क्या पीरियड्स में खाली पेट पेनकिलर खानी चाहिए? डॉक्टर ने बताया periods में पेनकिलर लेने का सही समय और तरीका

पीरियड्स के दौरान जब दर्द बहुत अधिक बढ़ जाता है तब कई बार महिलाएं पेनकिलर दवाएं ले लेती हैं। लेकिन, पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए पेनकिलर्स का सेवन करना कितना सही या गलत है, बताया एक्सपर्ट ने।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 21, 2025 6:09 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Vidya V Bhat

Taking Painkillers During Periods- लड़कियों और महिलाओं को हर महीने पीरियड्स के दौरान कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसी ही एक परेशानी है पीरियड्स पेन या मेंस्ट्रुअल पेन। पीरियड्स में महिलाओं को जहां थकान (Tiredness during periods), सिर में दर्द और मूड स्विंग (Mood swings) के अलावा पेट में तेज दर्द (Periods pain) और क्रैम्प्स की भी शिकायत होती है। हर महीने माहवारी के 5-6 दिन महिलाएं इन्हीं तकलीफों से गुजरती हैं और अगर इनकी तरफ ध्यान ना दिया जाए तो यह समस्या गम्भीर भी हो सकती है। पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और तकलीफों से आराम पाने के लिए (Ways to reduce periods pain) जहां चॉकलेट और चाय-कॉफी पीने जैसे आसान उपाय (Periods mein dard se araam ke upay) अपनाए जाते हैं वहीं, जिन लड़कियों को पीरियड्स में तेज दर्द होता है वे कई बार पेनकिलर का भी सेवन करती हैं। जानकारों के अनुसार, कभी-कभार पेन किलर लेना ठीक है लेकिन, बार-बार पेनकिलर खाने से कुछ परेशानियां भी हो सकती हैं। इसी तरह पेनकिलर का सेवन पीरियड्स के दौरान बार-बार करना ठीक है या नहीं  और पेनकिलर अधिक मात्रा में लेने से क्या नुकसान (Painkiller ke nuksan) हो सकते हैं, इन सबके बारे में जानते हैं यहां। (Painkillers during periods in Hindi)

पीरियड्स में पेनकिलर खानी चाहिए या नहीं?- Should girl take painkillers in Periods.

सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट और बेंगलुरू स्थित राधाकृष्णा मल्टीस्पेशालिटी हॉस्पिटल की मेडिकल डायरेक्टर डॉ.विद्या भट्ट (Dr. Vidya V Bhat, Medical Director, RadhaKrishna Multispeciality Hospital, Bengaluru) कहती हैं कि, पीरियड्स में एक या दो दिन पेनकिलर खाना ज्यादातर महिलाओं के लिए सेफ हो सकता है। हालांकि, आप ये दवाएं अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। बेहतर यही है कि आप कम से कम डोज वाली दवाएं लें और  खाली पेट दवा खानेकी बजाय दवाओं का सेवन  हमेशा खाना खाने के बाद ही (Taking medicine with meals) करें।

दवाओं के साथ-साथ दर्द से आराम पाने के अन्य तरीके भी आजमाएं। आप हीट पैड और हल्की-फुल्की एक्सरसाइजेस की मदद ले सकते हैं। इसी तरह अगर दवाएं लेने के बाद आपको क्रैम्प्स और दर्द अधिक महसूस हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें। क्योंकि, कई बार पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द किसी छुपी बीमारी या किसी ऐसी समस्या का भी लक्षण हो सकता है जिसे तुरंत इलाज की जरूरत हो और इलाज मिल जाने के बाद दर्द की समस्या कम हो जाए। इस तरह पेनकिलर पर आपकी निर्भरता भी कम हो सकती है।"

पेनकिलर दवाएं बार-बार खाने के साइड-इफेक्ट्स क्या हैं?- Side effects of taking painkillers.

