क्या स्किन के लिए कृत्रिम बारिश सेफ है? जानें Artificial Rain से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है

Artificial Rain in Delhi: दिल्ली के लोग कृत्रिम बारिश का बहुत इंतजार कर रहे हैं, लेकिन क्या कृत्रिम बारिश के पानी का स्वास्थ्य पर होने वाले असर को जानते हैं। इस लेख में इस बारे में जानकारी दी गई है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : October 28, 2025 4:27 PM IST

Artificial Rain Side Effects: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से लोगों को हो रही परेशानी से निजात दिलाने के लिए कृत्रिम बारिश करने की पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का मानना है कि अगर सारा काम अगर योजना के अनुसार हुआ हो आज दिल्ली आर्टिफिशियल रेन से नहाएगी। बहुत से लोगों को अभी तक भी समझ नहीं आ रहा होगा कि आखिर दिल्ली में यह कृत्रिम बारिश कैसे कराई जाएगी और इसका मतलब यह भी साफ हुआ कि लोगों को कृत्रिम बारिश के पानी के बारे में भी बहुत ज्यादा जानकारी नहीं होगी। लेकिन इतना जरूर पता है कि यह बारिश का नेचुरल पानी नहीं है बल्कि कृत्रिम तरीके से कराई गई बारिश का पानी है और इसका हमारी स्किन व स्वास्थ्य पर क्या रिएक्शन रहेगा इस बात का पता होन भी जरूरी है।

पहले समझें क्या है कृत्रिम बारिश

कृत्रिम बारिश का मतलब यह नहीं है कि हवाई जहाजों की मदद से दिल्ली के ऊपर पानी का छिड़काव किया जाएगा और न ही इसका मतलब यह है कि बादलों में पानी भर दिया जाएगा। दरअसल इसमें सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड जैसे खास केमिकल ऊपर हवा में छोड़े जाते हैं और इस खास तकनीक को ही क्लाउड सीडिंग कहा जाता है।

स्वास्थ्य पर असर

हेल्थ एक्सपर्ट्स का है कि अगर क्लाउड सीडिंग और आर्टिफिशियल रेन का सारा प्रोसीजर सटीक तरीके से और सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं माना जाता है। लेकिन केमिकल की कम-ज्यादा संभावना रहती है कि कृत्रिम बारिश का पानी स्वास्थ्य व स्किन के लिए अच्छा न हो।

कृत्रिम बारिश के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले केमिकल खासतौर पर सिल्वर आयोडाइड का इस्तेमाल बहुत ही कम मात्रा में किया जाता है और यह वातावरण में इतना घुल जाता है कि इसका स्किन पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। लेकिन अगर इस केमिकल का इस्तेमाल ज्यादा हो जाता है, तो आर्टिफिशियल रेन का पानी स्किन में कई दिक्कतें पैदा कर सकता है।

सांस की बीमारियों के मरीज

जैसा कि आपको भी पता है कि सिल्वर आयोडाइड एक शक्तिशाली केमिकल है और अगर यह ज्यादा मात्रा में हवा मे घुल जाता है तो हवा भी टॉक्सिक बन सकता है। खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से ही सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां हैं। इसलिए जिन लोगों को इस तरह की बीमारियां हैं, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है।

इसके अलावा अगर सामान्य तरीके से ही सारी प्रोसेस की गई है और इस प्रोसीजर से हुई बारिश के संपर्क में कोई व्यक्ति काफी देर तक आता है, तो उसकी स्किन, आंखों व बालों आदि में परेशानी जैसे जलन, सूजन या एलर्जी जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान

दिल्ली में कृत्रिम बारिश कराने का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को खत्म करना व मौसम को साफ करना है और इस प्रोसीजर से इसमें काफी मदद मिल सकती है। लेकिन यह बारिश नहाने के लिए नहीं है। इसलिए जितना हो सके इस बारिश में भीगने से बचने की ही सलाह दी जाती है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति इस दौरान पानी में भीग जाता है, तो उसे घर पहुंचते ही साबुन और साफ पानी के साथ नहा लेना चाहिए।

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source