
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 13, 2026 6:52 PM IST
Medically Verified By: Dr. Dharam P. Pandey
neck stiffness in the morning (Image Credit: chatgpt)
कई बार जब हम सुबह सोकर उठते हैं, तो हमें शरीर के किसी हिस्से में दर्द या अकड़न की समस्या रहती है जो कि आम होती है। ऐसी समस्याओं को हम गंभीरता से नहीं लेते हैं, क्योंकि हम में से ज्यादातर लोग यही सोचकर बैठ जाते हैं कि शायद रात को ठीक से न सो पाने या फिर किसी गलत पोजीशन में सो पाने के कारण ऐसा हो रहा है। लेकिन कई बार सुबह के समय हो रही अकड़न किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति को सुबह के समय गर्दन में अकड़न महसूस होती है और बार-बार यह समस्या देखी जा रही है तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि यह कोई अंदरूनी समस्या हो सकती है, जिसे लंबे समय तक इग्नोर करना किसी न किसी बीमारी का कारण बन सकता है।
सुबह उठते ही गर्दन में अकड़न या दर्द महसूस होना आजकल बहुत आम समस्या बन गई है। कई लोग इसे गलत तकिया, खराब सोने की पोजीशन या लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यह सच भी है कि कई मामलों में यह सामान्य कारणों से होता है, लेकिन अगर गर्दन की अकड़न बार-बार हो रही हो या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
डॉ. धरम पी. पांडेय, डायरेक्टर (CPRS), सेंटर फॉर फिजियोथेरेपी एंड रिहैबिलिटेशन साइंस, Sharda Care HealthCity
गर्दन की अकड़न को ठीक करने के तरीके जानने से पहले उसके कारणों कापता लगाना जरूरी है -
ऊपर बताए गए ये कारण आमतौर पर गर्दन में अकड़न का काम बन सकते हैं और इन स्थितियों के कारण होने वाली गर्दन की अकड़न आमतौर पर अस्थायी होती है जिसका मतलब यह है कि कुछ समय बाद या कुछ सामान्य उपायों से यह ठीक हो जाती है।
जैसा कि हमने बताया कि जरूरी नहीं है कि जरूरी नहीं है कि गर्दन में अकड़न होना किसी आम समस्या का ही संकेत हो क्योंकि कई बार यह किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में गर्दन में अकड़न के साथ-साथ कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं -
अगर सुबह के समय गर्दन में अकड़न के साथ-साथ ऊपर बताए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो स्वास्थ्य से जुड़ी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है जैसे -
अगर आपको सुबह उठने के बाद गर्दन में अकड़न जैसा महसूस होता है, तो कम से कम आधे घंटे तक इंतजार करें और अगर समस्या कम नहीं होती है तो डॉक्टर से संपर्क करें। वहीं अगर अकड़न बहुत ज्यादा है तो फिर इंतजार न करें बल्कि जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा अगर गर्दन में अकड़न के साथ-साथ दर्द जैसी समस्याएं भी हैं तो भी बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए।
गर्दन की समस्या से बचने के लिए सही पोस्चर में बैठना और सोना बेहद जरूरी है। मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते समय स्क्रीन आंखों के सामने होनी चाहिए। बहुत देर तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें और बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करते रहें। हल्की फिजियोथेरेपी एक्सरसाइज, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। सही तकिया चुनना भी जरूरी है, ताकि गर्दन को सही सपोर्ट मिल सके। यदि दर्द लगातार बना रहे, तो केवल दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर न रहें। समय पर जांच और सही इलाज से बड़ी समस्या को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।
डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल सुबह के समय गर्दन में अकड़न व उससे जुड़ी बीमारियों के खतरे के बारे में बताना है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण लंबे समय तक बैठने या आराम करने के बाद दर्द बढ़ना और गतिविधि करने पर राहत मिलना भी इसके संकेत हो सकते हैं। कई मरीजों में गर्दन, कंधे और कूल्हों में भी दर्द महसूस होता है।
गर्म पानी की सिकाई, हल्दी वाला दूध और गर्दन के लिए विशेष योगासन सर्वाइकल के लिए रामबाण इलाज साबित हो सकता है।
सर्वाइकल पेन (गर्दन दर्द) तब अधिक होता है जब गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जैसे लंबे समय तक स्क्रीन/फोन देखना, गलत मुद्रा (Posture) में बैठना, या अधिक भारी वजन उठाना।
सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ित लोगों के लिए, कायरोप्रैक्टिक उपचार गर्दन के दर्द और अकड़न के आधार पर किया जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी रिसर्च बताती है कि सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के मरीजों का कायरोप्रैक्टर लक्षणों को कम करने के लिए आपकी रीढ़ की हड्डी को हिला सकते हैं या मालिश कर सकते हैं।