
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 6, 2025 12:35 AM IST
Medically Verified By: Dr. Vidya V Bhat
Pregnancy after cervical cancer- प्रेगनेंसी महिलाओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फेज होता है। इसीलिए, प्रेगनेंसी से पहले, प्रेगनेंसी के दौरान और प्रेगनेंसी के बाद ब्रेस्टफीडिंग वाले समय में भी महिलाओं को अपना बहुत अधिक ध्यान रखना पड़ता है। हालांकि, कुछ महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी और मातृत्व का यह सफर मुश्किल भी हो सकता है। इन महिलाओं को अलग-अलग कारणों से कंसीव कर पाने में अड़चन आ सकती है। ऐसा ही एक कारण है सर्विकल कैंसर। बच्चेदानी का यह कैंसर प्रेगनेंसी में एक बड़ी अड़चन बन सकती है। इसीलिए, सर्विकल कैंसर के इलाज के बाद महिलाओं के लिए गर्भधारण एक चुनौती बन सकता (pregnancy and cervical cancer simultaneously is a complex journey) है। फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) बता रही हैं कि सर्विकल कैंसर की ट्रीटमेंट के बाद क्या महिलाओं के लिए गर्भधारण बिल्कुल संभव नहीं है। साथ ही जानते हैं कि सर्विकल कैंसर के साथ हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए क्या उपाय (managing cervical cancer during pregnancy) अपनाए जा सकते हैं।
दुनियाभर की महिलाओं में सर्विकल कैंसर एक कॉमन कैंसर (common cancers affecting women worldwide) है। सर्विकल कैंसर में सर्विक्स की अंदरूनी दीवारों में असामान्य तरीके से सेल्स का निर्माण होने लगता है। आमतौर पर बार-बार होनेवाले इंफेक्शन जैसे एपीवी (human papillomavirus (HPV) इंफ्केशन सर्विक्स कैंसर का खतरा बढ़ता है। इसीलिए, प्रेगनेंसी के दौरान अगर सर्विकल कैंसर का डायग्नोसिस होता है तो तुरंत इलाज की शुरूआत करना महत्वपूर्ण है। कैंसर का पता जितनी जल्द चलेगा स्थिति को संभाल पाना उतना ही आसान हो सकता है।
डॉ. विद्या भट्ट कहती हैं कि कई बार सर्विकल कैंसर के लक्षण(Cervical Cancer Symptoms) कई बार बहुत देर से दिखायी देते हैं या कैंसर का कोई लक्षण नहीं दिखायी देता (asymptomatic ) है। इसीलिए, प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कुछ बदलावों और हेल्थ प्रॉब्लम्स को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जैसे-
प्रेगनेंसी में सर्विकल कैंसर का डायग्नोसिस मुश्किल हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं को रूटीन स्क्रीनिंग करानी चाहिए। अगर कैंसर का प्राइमरी स्टेज है तो ऐसे में कंसीव कर पाना आसान होता है। इसी तरह तरह वैक्सीनेशन और आईवीएफ जैसे मेथड्स की मदद से प्रेगनेंसी संभव है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
सर्विकल कैंसर 2 प्रकार का होता हैै पहला- स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा और दूसरा, एडेनोकार्सिनोमा। आमतौर पर सर्विकल कैंसर के 80% से 90% मामले स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के ही होते हैं।
सर्विकल कैंसर के लक्षण लम्बे समय कर दिखायी नहीं देते हैं। वहीं, पेल्विक एरिया में दर्द, वेजाइनल डिस्चार्ज और तेज बदबू, थकान, कमजोरी, पेशाब करते समय दर्द और तकलीफ जैसी समस्याएं सर्विकल कैंसर के प्रमुख लक्षण हो सकती हैं।
सर्विक्स या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर एचपीवी (HPV) इंफेक्शन, अनसेफ सेक्स, स्मोंकिग और लो इम्यूनिटी जैसे कारणों से होता है।