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Written By: Editorial Team | Published : August 3, 2017 5:44 PM IST
मेरी सहेली ने कुछ दिनों पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया है। जब मैं उससे पिछली बार मिलने गयी, तो उसने बताया कि उसे ब्रेस्ट में मैस्टाइटिस (mastitis) नाम का इंफेक्शन हो गया है। उसे इस संक्रमण की वजह से बहुत परेशानी हो रही थी। अगर कोई महिला संक्रमण या मैस्टाइटिस से पीड़ित हो, तो क्या वह ब्रेस्टफीड करा सकती है? क्या यह बच्चे के लिए सुरक्षित है? क्या संक्रमण को रोकने का कोई तरीका है? कृपया समझाएं।
इस प्रश्न का उत्तर दिया डॉ. सिद्धार्थ साहनी ने जो अपोलो इंद्रप्रस्थ अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट (ब्रेस्ट) और ऑन्कोप्लास्टिक सर्जन हैं।
मैस्टाइटिस (mastitis) ब्रेस्ट के ऊतकों या टिश्यूज़ का एक संक्रमण है, जिसमें ब्रेस्ट टिश्यूज़ में सूजन हो जाती है और उसके कारण गंभीर स्तन का कारण बनती है। चूंकि यह संक्रमण आमतौर पर स्तनपान के दौरान होता है, इसीलिए इसे लैक्टेशन मैस्टाइटिस (lactation mastitis) के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि यह समस्या स्तनपान न करानेवाली अन्य महिलाओं को प्रभावित नहीं करती है। ब्रेस्ट की सूजन के कई खतरनाक कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, सबसे आम कारणों में से एक कटे-फटे निप्पल्स हैं। दरअसल निप्पल में थोड़ी-सी दरार भी संक्रमण के लिए प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करती है और इसे पूरे स्तन में फैलने में मदद करती है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि अगर किसी महिला को यह इंफेक्शन हो तो उसे स्तनपान नहीं कराना चाहिए। क्योंकि यह संक्रमण मां से शिशु तक फैल सकता है जो बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। संक्रमण के दौरान दूध पिलाना महिला के लिए भी दर्दनाक हो सकता है।
किसी भी अन्य संक्रमण की तरह, स्तन की सूजन या मैस्टाइटिस का इलाज दवाओं के की मदद से किया जा सकता है, जिसमें आमतौर पर अल्ट्रासाउंड की मदद से पस या मवाद निकालना और एंटीबायोटिक दवाएं शामिल होती हैं। सर्जरी आमतौर पर पसंद नहीं की जाती, क्योंकि वहां ऑपरेशन के बाद कई प्रकार की जटिलताएं और परेशानियों का एक पूरा चक्र भी होता है। हालांकि, एक महिला अपने बच्चे को अप्रभावित स्तन से दूध पिला सकती है। लेकिन ऐसा केवल तभी करें जब आप जो एंटीबायोटिक दवाएं खा रही हैं वह एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) द्वारा गर्भावस्था और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान लेने के लिए सुरक्षित बतायी गयी हो।
क्या इससे बचा जा सकता है?
हां, मैस्टाइटिस को रोका जा सकता है। कटे-फटे निप्पल्स स्तन की सूजन का मुख्य कारण हैं। इसीलिए निपल्स को लुब्रिकेट करें। चिकनाई न केवल निप्पल्स को कटने-फटने से बचाती है, बल्कि आपके लिए संक्रमण के जोखिम को भी कम करती है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि किसी भी महिला को गर्भावस्था के 7 वें 9 महीनों से निप्पल को लुब्रिकेट करना चाहिए। इस तरह स्तनपान कराने वाली महिलाओं को होनेवाले 92% संक्रमणों से बचा जा सकता है। हालांकि, यदि आपको मधुमेह या डायबिटीज़ है या जेस्टेशनल डायबिटीज़ (gestational diabetes) है तो आपको मैस्टाइटिस से पीड़ित होने का खतरा बहुत अधिक है। लुब्रिकेशन की मदद से ब्रेस्टफीडिंग के दौरान होनेवाले फोड़े-फुंसी से भी बचा जा सकता है।
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अनुवादक-Sadhana Tiwari
चित्रस्रोत-Shutterstock