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बहुत से लोगों का मानना है कि प्रोस्टेट कैंसर (prostate cancer) नुकसानदायक नहीं है और धीमी गति से बढ़नेवाले कैंसर है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बारे में भी चिंता करने की अपनी वजहें हैं क्योंकि प्रोस्टेट कैंसर एक साइलेंट किलर है। प्रोस्टेट ग्रंथि ब्लैडर यानि मूत्राशय और पेनिस के बीच स्थित पुरुष प्रजनन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जहां ग्रंथि चुपचाप से अपना काम करता है और तरल पदार्थों को उत्पन्न करता है जो स्पर्म्स को पोषण और सुरक्षा देते हैं। 50 की उम्र के बाद इस ग्लैंड का आकार बढ़ने लगता है। यह उम्र बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया है।
लेकिन जब प्रोस्टेट बड़ा हो जाता है, तो यह संभव है कि यह मूत्रमार्ग पर दबाव डाले है और इससे पेशाब करने में समस्याएं आने लगें। प्रोस्टेट बढ़ने का सबसे आम कारण सौम्य प्रोस्टेटिक हाइपरट्रोपि है जिसे अक्सर बीपीएच कहा जाता है। प्रोस्टेट बढ़ने के अन्य कारण प्रोस्टेट कैंसर या प्रोस्टेट इंफेक्शन भी हो सकते हैं।
खाने-पीने से जुड़े कुछ बदलाव करने से प्रोस्टेट को हेल्दी रखने और प्रोस्टेट कैंसर की संभावना कम करने में मदद हो सकती है। इसी तरह लोगों का मानना है कि प्रोस्टेट को स्वस्थ रखने के एक तरीका है मछली खाना। हालांकि, एक बात जो सभी को ध्यान में रखनी चाहिए वह यह है कि यह केवल एक मिथक है और कुछ भी नहीं कैंसर की घटना को रोक सकता है। हेल्दी डायट के विकल्प जोखिम को कम कर सकते हैं।
द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशन में 2010 में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया कि मछली खाने से प्रोस्टेट कैंसर से एक सुरक्षात्मक असर पैदा होता है। मछली के प्रकार, मछली पकाने का तरीका और कैंसर की गंभीरता के आधार पर ध्यान देते हुए प्रोस्टेट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर-की वजह से होनेवाली मृत्यु दर में मछली खाने और प्रोस्टेट कैंसर के बीच के संबंध का मेटा-विश्लेषण किया गया।
हालांकि, परिणाम थोड़ा निराशाजनक थे। विश्लेषण ने निष्कर्ष निकाला कि मछली खाने और प्रोस्टेट कैंसर की घटनाओं में कोई महत्वपूर्ण कमी के बीच कोई संबंध नहीं था। नहीं, हम आपको ऐसा नहीं कह रहे हैं कि आप मछली नहीं खा सकते हैं या इसे खाना तुरंत बंद कर दें। हालांकि, अध्ययन की बात की जाए तो परिणाम दर्शाते हैं कि मछली खाने और प्रोस्टेट कैंसर-की वजह से होनेवाली मृत्यु दर में 63% की कमी दिखी।
इसलिए, भले ही कि अगर मछली खाने से प्रोस्टेट कैंसर से बचा नहीं जा सका लेकिन कैंसर के कारण होनेवाली मृत्यु दर को कम करने में मदद मिली। एक तरह से, यह प्रोस्टेट कैंसर से ग्रस्त लोगों की उम्र लंबी करने में मदद करता है। इसलिए अगर आपको मछली खाने पसंद है तो आपको यह अच्छी आदत छोड़नी नहीं चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि आप सप्ताह में कम से कम 2 बार मछली खा सकते हैं।
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अनुवादक: Sadhana Tiwari.
चित्रस्रोत:Shutterstock Images.
संदर्भ: 1:Szymanski KM, Wheeler DC, Mucci LA. Fish consumption and prostate cancer risk:a review and meta-analysis. Am J Clin Nutr. 2010 Nov;92(5):1223-33. doi:10.3945/ajcn.2010.29530. Epub 2010 Sep 15. Review. PubMed PMID: 20844069.