पेनकिलर्स से बढ़ सकता है ड्रेस सिंड्रोम का खतरा

साल 2023 में भारत की फार्मा मानक ईकाई इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (IPC) ने एक चेतावनी जारी करते हुए लोगों को एक विशेष पेनकिलर मेफ्टल के साइड-इफेक्ट्स के बारे में सावधान किया। आईपीसी की तरफ से ना केवल पेनकिलर खाने वालों बल्कि डॉक्टरों को भी इस दवा के सेवन से जुड़ी सावधानियों के बारे में चेतावनी दी गयी। आईपीसी के अनुसार, पेनकिलर में पाया जाने वाला मेफानामिक एसिड़ ड्रेस सिंड्रोम (DRESS Syndrome) होने का रिस्क बढ़ा सकता है। आमतौर पर पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द, दांतों के दर्द और जोड़ों के दर्द से आराम पाने के लिए इस तरह के पेनकिलर का सेवन बहुत से लोग करते थे।

क्या है ड्रेस सिंड्रोम ?

ड्रेस सिंड्रोम का पूरा नाम है- ड्रग रैश विद इओसिनोफिलिया एंड सिस्टमैटिक सिम्प्टम्स सिंड्रोम (Drug Reaction with Eosinophilia and Systemic Symptoms), यह सिंड्रोम दवाइयों के सेवन से होने वाली एक प्रकार की एलर्जी है। जब इम्यून सिस्टम इस दवा के प्रति रिएक्ट करता है तब ड्रेस सिंड्रोम होता है। यह एक प्रकार का हाइपरसेसिटिविटी रिएक्शन है  जो स्किन और शरीर के अन्य ऑर्गन्स को प्रभावित कर सकता है। इस सिंड्रोम के लक्षण लगभग 14-15 दिनों बाद दिखायी देते हैं। इसीलिए, यह गम्भीर और जानलेवा भी हो सकता है।

अधिक मात्रा में दवा खाना है अनसेफ

पेनकिलर लेते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दवा की मात्रा कम ही रहे। अगर जल्दी आराम पाने के लिए आप ज्यादा मात्रा में दवाएं खाती हैं तो इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। कई स्टडीज के अनुसार, बार-बार पेनकिलर लेने से किडनी और लिवर को नुकसान पहुंच सकता है।

लग सकती है दवा की आदत

इसी तरह दवाएं अधिक मात्रा में खाने से दवाओं की लत भी लग सकती है। ऐसे में व्यक्ति को तब तक दर्द से आराम नहीं मिलता, जब तक कि वे दवा ना खाएं।

एडिक्शन

डॉक्टर से पूछे बिना अगर कोई व्यक्ति लम्बे समय तक पेनकिलर दवाएं ली जाएं तो इससे दवाओं का असर खत्म होने लगता है। इस तरह आपको अगली बार अधिक मात्रा में दवा खाने की जरूरत महसूस हो सकती है।

पीरियड्स में दर्द से आराम पाने के लिए पेनकिलर लेने  के अलावा आप अपनी लाइफस्टाइल और डाइट पर ध्यान दे सकती हैं। इसके साथ ही दर्द से आराम पाने के लिए कुछ घरेलू और नेचुरल तरीके भी अपना सकती हैं। दर्द से आराम दिलाने वाले ऐसे ही कुछ नेचुरल उपाय ये रहें -

  • हॉट वॉटर बॉटल का इस्तेमाल करें।
  • हल्की-फुल्की स्ट्रेचिंग और योग करने से भी दर्द से आराम मिल सकता है।
  • अधिक से अधिक मात्रा में पानी पिएं।
  • हल्का-फुल्का और पचने में आसान खाना खाएं।
  • दर्द से आराम के लिए डार्क चॉकलेट खाएं।
  • पीरियड्स के दर्द से आराम के लिए हल्दी वाला गुनगुना दूध  (Hot milk with turmeric) जरूर पिएं।
  • बीटरूट का जूस पीने और केले खाने से भी पेट में मरोड़ें कम होती हैं और पीरियड्स का पेन कम होता है।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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