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क्या माइग्रेन पूरी तरह ठीक हो सकता है? एक्सपर्ट से जानें!

हाइपरटेंशन (Hypertension) या उच्च रक्तचाप भी एक और पहलू है जिसे अच्छी तरह से नियंत्रित किया जाना चाहिए।

Written by Editorial Team |Published : March 7, 2018 6:28 PM IST

माइग्रेन का सिरदर्द बहुत तकलीफभरा होता है क्योंकि इसमें न केवल गंभीर दर्द होता है, बल्कि आपके रोज़मर्रा के काम करने में भी आपको परेशानी हो सकती है। हालांकि ज्यादातर लोग इसे से छुटकारा पाने के लिए एक गोली खा लेना बेहतर समझते हैं, लेकिन एक सवाल यह है जिसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है कि क्या माइग्रेन पूरी तरह से ठीक हो सकता है। तो माइग्रेन से जुड़े इस आम सवाल का उत्तर पाने के लिए, हमें बात की डॉ. एन. के. वेंकटरामनन (संस्थापक और चीफ न्यूरोसर्जन, ब्रेन्स हॉस्पिटल, बेंगलुरु) से जिन्होंने इस सवाल का जवाब समझाया कि क्या सचमुच माइग्रेन ठीक हो सकता है। यह रहा वह उनका जवाब।

क्या माइग्रेन ठीक हो सकता है?

माइग्रेन के सिरदर्द में आमतौर पर एक मजबूत पारिवारिक इतिहास होता है। माइग्रेन से जुड़ी हुई एक आम गलतफहमी है कि यह लाइलाज है और जीवन भर आपको यह तकलीफ दे सकता है। लेकिन ज़रूरी नहीं कि हर बार ये बात साबित ही हो। लेकिन इस तरह के सिरदर्द को इलाज की ज़रूरत होती है। अगर यह बार बार हो या गंभीर होता जाए, तो प्रोहिलैक्टिक उपचार की आवश्यकता होती है जिससे माइग्रेन दोबारा होने की संभावना कम हो सकती है। लेकिन इन सबके अलावा आपको जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए वह है  समय पर भोजन करना, पर्याप्त नींद, शारीरिक व्यायाम। साथ ही आपको तेज़ रोशनी, शोर, खाने पीने में अनियमितता, नींद की कमी,  बहुत अधिक शारीरिक और मानसिक तनाव और सफर करने से बचना चाहिए।

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इसके अलावा, खाने पीने की ऐसी चीज़ों से बचने की कोशिश करनी चाहिए  जिनसे आपका माइग्रेन बढ़ता है। इसके अलावा, ऑफिस, घर या मेंस्ट्रुअल पीरियड्स के दौरान तनाव उत्पन्न करने वाले कारणों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। धूम्रपान और अल्कोहल न केवल सिरदर्द को गंभीर बना देता है, बल्कि उपचार के प्रभाव को भी कम भी करते हैं, और मुश्किलें भी बढ़ा सकती है।

हाइपरटेंशन (Hypertension) या उच्च रक्तचाप भी एक और पहलू है जिसे अच्छी तरह से नियंत्रित किया जाना चाहिए। योग और प्राणायाम यहां आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही, हार्मोन से जुड़ी सभी दवाइयां और ट्रीटमेंट लेते समय भी सावधान रहना चाहिए। क्योंकि इनके कारण सेरेब्रल वेनस थ्रोमोसिस (सीवीटी) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

गंभीर माइग्रेन की समस्याओं से जुड़े कंसल्टेशन और इंवेस्टिगेशन भी ज़रूरी है। साथ ही अगर ट्रीटमेंट की प्रतिक्रिया सही ना हो तो उसका भी कारण पता करें।  साथ ही यह भी याद रखें, कि किसी भी स्थिति में लगातार उल्टी की शिकायत होती है, तो डॉक्टर से बात करें, ज़रूरी हो तो पर्याप्त हाइड्रेशन और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ सकी है।

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अनुवादक: Sadhana Tiwari

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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