क्या पार्किंसन डिजीज का इलाज हो सकता है? जानें, क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण

Is there a cure for Parkinson's disease : अक्सर मरीजों के मन में सवाल रहता है कि क्या पार्किंसन का इलाज संभव है? इस विषय की जानकारी के लिए हमने न्यूरोलॉजिस्ट से बात की है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर?

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Written By: Kishori Mishra | Published : April 11, 2026 12:05 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Rupam Borgohain

Can Parkinson's be cured: पार्किंसन डिजीज, एक गंभीर और धीरे-धीरे बढ़ने वाली न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो मरीज की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। यह बीमारी तब होती है, जब दिमाग में डोपामिन बनाने वाली कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होने लगती हैं। हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट एंड प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. रूपम का कहना है कि आज के समय में पार्किंसन न सिर्फ बुजुर्गों को हो रहा है, बल्कि युवा वर्ग में भी यह परेशानी देखी जा रही है। पार्किंसन एक न्यरोलॉजिकल डिजीज है, जो किसी व्यक्ति को तब होता है, जब दिमाग में डोपामिन बनाने वाले सेल्स खत्म या नष्ट होने लगते हैं

मालूम हो कि डोपामिन एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है, जो शरीर की मूवमेंट और संतुलन को कंट्रोल करने में हमारी मदद करता है। ऐसे में पार्किंसन का समय पर इलाज जरूरी होता है। अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है? वर्ल्ड पार्किंसन डे (World parkinson's day 2026) के इस मौके पर हम आपके इस सवाल का जबाव देंगे। आइए जानते हैं क्या पार्किंसन डिजीज को खत्म किया जा सकता है।

क्या हैं पार्किंसन के लक्षण?

डॉ. रूपम का कहना है कि पार्किंसन के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं, लेकिन समय के साथ ये बढ़ते जाते हैं। ऐसे में हल्के लक्षणों को इग्नोर करने से बचें, इसके लक्षण (5 signs you'll get Parkinson's ) निम्न हैं-

  1. हाथों का कांपना
  2. मांसपेशियों में जकड़न
  3. धीमी गति से चलना
  4. चेहरा का भाव बदलना
  5. संतुलन बिगड़ना, इत्यादि।

कुछ मरीजों में चेहरे के भाव कम हो जाते हैं और आवाज भी धीमी पड़ सकती है। हालांकि, यह बीमारी हर व्यक्ति में अलग-अलग तरीके से नजर आती है।

क्या पार्किंसन का इलाज हो सकता है?

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर रुपम का कहना गै कि फिलहाल पार्किंसन डिजीज का पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है। यह बीमारी किसी बैक्टीरियल इंफेक्शन की तरह नहीं है, जिसे दवाओं से पूरी तरह खत्म किया जा सके। लेकिन अच्छी बात यह है कि सही मैनेजमेंट से पार्किंसन का मरीज एक सामान्य जीवन जी सकता है।

क्या है पार्किंसन का इलाज?

पार्किंसन का इलाज मरीज की स्थिति के हिसाब से अलग-अलग तरीके से होता है, जैसे-

  • डॉक्टर मरीज को कुछ ऐसी दवाएं देते हैं, जिससे दिमाग में डोपामिन का स्तर बढ़ाया जा सके। इससे लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  • कुछ मरीजों की डीप ब्रेन स्टिमुलेशन की जाती है। यह एक सर्जिकल तकनीक है। इसमें दिमाग में इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। यह असामान्य सिग्नल को कंट्रोल कर लक्षणों को कम करने में प्रभावी हो सकता है।
  • इसके अलावा न्यूरोप्रोटेक्टिव दवाएं, स्टेम सेल थेरेपी और CRISPR जैसी जीन एडिटिंग तकनीक की मदद से भी इसका इलाज करने की कोशिश की जाती है।

पार्किंसन मरीज लाइफस्टाइल से कैसे करें खुद में सुधार?

  1. हेल्दी डाइल लें, कोशिश करें कि एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार लें।
  2. नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, मुख्य रूप से बॉक्सिंग, साइक्लिंग या वॉकिंग करें। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। साथ ही लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  3. बुक पढ़ें, इससे आपका ब्रेन सही ढंग से कार्य कर सकता है।

ये सभी चीजें जीवन की गुणवत्ता सुधारने और बीमारी की गति धीमी करने में सहायक साबित हो सकती हैं।

Highlights

  • पार्किंसन के लक्षणों को कम किया जा सकता है।
  • पार्किंसन का पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है।
  • कुछ टिप्स से जीवन की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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