क्या ज्यादा खांसी होना लंग्स कैंसर की पहचान है? जानें फेफड़ों के कैंसर की पहचान करने का तरीका

Kya Jyada Khansi Cancer Ka Symptom Hai: अक्सर हम अपनी छोटी-छोटी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन भूल जाते हैं कि धीरे-धीरे ही बीमारियां बड़ा रूप लेती हैं। जैसे की लंग्स कैंसर।

क्या ज्यादा खांसी होना लंग्स कैंसर की पहचान है? जानें फेफड़ों के कैंसर की पहचान करने का तरीका
VerifiedVERIFIED By: Dr Jitesh Rajpurohit

Written by Vidya Sharma |Updated : August 1, 2025 3:06 PM IST

Lung Cancer Kaise Hota Hai: आजकल कैंसर का खतरा इतना बढ़ गया कि लोग अपना जान बचाने के लिए साल में एक बार टेस्ट जरूर करवा रहे हैं। खासकर हम किसी एक कैंसर की बात करें तो हर ओर बीड़ी-सिगरेट का उड़ता धुआं सबको लंग्स कैंसर का शिकार बना रहा है। ऐसे में हर किसी के मन में ये सवाल आना लाजमी है कि 'क्या हमें इतनी खांस होने का कारण लंग्स कैंसर तो नहीं?'

ऐसा इसलिए क्योंकि कई दफा लोग अपनी खांसी को आम समझ कर अनदेखा कर देते हैं और जब तक पता चलता है कि कैंसर है, तब तक बहुत देर हो जाती है। इसलिए हमने इस विषय पर डॉक्टर जितेश राजपुरोहित से बातचीत की और जाना कि क्या सच में ज्यादा खांसी होना लंग्स कैंसर का संकेत हो सकता है?

क्या बोलें डॉक्टर जितेश राजपुरोहित

जब डॉक्टर से सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 'हां, लगातार खांसी खासतौर से जो 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक जारी रहती है, या जो धीरे-धीरे बदतर होती जाती है या जिसके साथ बलगम में खून आता है, फेफड़ों के कैंसर का लक्षण हो सकता है। फिर भी, हर खांसी कैंसर का लक्षणनहीं होती। हर किसी को चेतावनी के संकेतों के मिश्रण पर नजर रखनी चाहिए।'

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बताए फेफड़ों के कैंसर का संकेत (Signs Of Lung Cancer)

अगर आप यह पहचान करना चाहते हैं कि आपको या आपके किसी परिजन को फेफड़ों का कैंसरहै या नहीं तो इन कुछ  जो फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकते हैं वे हैं

  • खांसी जो दूर न हो
  • छाती क्षेत्र में सांस लेने या खांसने के कारण दर्द होना
  • वजन घटना (बिना किसी कारण के)
  • श्वास कष्ट या घरघराहट
  • रक्त का निष्कासन
  • थकान या दुर्बलता

फेफड़ों के कैंसर का निदान क्या है? (What Is The Diagnosis Of Lung Cancer?)

डॉक्टर जितेश ने बताया कि निम्नलिखित परीक्षण डॉक्टरों द्वारा किए जा सकते हैं- 

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  • छाती का एक्स-रे (Level 1 Screening)
  • सीटी स्कैन (detailed imaging)
  • ब्रोंकोस्कोपी (फेफड़ों के अंदर देखने और कुछ टिशू लेने के लिए)
  • बायोप्सी (कैंसर सेल्स को डीटेक्ट करने के लिए)
  • पीईटी स्कैन (प्रसार की पहचान करने के लिए)

जब आपके पास ऐसे लक्षण होते हैं, खासकर जब आप धूम्रपान करते हैं या प्रदूषकों के संपर्क में रहने का इतिहास रखते हैं, तो जल्द से जल्द पल्मोनोलॉजिस्ट या ऑन्कोलॉजिस्ट से मिलना बेहतर होता है। बचाव ही इलाज है।

FAQs

फेफड़ों के कैंसर के कितने स्टेज होते हैं?

फेफड़ों के कैंसर के 0 से 4 तक स्टेज होती हैं।

लंग कैंसर कितने प्रकार का होता है?

लंग कैंसर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) और स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC)

लंग कैंसर का पता कैसे चलता है?

लंग कैंसर का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन, एक्स-रे, ब्रोंकोस्कोपी, बायोप्सी और पीटी स्कैन जैसे टेस्ट किए जाते हैं।

क्या धूम्रपान ना करने वालों को भी लंग कैंसर हो सकता है?

हां, जो लोग सिगरेट-बीड़ी या तम्बाकू का सेवन नहीं करते उन्हें भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है। प्रदूषण, धुआं और केमिकल्स के सम्पर्क में आने से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ता है।