
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : February 4, 2021 3:47 PM IST
साइंस के अनुसार जब कोई महिला 35 की उम्र पार कर देती है तो उसकी प्रजनन क्षमता कमजोर होने लगती है।
वर्तमान समय में देर से शादी करना एक ट्रेंड सा बन गया है। वैसे इसे ट्रेंड कहना सही नहीं होगा, क्योंकि ऐसा लोग खुद को केंद्र में रखकर कर रहे हैं! पहले के समय में जहां लड़कियों की शादी 20-22 साल और लड़कों की शादी 24-25 साल में कर दी जाती थी, वो अब नहीं हो रहा है। क्योंकि आजकल के बच्चों का मानना है कि जब तक वो अच्छी तरह से सेटल नहीं हो जाते और उन्हें सही लाइफ पार्टनर नहीं मिलता, तब तक वो शादी नहीं करेंगे। लेकिन इसका असर कहीं न कहीं प्रजनन क्षमता पर पड़ता भी दिख रहा है। आज के समय में तमाम कारणों के चलते एक बड़ी तादात में लोगों को माता पिता बनने में दिक्कत आ रहे ही है। दरअसल, साइंस के अनुसार जब कोई महिला 35 की उम्र पार कर देती है तो उसकी प्रजनन क्षमता कमजोर होने लगती है। इस चीज को ध्यान में रखते हुए सांइस ने काफी तरक्की कर ली है। अब एग फ्रिजिंग (Egg Freezing) जिसे परिपक्व औसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (Mature Oocyte Cryopreservation) भी कहते हैं, इस प्रोसेस के द्वारा एक महिला अपने एग्स को सेव कर 35-40 की उम्र के बाद भी मां बन सकती है। आपको बता दें कि सिर्फ विदेशों में ही नहीं बल्कि हमारे देश भारत में भी एग फ्रिजिंग का क्रेज काफी बढ़ रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं भारत में क्यों बढ़ रही है एग फ्रिजिंग की डिमांग और क्या हैं इसके फायदे-
हर महिला जब जन्म लेती है तब से ही उसके गर्भ में अंडे होते हैं, जिनके द्वारा वह मां बनती है। जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती है इन अंडों की संख्या कम होने लगती है। यह वजह किसी महिला के इनफर्टिलिटी का कारण बन सकती है। लेकिन एग फ्रिजिंग के कारण अब किसी भी उम्र में मां बना जा सकता है। अब एग फ्रिजिंग प्रोसेस (Egg Freezing) के द्वारा एक महिला अपने अंडों को फ्रिज कर भविष्य में उनका इस्तेमाल कर मां बन सकती है। इस प्रोसेस में डॉक्टर्स या एक्सपर्ट महिला के गर्भ से सबसे स्ट्रॉंग या परिपक्क अंडों को निकालकर उन्हें फ्रिज करते हैं। फिर जब जरूरत पड़ती है तब प्रयोगशाला में शुक्राणु के साथ इन्हें मिलाकर महिला के गर्भ में डाला जाता है।
एग फ्रिजिंग (Egg Freezing) करने से पहले डॉक्टर महिला का हेपेटाइटिस (Hepatitis) और एचआईवी (HIV) टेस्ट कराते हैं। अगर कोई महिला इन दो संक्रमणों से ग्रस्त भी पाई जाती है डॉक्टर तब भी उस महिला के अंडों को फ्रिज कर देते हैं। इन टेस्ट को कराने का मकसद आपकी योग्यता को जांचना नहीं बल्कि सिर्फ ये देखना होता है कि संक्रमित महिला के अंडे अन्य महिलाओं के अंडों को खराब न कर दें। इसलिए ऐसे अंडों को अलग से रखा जाता है। अंडे लेने से पहले एक महिला को उसके हॉर्मोन को उत्तेजित करने के लिए 10 से 12 दिन के लिए दवा दी जाती है। ये दवा इंजेक्शन के द्वारा 10 से 12 दिनों तक दी जा सकती है। आप चाहें तो रोज क्लिनिक जाकर भी ये इंजेक्शन ले सकते हैं और खुद सीखकर स्वंय भी ये इंजेक्शन लगा सकते हैं। अगर आप क्लिनिक में ये इंजेक्शन लगाते हैं तो उसके 1 घंटे बाद घर जा सकते हैं। जब अंडे परिपक्व हो जाते हैं तो डॉक्टर उन्हें निकाल लेते हैं। फिर महिला की मर्जी के आधार इन्हें लैब में शुक्राणुओं के साथ मिला दिया जाता है।
1. एग फ्रिजिंग (Egg Freezing) के द्वारा आप किसी भी उम्र में मां बन सकती हैं।
2. अगर आपने अपने अंडे फ्रिज करा लिए तो आपको इस बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी कि आप भविष्य में मां बनेंगी या नहीं।
3. अगर आप अपने साथी के साथ अब नहीं हैं तो आप अपने अंडों के साथ किसी डोनर के शुक्राणुओं को मिलाकर भी बच्चा पैदा कर सकती हैं।
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