
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 18, 2022 7:01 AM IST
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे कॉमन कैंसर का प्रकार है। जब ब्रेस्ट सेल्स का विकास असाधारण तरीके से होने लगता है तो ब्रेस्ट कैंसर ही शुरूआत होने लगती है। ब्रेस्ट कैंसर के भी कई प्रकार और हर टाइप के ब्रेस्ट कैंसर में कुछेक लक्षण अलग-अलग भी दिखायी देते हैं। इसी तरह ब्रेस्ट कैंसर से जुड़े कई कारण इस स्थिति की गम्भीरता और मरीज की मृत्यु का खतरा बढ़ता सकते हैं। वहीं, कैंसर के बाद लोगों के शरीर में भी कई प्रकार के बदलाव दिखायी होते हैं और उनकी शारीरिक क्षमता और शक्तियां कम होने लगती हैं। अक्सर, महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के बाद जिस बात को लेकर सबसे अधिक चिंता करती हैं वह है उनकी मां बनने की संभावना। ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाएं अक्सर डॉक्टरों से पूछती हैं कि क्या वे ब्रेस्ट कैंसर के बाद गर्भधारण कर सकती हैं?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर से उबरने के बाद महिलाओं के लिए गर्भधारण कर सकती हैं और यह सुरक्षित भी होती हैं और सही मेडिकल हेल्प और डॉक्टर की देखरेख में यह प्रेगनेंसी बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकती है। डॉ. मेघल संघवी, ब्रेस्ट ऑन्को सर्जन, एसआरवी हॉस्पिटल, मुंबई (Dr Meghal Sanghavi, Breast Onco Surgeon, SRV Hospital, Chembur) का कहना है कि, “ भारत में ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer cases in India) के मामलों में बढ़ोतरी के साथ-साथ दुनियाभर में भी ब्रेस्ट कैंसर के केसेस बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। हर वर्ष स्तन कैंसर की वजह से मरनेवाली महिलाओं की संख्या बहुत अधिक होती है लेकिन, स्तन कैंसर के बारे में अभी भी लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं है। अब स्तन कैंसर के मामले उम्रदराज महिलाओं के अलावा कम उम्र की महिलाओं में भी देखे जा रहे हैं।”
डॉ. संघवी के अनुसार, “अधिकांश मामलों में ब्रेस्ट कैंसर के सबसे बड़े कारण जो हैं उनमें, धूम्रपान, मेनोपॉज में देरी, मोटापा,देरी से गर्भधारण, ब्रेस्टफीड ना कराने, मैमोग्राम और स्क्रिनिंग जैसे कारण शामिल हैं। ”
जानकारों के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर का उपचार पूरा होने के बाद कम से कम दो वर्षों तक गर्भधारण नहीं करना चाहिए। दरअसल, ट्रीटमेंट के तुरंत बाद के समय में स्तन कैंसर दोबारा उभरने की आशंका होती है। 2-3 वर्षों के बाद अपने सर्जन,डॉक्टर और किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह-मशविरा लें और उनके सुझावों के आधार पर कंसीव प्लान करें। कुछ मामलों में महिलाओं के 7-10 वर्षों तक हार्मोनल थेरेपी लेनी पड़ सकती है। इसीलिए, जब डॉक्टरों द्वारा गर्भधारण को सुरक्षित बताया जाए तब तक प्रेगनेंसी प्लान ना करें। इस तरह गर्भधारण करने से बच्चे को ब्रेस्टफीड कराना भी सुरक्षित हो सकेगा।