भारत में महिलाओं का सबसे बड़ा खतरा Cervical Cancer, इस टेस्ट को करवाने से बच सकती है जान

Pap Test for Cervical Cancer: भारतीय महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे आम कैंसर है। इस कैंसर का पता लगाने के लिए एक मेडिकल टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। आइए डॉ. मनदीप से जानते हैं इस टेस्ट के बारे में.

भारत में महिलाओं का सबसे बड़ा खतरा Cervical Cancer, इस टेस्ट को करवाने से बच सकती है जान
VerifiedVERIFIED By: Dr. Mandeep Singh

Written by Ashu Kumar Das |Updated : January 5, 2026 4:14 PM IST

Is it necessary to have a Pap smear every year: जनवरी का महीना सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिनपर प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल भारत में 1. 25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर का शिकार होती हैं। गौर करने वाली बात ये है कि इनमें से 70,000 से 80,000 महिलाओं की मौत हो जाती है। भारत जैसे देश में सर्वाइकल कैंसर को लेकर सबसे बड़ी चुनौती है ये है कि यहां आज भी जागरूकता की कमी है। जिसके कारण सर्वाइकल कैंसर का पता महिलाओं (Cervical Cancer in India) को ज्यादातर मामलों में आखिरी स्टेज पर पता चलता है।

सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस मंथ (Cervical Cancer Awareness Month) के खास मौके पर द हेल्थसाइट एक स्पेशल सीरीज चला रहा है, जिसमें हम इस कैंसर से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे बताएंगे। इस सीरीज के एपिसोड-2  में हम आपको बताने जा रहे हैं एक टेस्ट के बारे में। इस टेस्ट को करवाने से सर्वाइकल कैंसर का पता जल्दी चल सकता है और इलाज भी जल्द शुरू करवाने में मदद मिल सकती है।

पैप टेस्ट क्या होता है?- What is Pap Test

नई दिल्ली के ऑर्ट ऑफ हेल्थ कैंसर सेंटर के चीफ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह (Dr. Mandeep Singh, Chief Oncologist, Art of Health Cancer Centre, Delhi) के अनुसार,  सर्वाइकल कैंसर का पता समय से पहले लगाने के लिए पैप टेस्ट किया जाता है। पैप टेस्ट (Pap Smear Test) एक मेडिकल टेस्ट है। इसमें सर्विक्स की कोशिकाओं में होने वाले असामान्य बदलाव (Precancerous changes) का पता लगाया जाता है। पैप टेस्ट के जरिए पता चलता है कि सर्विक्स की कोशिकाएं सामान्य है या नहीं। पैप टेस्ट के जरिए सर्वाइकल कैंसर के पहले स्टेज का पता चलता है। यह टेस्ट कैंसर को होने से पहले ही रोकने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसे महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण प्रिवेंटिव जांच माना जाता है।

Also Read

More News

पैप टेस्ट कैसे किया जाता है?

डॉ. मनदीप सिंह के अनुसार, ये टेस्ट किसी भी डॉक्टर या गायनेकोलॉजिस्ट द्वारा किया जाता है। पैप टेस्ट में सर्विक्स से हल्के से कुछ कोशिकाएं ली जाती हैं। पैप टेस्ट बिल्कुल पेन लैस होता है। खास बात ये है कि पैप टेस्ट को करवाने के लिए आपको सिर्फ 5 से 10 मिनट का ही समय देना होता है।

क्या हर साल पैप टेस्ट करवाना जरूरी है?

डॉ. मनदीप कहते हैं- अक्सर सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए जब मरीज हमारे पास आते हैं, तो वो ये सवाल पूछते हैं कि क्या हर साल पैप टेस्ट करवाना जरूरी है? इस सवाल का आसान शब्दों में है नहीं। नई मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार अब पैप टेस्ट का अंतराल उम्र और टेस्ट के प्रकार पर निर्भर करता है। हर महिला को हर साल पैप टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती।

आमतौर पर 21 से 29 वर्ष की उम्र की महिलाओं को हर तीन साल में एक बार पैप टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है, बशर्ते पहले की रिपोर्ट सामान्य रही हो। 30 से 65 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए पैप टेस्ट के साथ HPV टेस्ट कराने का विकल्प होता है, जिसे अगर साथ में किया जाए तो जांच का अंतराल पांच साल तक भी बढ़ाया जा सकता है।

किन महिलाओं को हर साल पैप टेस्ट करवाना चाहिए?

आम तौर पर हर साल महिलाओं को पैप टेस्ट करवाने की सलाह नहीं दी जाती है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में महिलाओं को हर साल पैप टेस्ट करवाने की सलाह दी जा सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में-

  • HPV संक्रमण पहले से मौजूद हो
  • जिन महिलाओं की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव हो
  • सिगरेट और शराब पीने वाली महिलाएं
  • कमजोर इम्यूनिटी वाली महिलाएं
  • जिनकी फैमिली हिस्ट्री में सर्वाइकल कैंसर हो

क्या पैप टेस्ट से कैंसर पूरी तरह रोका जा सकता है?

हमारे साथ खास बातचीत में इस सवाल का जवाब देते हुए डॉ. मनदीप बताते हैं कि पैप टेस्ट के जरिए काफी हद तक सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है। इस टेस्ट के जरिए कैंसर बनने से पहले ही इलाज संभव हो जाता है। इसलिए ये कहना बिल्कुल गलत नहीं है कि सर्वाइकल कैंसर को रोकने में पैप टेस्ट मददगार है।

TRENDING NOW

Highlights

  • भारत में हर साल 70 से 80 हजार महिलाओं की मौत इस कैंसर से होती है।
  • सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए पैप टेस्ट किया जाता है।
  • भारत में सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।