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बारिश के मौसम में AC चलाना सही है या नहीं? एक्सपर्ट से जानिए

मानसून में कई बार हम एसी चलाने से पहले यह सोचते हैं कि क्या ऐसा करना सही है? या इससे हमारी सेहर पर असर पड़ सकता है? आइए डॉक्टर से ही जानते हैं कि बारिश के मौसम में एसी का इस्तेमाल करना फायदेमंद है या नहीं।

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Written By: Vidya Sharma | Published : July 14, 2026 6:52 PM IST

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Medically Verified By: Dr Tushar Tayal

मानसून के मौसम में कभी उमस भरी गर्मी लगने लगती है तो कभी बारिश की हवाएं ठंडक का अहसास कराती हैं। गर्मी के कारण और घर के अंदर ह्यूमिडिटी होने के कारण हम AC का इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि आजकल लोग अपनी हेल्थ को लेकर बहुत ही ज्यादा सतर्क रहने लगे हैं, ऐसे में उनके मन में यह सवाल आता है कि क्या ऐसे मौसम में एयर कंडिशनर की हवा लेना हेल्थ के लिए सही है या नहीं?

इस विषय पर सही जानकारी पाने के लिए हमने सी.के बिड़ला हॉस्पिटल, गुरुग्राम के एसोसिएट डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर तुषार तायल से बात की। उन्होंने बताया कि कई लोग मानते हैं कि मानसून में AC चलाने से सर्दी-जुकाम, गले में खराश या सांस संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं, जबकि कुछ लोग उमस से राहत पाने के लिए इसका नियमित उपयोग करते हैं। सच यह है कि बारिश के मौसम में AC चलाना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते उसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए।” वो सही तरीका क्या है? आइए आपको इस लेख में बताते हैं।

घर में फफूंद बढ़ने से रोक सकता है

डॉक्टर बताते हैं कि मानसून के दौरान वातावरण में नमी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर से पसीना आसानी से नहीं सूख पाता है, जिससे चिपचिपाहट, थकान और बेचैनी महसूस होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए लोग AC की ठंडी हवा से कमरों को ठंडा कर देते हैं। यह न सिर्फ शरीर की गर्मी को दूर करता है, बल्कि हवा में मौजूद एक्सट्रा मॉइस्चर को भी कम करने का काम करता है। इससे घर के अंदर फफूंद तथा धूल के कणों के बढ़ने की संभावना भी कम हो सकती है।

AC को सही तापमान में रखना बहुत जरूरी है

हर किसी का शरीर अलग-अलग तापमान में सहज होता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि AC को बहुत कम तापमान पर लगातार चलाया जाए। अगर कमरा बहुत ठंडा हो जाएगा तो शरीर को बार-बार टेम्परेचर बदलने से गले में सूखापन, नाक बंद होना, सिरदर्द या पहले से अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों में लक्षण बढ़ सकते हैं।

ठंडी हवा को रखें साफ

डॉक्टर बताते हैं कि AC की नियमित सफाई और सर्विसिंग करना एक बड़ा पहलू है। AC के फिल्टर और कॉइल लंबे समय तक साफ नहीं किए जाते, तो उनमें धूल, बैक्टीरिया, फफूंद और अन्य सूक्ष्मजीव जमा हो सकते हैं। ऐसे में जब आप एसी ऑन करते हैं तो यह पार्टिकल्स हवा में फैलकर एलर्जी, आंखों में जलन, छींक, खांसी और श्वसन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

वेंटिलेशन पर दे ध्यान

बारिश के मौसम में कमरों को पूरी तरह बंद रखना ठीक नहीं है। डॉक्टर तुषार कहते हैं कि इससे अंदर ही अंदर उमस और घुटन बढ़ सकती है। ऐसे में सुबह व दिन के समय आप घर की खिड़कियों को खोलकर रख सकते हैं और वेंटिलेट कर सकते हैं। ताकि ताजी हवा बनी रहे। वहीं अगर बाहर ज्यादा ही पॉल्यूशन या नमी है तो मौसम के अनुसार संतुलित निर्णय लेना चाहिए।

इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानियां

डॉक्टर सलाह देते हैं कि बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या क्रोनिक लंग डिजीज से पीड़ित लोगों को AC का उपयोग करते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचना चाहिए और कमरे के तापमान में अचानक बदलाव नहीं होने देना चाहिए।

WHO की 'हाउसिंग और हेल्थ गाइडलाइंस' के अनुसार WHO के अनुसार, ठंडे मौसम में रहने की जगह का न्यूनतम सुरक्षित इनडोर तापमान लगभग 18°C होना चाहिए। वहीं सामान्य परिस्थितियों में आराम और ऊर्जा दक्षता के लिए 24–26°C पर AC चलाना उपयुक्त माना जाता है।

डिस्क्लेमर: मानसून में AC चलाने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन अगर आप बार-बार इसका टेम्प्रेचर कम-ज्यादा करते रहेंगे या फिर समय-समय पर एसी की सफाई नहीं करेंगे तो रूम में फफूंद और डस्ट पार्टिकल फैल सकते हैं। इसलिए मानसून में एसी का इस्तेमाल करें, लेकिन अपनी सेहत का ख्याल भी रखें।