कई प्रकार के प्रभावित होता है। इसमें शामिल है :

  1. इम्यून सिस्टम का जेनेटिक पैटर्न- ऑटोइम्यून थायराइड में शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से थायराइड ग्रंथि पर हमला करता है। इम्यून सिस्टम से जुड़ी ये गड़बड़ी अक्सर परिवारों में चलती है।
  2. HLA Genes- हम सभी इंसानों के अंदर खास जीन्स होते हैं। कुछ खास जीन जैसे कि HLA-DR, CTLA-4 और PTPN22 होता है। इनका सीधा कनेक्शन थायराइड ऑटोइम्यून डिजीज से होता है।
  3. हार्मोन सेंसेटिविटी- महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन की वजह से थायराइड का जेनेटिक असर कई मामलों में ज्यादा देखा जाता है।

क्या सिर्फ थायराइड के लिए जेनेटिक्स ही जिम्मेदार हैं?

डॉक्टर बताते हैं कि ये कहना बिल्कुल गलत होगा कि थायराइड के लिए सिर्फ जेनेटिक्स ही जिम्मेदार होते हैं। किसी व्यक्ति जैसी बीमारी होगी या नहीं, ये मल्टी फैक्टर पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में थायराइड को जेनेटिक्स से जुड़ा हुआ पाया गया है। तो कुछ मामलों में थायराइड लाइफस्टाइल, खानपान और ऑटो इम्यून से जुड़ा हुआ पाया गया है। जेनेटिक्स के कारण होने वाले थायराइड के मामले पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखे जाते हैं। इसके अलावा थायराइड जैसी बीमारी होने के कारण में शामिल है :

थायराइड होने के कारण मुख्य कारण

  1. आयोडीन की कमी और अधिकता- डॉक्टर का कहना है कि खाने में कम या जरूरत से ज्यादा आयोडीन होने से भी थायराइड हो सकता है।  खाने में बहुत कम आयोडीन की मात्रा होने से हाइपो थायराइड होता है। जबकि खाने में बहुत ज्यादा आयोडीन होने से ऑटोइम्यून थायराइड का खतरा रहता है।
  2. मानसिक तनाव- काम, घर की जिम्मेदारी के कारण मानसिक तनाव ज्यादा होता है। मानसिक तनाव होने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और थायराइड ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती है। 10 में से 1 मामले में मानसिक तनाव के कारण थायराइड की समस्या होती है।
  3. हार्मोनल बदलाव- उम्र के साथ महिलाओं में प्यूबर्टी, प्रेग्नेंसी, डिलीवरी के बाद हैवी ब्लीडिंग और मेनोपॉज के कारण कई प्रकार के हार्मोन बदलाव होते हैं। इन हार्मोनल बदलावों का सीधा असर थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है। इससे  थायराइड होता है।
  4. लाइफस्टाइल- अनियमित नींद, जंक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, एक्सरसाइज न करना जैसे फैक्टर भी थायराइड जैसी बीमारी में अपनी भूमिका निभाते हैं।

क्या थायराइड को रोका जा सकता है?

नहीं, बिल्कुल भी नहीं थायराइड को पूरी तरह से रोकना बिल्कुल भी संभव नहीं है। जेनेटिक रिस्क के कारण होने वाले थायराइड को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन डिले या कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।

थायराइड से बचाव के उपाय (अगर फैमिली हिस्ट्री हो)

बैलेंस्ड डाइट लें-  आपको फैमिली हिस्ट्री के कारण थायराइड हुआ है तो खाने में आयोडीन युक्त नमक की मात्रा को सीमित करें। इसके अलावा सेलेनियम (ब्राजील नट्स, अंडा), जिंक (बीज, नट्स) व आयरन युक्त आहार को खाने में ज्यादा शामिल करें।

तनाव कम करें- ऑफिस और घर के काम के चक्कर में तनाव ज्यादा है तो इसे कम करने के लिए योग, मेडिटेशन जैसी चीजों को लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं। सुबह या शाम के समय 15 मिनट मेडिटेशन करने से मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।

क्या थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?

हाइपोथायराइड : अधिकतर मामलों में लाइफटाइम मैनेजमेंट तक रहता है।

हाइपरथायराइड : कुछ मामलों में इलाज से कंट्रोल किया जा सकता है।

ऑटोइम्यून थायराइड : ऑटोइम्यून थायराइड को दवा और खानपान के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। लेकिन इसे पूरी तरह से ठीक करना नामुमकिन है।

निष्कर्ष

डॉक्टर के साथ हुई बातचीत के आधार पर हम ये कह सकते हैं कि अगर आपकी मां को थायराइड है, तो आपको डरने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। थायराइड का जेनेटिक कनेक्शन जरूर है, लेकिन सही लाइफस्टाइल, खानपान, योग और एक्सरसाइज के जरिए इस बीमारी को कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।

Highlights

  • जेनेटिक्स के कारण थायराइड हो सकता है।
  • हार्मोनल बदलाव में भी थायराइड भूमिका निभाता है।
  • थायराइड लाइफस्टाइल से कंट्रोल हो सकता है।
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