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आलू को लेकर सदियों से तरह-तरह की ख़राब बातें बनाई जाती हैं। हर किसी का आलू को लेकर अपना एक अलग मत है। अगर आपके न्यूट्रिशनिस्ट ने डायट प्लान में आपको आलू न खाने की सलाह दी है, तो आपको ये पता लगाने की ज़रूरत है कि क्यों? वज़न कम करना है तो आलू खाना बंद करो। 'हाई कोलेस्ट्रॉल है? 'आलू मत खाओ।''दिल की बीमारी है?''आपको आलू खाना बंद करना चाहिए!' इस तरह की सलाह आपको अक्सर मिलती हैं, मगर जो लोग आपको ये सलाह देते हैं उन्हें भी शायद पता नहीं कि यह कितना सही है। हमने डॉ. मंजिरी पुराणिक (वेट लॉस एक्सपर्ट, इंस्टा स्कल्प) से बात की और ये जानने की कोशिश की कि क्या आलू सचमुच ख़राब हैं ।
अगर आलू को फ्राई न किया जाय या मार्जरिन का इस्तेमाल भी न किया जाए तो एक आलू में केवल 110 कैलोरीज़, ढेर सारे फायटोकेमिकल और विटामिन्स मिल सकते हैं। आलू में मिलने वाले फायटोकेमिकल्स ब्रोक्ली,पालक और ब्रसेल्स स्प्राउट्स में भी होते हैं। डॉ. मंजिरी कहती है, कि ये फायटोकेमिकल्स ब्लड प्रेशर कम करने मे मदद करते हैं। लेकिन आप आलू को कैसे पकाते हैं, आपका स्वास्थ्य उसपर निर्भर करता है। आलू को बहुत गरम तेल में तलने से उसके हेल्दी फायटोकेमिकल्स खत्म हो जाते हैं, जिसके बाद उसमें सिर्फ बहुत सारा स्टार्च, फैट और कम मिनरल्स बचते हैं। डॉ.मंजिरी कहती हैं कि, कच्चे आलू के एंटीऑक्सिडेंट्स बचाने का सही तरीका है कि हम उसे माइक्रोवेव में पकाएं।
जानें आपके डायट में आलू क्यों शामिल करना चाहिए?
आलू कोलेस्टेरॉल फ्री है और इसमें सैचुरेटेड फैट नहीं होते-
आलू में कोलेस्टेरॉल या सैचुरेटेड फैट होते हैं। कम कोलेस्टेरॉल और सैचुरेटेड फैट वाले पदार्थ कुछ हद तक दिल की बीमारी दूर रखने में मदद करते हैं। अगर आपको दिल की बीमारी है, तो उबले हुए आलू के कुछ स्लाइस खाने से दिल को जितनी टीलसी की ज़रूरत होती है वह पूरी हो जाती हैं । जरुर पढ़िये कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आहार में शामिल करें ये 7 चीज़ें
आलू में पोटैशियम ज्यादा और सोडियम कम होता है-
अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है तो आपको हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी दिल की बीमारियां हो सकती हैं। आपके डायट में कुछ बदलाव करने से इन दिल की बीमारियों और हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में लाया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिये एक आसान बदलाव की सलाह दी जाती है, सोडियम कम करें और पोटाशियम की मात्रा बढ़ायें। आलू एक ऐसी सब्जी है जो ये दोनों काम करती हैं। उसके छिलको में केला,ब्रोक्ली और पालक से भी ज्यादा पोटैशियम होता हैं और यह सोडियम फ्री भी होता हैं।
आलू फाइबर का अच्छा स्रोत हैं-
मध्यम आकार के आलू के छिलकों में 2 ग्राम फाइबर होता हैं, जो आपकी रोजाना की ज़रूरत का 8 प्रतिशत होता है। डायटरी फाइबर ब्लड लिपिड लेवल को बेहतर रखने और ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। इसी के कारण आप जो भी खाते हैं उससे आपका पेट भरता है और अपका वज़न नहीं बढ़ता है। जानिये आलू खाना क्यों हैं फायदेमंद ।
आलू विटामिन सी का स्रोत है-
विटामिन सी धमनियों को कोलेस्ट्रॉल से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। विटामिन सी के स्रोत के रूप में आलू पांचवे नंबर पर आता है, और दिन की ज़रूरत का 45 प्रतिशत विटामिन सी प्रदान करता है।
आलू विटामिन बी6 का भी अच्छा स्रोत है-
विटामिन बी6 रेड ब्लड सेल्स में हिमोग्लोबीन को बनाने में अहम भूमिका अदा करता है और दिल की बीमारियां बढ़ने और स्ट्रोक के खतरे को कम करने मदद करता हैं।
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अनुवादक: Sushantdeep Sagvekar
चित्रस्रोत: Shutterstock